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हनुमान जयंती पर नौकरी प्राप्ति, आर्थिक उन्नत्ति, राजनीतिक सफलता एवं शत्रुनाशक हनुमंत अनुष्ठान - 8 अप्रैल 2020
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यूपी में कोरोना से तीसरी मौत, शामली में 5 और मैनपुरी-औरेया में मिले 3-3 कोरोना पॉजिटिव

उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। तब्लीगी जमात में शामिल हुए लोगों के कारण संक्रमण का आंकड़ा और भी तेजी से बढ़ा है।

5 अप्रैल 2020

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बदायूं

सोमवार, 6 अप्रैल 2020

भूसा बेचने जा रहे किसानों को सिपाहियों ने पीटा, रुपये वसूलने का आरोप

आसफपुर। कुछ पुलिसकर्मी कोरोना के खतरे के बीच लागू लॉकडाउन में भी ऊपरी कमाई से नहीं चूक रहे हैं। शनिवार सुबह बिसौली में आंवला स्टैंड पर दो सिपाहियों ने भूसा भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली को रोक लिया। भूसा बेचने वाले को लॉकडाउन का हवाला लेकर कार्रवाई की चेतावनी दी। आरोप है कि सिपाहियों ने किसानों को पीटा और 500 रुपये वसूल लिए। डेयरी संचालक की शिकायत पर सीओ राघवेंद्र सिंह ने जांच कराकर कार्रवाई का भरोसा दिया है।
फैजगंज बेहटा थाने के कस्बा आसफपुर में पवन मिश्रा डेयरी चलाते हैं। उनके यहां भूसा खत्म हो गया था। पवन मिश्रा ने सहसवान के गांव बधाई में एक ट्रॉली भूसा तय किया। बधाई गांव के किसान पूरन और दिनेश शनिवार सुबह ट्रैक्टर-ट्रॉली में भूसा भरकर आसफपुर जा रहे थे। सुबह करीब छह बजे आंवला स्टैंड के पास दो सिपाहियों ने ट्रैक्टर-ट्रॉली रोक लिया। किसानों को लॉकडाउन का हवाला लेकर कार्रवाई की बात कही और 500 रुपये मांगे। किसानों के मना करने पर उनको पीट दिया। रुपये वसूलने के बाद ही ट्रैक्टर-ट्रॉली को आगे जाने दिया। आसफपुर पहुंचने पर दिनेश और पूरन ने पूरी बात डेयरी संचालक पवन मिश्रा को बताई। उन्होंने सूचना सीओ बिसौली राघवेंद्र सिंह को दी। सीओ का कहना है कि मामला जानकारी में है। जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
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राशन की कालाबाजारी करने वाले कोटेदार को जेल

मूसाझाग (बदायूं)। गांव मौसमपुर के कोटेदार को राशन की कालाबाजारी करना मंहगा पड़ गया। पुलिस ने उसके साथी समेत कोटेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। शनिवार सुबह पुलिस ने उसे जेल भेज दिया। जबकि साथी को पुलिस तलाश कर रही है।
समरेर ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम मौसमपुर निवासी राशन विक्रेता दनकू सिंह और उसका सहयोगी मनोज दो अप्रैल को राशन वितरण कर रहे थे। उसी दौरान ग्रामीणों ने उन पर घटतौली और मनरेगा मजदूरों को मुफ्त राशन देने की बजाय रुपये लेने का आरोप लगाते हुए प्रशासनिक अधिकारियों को सूचना दे दी। एसडीएम कुंवर बहादुर सिंह के आदेश पर सप्लाई इंस्पेक्टर राजेश कुमार गांव पहुंचेेे और मामले की जांच की। गांव के रफीक, मुन्नी देवी, भूरी देवी, नगीना बी, निहालुद्दीन, रहमान, शशाद, नसीब बानो और शमसा बेगम आदि ने बताया कि अंत्योदय राशन कार्ड पर 35 किलो राशन देने की बजाय उन्हें तीस किलो राशन दिया गया। मनरेगा मजदूरों से पैसे भी लिए गए। सप्लाई इंस्पेक्टर ने एसडीएम को अपनी जांच रिपोर्ट सौंपी। जिस पर एसडीएम ने कोटेदार दनकू सिंह और मनोज के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए। शुक्रवार रात पुलिस ने सप्लाई इंस्पेक्टर की तहरीर पर एफआईआर दर्ज कर ली। एसओ ललित भाटी ने बताया कि शनिवार को पुलिस ने कोटेदार दनकू सिंह को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। उसके साथी मनोज की तलाश चल रही है।
कोटेदार के खिलाफ एफआईआर
बदायूं। अलापुर क्षेत्र के कस्बा ककराला में राशन की कालाबाजारी करने वाले कोटेदार मोहम्मद सादाव के खिलाफ पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है। पूर्ति निरीक्षक धीरज का आरोप है कि मोहम्मद सादाव मनरेगा मजदूरों से रुपये लेकर राशन दे रहा था। उसने अंत्योदय कार्ड पर भी पैसे लेकर राशन दिया था। इसकी शिकायत पर पूर्ति निरीक्षक ने कोटेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी है। कोटेदार को अभी जेल नहीं भेजा गया है। संवाद
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जमातियों के संपर्क में आए युवक का ब्लड सैंपल जांच को भेजा

