कोसीकलां। त्योहारी सीजन में चीनी की बढ़ती कीमतों के मद्देनजर प्रशासन ने जमाखोरी पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। मंगलवार को पूर्ति अधिकारी ने टीम के साथ थोक, फुटकर विक्रेताओं के गोदाम का औचक निरीक्षण किया। स्टॉक रजिस्टर जांचा। चीनी के कारोबारियों पर स्टॉक लिमिट लागू कर दी गई है। 30 नवंबर तक कोई भी डीलर चीनी की प्राप्ति की तारीख से 30 दिन से अधिक समय तक उसका भंडारण नहीं कर सकेगा। किसी भी समय किसी भी स्थान पर 4,000 क्विंटल से अधिक चीनी का स्टॉक नहीं रखा जा सकेगा। पूर्ति अधिकारी मोहन प्रकाश उपाध्याय, मार्केटिंग इंस्पेक्टर विजय कुमार ने मंडी अधिकारियों को साथ लेकर मंगलवार को चीनी व्यापारियों के यहां स्टॉक चेक किया। चेकिंग के दौरान सभी चीनी डीलरों को खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण कराकर अपने स्टॉक की स्थिति घोषित करनी होगी। स्टॉक की जानकारी प्रत्येक शुक्रवार को नियमित रूप से अपडेट करनी होगी। स्टॉक लिमिट सरकार के खाते पर लागू नहीं होगी। इसी तरह राज्य सरकार की ओर से नामित डीलरों या अधिकृत अधिकारियों के माध्यम से सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत उचित दर दुकानों पर वितरण के लिए रखे गए स्टॉक पर यह व्यवस्था लागू नहीं होगी। राहत की बात यह रही कि सभी फर्मों का वास्तविक भौतिक स्टॉक उनके कागजी अभिलेखों से पूरी तरह मेल खाता मिला। किसी भी गोदाम में न तो निर्धारित सीमा से अधिक चीनी मिली और न ही रिकॉर्ड में कोई अनियमितता पाई गई। पूर्ति अधिकारी ने स्पष्ट किया कि त्योहारी सीजन के दौरान बाजार में चीनी की सुचारु उपलब्धता और कीमतों पर पैनी नजर रखी जाएगी। यदि भविष्य में जमाखोरी या स्टॉक सीमा के उल्लंघन की कोई भी शिकायत मिलती है, तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।