उझानी (बदायूं)। दिल्ली में जमातियों के संपर्क में आए उझानी के एक युवक का ब्लड सैंपल लेकर जांच को भेजा गया है। उसे जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है।
उझानी के गद्दी टोला मोहल्ला निवासी युवक फरवरी में दिल्ली अपनी रिश्तेदारी में गया था। दिल्ली में उसकी मुलाकात मरकज की जमात में शामिल हुए लोगों से हुई थी। इसका पता लगने पर शुक्रवार रात स्वास्थ्य विभाग की टीम युवक को उझानी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गई। हालांकि युवक का स्वास्थ्य परीक्षण करने पर कोरोना के कोई लक्षण नहीं मिले। फिर ीाी जांच की प्रक्रिया पूरी होने तक उसे जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर लिया गया है। शनिवार को युवक का ब्लड सैंपल जांच के लिए भेज दिया गया।
उझानी क्षेत्र में लौटे 67 लोग क्वारंटीन
उझानी। बाहरी राज्यों से कोतवाली क्षेत्र के गांवों में लोगों के लौटने का सिलसिला शनिवार को भी जारी रहा। इनमें गांव बरसुआ में 45, मानकपुर में 12, पलिया पुख्ता में छह, छतुइया और कछला में दो-दो लोग शामिल हैं। सभी लोगों को गांवों में ही बने सेंटरों पर क्वारंटीन कर दिया गया है। दोपहर में डॉक्टरों की टीम ने सभी की प्राथमिक जांच की। संवाद
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लॉकडाउन तोड़ने पर सात गिरफ्तार, जेल भेजा

बदायूं। लॉकडाउन के चलते पिछले दिनों की अपेक्षा रविवार को सड़कों पर ज्यादा सुनसान रही। शहर में एक- दो मेडिकल स्टोर खुले रहे। गलियां भी सुनसान पड़ी रहीं। हालांकि देहात में कुछ लोगों ने लॉकडाउन तोड़ने की कोशिश की। देहात के तीन थाना क्षेत्रों में सात लोग पकड़े गए। पुलिस ने उन्हें जेल भेज दिया है।
सहसवान कोतवाली क्षेत्र में रविवार को पेट्रोलिंग के दौरान चार लोग लॉकडाउन तोड़ते पकड़े गए। पुलिस ने चौधरी मोहल्ला निवासी राशिद पुत्र ताहिर, नसरुल्लागंज मोहल्ला निवासी शकील पुत्र रसीद, मिर्जा सोराब मोहल्ला निवासी दिनेश पुत्र रमेश और रुस्तम टोला निवासी शाहिद पुत्र हरचंद गिरफ्तार किया। पुलिस ने चारो लोगों के खिलाफ धारा 188, 269, 270 271 के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है। जरीफनगर पुलिस ने भोजीपुरा पावई निवासी कर्रू पुत्र मुलायम सिंह और नाधा निवासी नरेंद्र यादव पुत्र बल्लू उर्फ बलवीर सिंह को गिरफ्तार किया है। दो बाइकों का चालान किया गया और 15 सौ रुपये का समन शुल्क वसूला है।
इधर, फैजगंज बेहटा पुलिस ने रविवार दोपहर न्याज मोहम्मद इंटर कॉलेज भूड़ बिसौली के पास से एक व्यक्ति को दबोच लिया। उसने पूछताछ में अपना नाम भूड़ बिसौली निवासी लईक पुत्र इस्माइल बताया। पुलिस ने उससे पूछा भी था कि वह सड़क पर क्यों घूम रहा है और घर से बाहर क्यों निकला था लेकिन वह पुलिस को कोई जबाब नहीं दे सका। इससे पुलिस ने उसके खिलाफ धारा 188, 269 के तहत एफआईआर दर्ज कर ली। दोपहर बाद पुलिस ने लॉकडाउन तोड़ने वालों को जेल भेज दिया।
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रमजानपुर में कोटेदार के खिलाफ गरजीं महिलाएं, किया प्रदर्शन

कादरचौक (बदायूं)। देश में कोरोना का खौफ बढ़ता जा रहा है। सरकार की पूरी कोशिश है कि लॉकडाउन के दौरान किसी को खाने पीने की दिक्कत न हो। इसके लिए कोटेदारों को वितरण के लिए अतिरिक्त राशन दिया गया है। बावजूद इसके कोटेदार घपलेबाजी से बाज नहीं आ रहे हैं। कादरचौक ब्लाक क्षेत्र के ग्राम रमजानपुर में रविवार को गांव की महिलाओं ने कोटेदार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन कर दिया। लोगों आरोप है कि कोटेदार राशन वितरण नहीं कर रहा है, जिससे लोग परेशान हैं।
रविवार सुबह रमजानपुर के दर्जनों लोग कोटेदार की दुकान पर राशन लेने पहुंचे। आरोप हे कि दोपहर तक लाइन में खड़े रहने के बावजूद कोटेदार ने राशन नहीं दिया। इस दौरान कोटेदार मशीन खराब होने का बहाना बनाता रहा। इस पर गुस्साई महिलाओं ने कोटेदार के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया। इसका पता लगने पर कादरचोक थाना पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने भीड़ जमा देख लोगों को फटकार कर घर भेज दिया। प्रदर्शन करने वालों में दिलवरी, मुन्नी, गुड़िया, राजबानो, चांदतारा, तहजीब, फात्मा, सबाना बेगम, ममता आदि रहीं। उन्होंने बताया कि वे पांच दिनों से रोजाना चक्कर लगा रही हैं, लेकिन कोटेदार मशीन में तकनीकी खराबी बताकर राशन नहीं दे रहा है।
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संपत्ति विवाद के चलते देवर और भाभी ने की जान देने की कोशिश

बदायूं। संपत्ति विवाद के चलते सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के मोहल्ला प्रेम नगर में पहले देवर और फिर भाभी ने फंदा लगाकर जान देने की कोशिश की। गनीमत यह रही कि समय रहते परिजनों ने उन्हें देख लिया और उनकी जान बच गई। परिजन दोनों को बरेली ले गए हैं।
मोहल्ला प्रेमनगर निवासी दो भाइयों में संपत्ति विवाद चल रहा है। बताया गया कि एक भाई के पास उसकी मां व छोटी बहन रहती है। दोनों भाई शादीशुदा हैं और उनमें बंटवारे को लेकर विवाद चल रहा है। पड़ोसियों के अनुसार रविवार को दोनों भाइयों में कुछ विवाद हो गया था, जिसके बाद दिन में छोटे भाई ने घर में फंदा लगा लिया। उसकी चीख सुनकर परिजन वहां आ गए और उन्होंने उसे फंदे से नीचे उतार लिया। इसके बाद परिजन उसे बरेली ले गए। वहीं शाम को बड़े भाई की पत्नी ने भी फंदा लगाकर जान देने की कोशिश की और उसे भी परिजनों ने बचा लिया। परिजन उसे भी गंभीर हालत में बरेली ले गए। देवर-भाभी का बरेली के किसी निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। इधर, सिविल लाइन चौकी इंचार्ज शैलेंद्र सिंह ने बताया कि मामले की जानकारी होने पर वह उन लोगों के घर गए थे परंतु वहां कोई नहीं मिला। पड़ोसियों ने इसकी सूचना दी थी। उनके अनुसार मामला संपत्ति विवाद का बताया जा रहा है।
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कोरोना से जंग में जुटे पुलिस कर्मियों का पुष्प वर्षा कर किया स्वागत

अलापुर। देश के कई हिस्सों में जहां कोरोना योद्धाओं पर पथराव जैसी घटनाएं हो रही हैं, वहीं यहां अलापुर कस्बा के बार्ड नंबर पांच के वाशिंदों ने रविवार को पुलिस कर्मियों का घरों की छतों से फूलों की बरसाकर स्वागत किया।
लॉकडाउन के दौरान पुलिसकर्मी 24 घंटे ड्यूटी करने में लगे हैं। आम लोग सुरक्षित रहें इसके लिए सबसे घरों के अंदर रहने की अपील कर रहे हैँ। बेहद जरूरी काम होने पर लोगों को घरों से निकलने दिया जा रहा है। अलापुर प्रभारी निरीक्षक केजी शर्मा रविवार को फोर्स के साथ इलाके में भ्रमण करने निकले। इस दौरान वह वार्ड नंबर पांच में पहुंचे। यहां हिंदू और मुस्लिमों ने घरों की छतों से पुष्प वर्षा कर पुलिस कर्मियों का स्वागत किया। प्रभारी निरीक्षक ने कहा कि पुलिस आम लोगों को कोरोना के संक्रमण से सुरक्षित रखने के लिए लोगों पर घर में रहने का दबाव बना रही है। किसी को खाने पीने के सामान की दिक्कत नहीं होगी। पुलिस कर्मियों का पुष्प वर्षा का सम्मान करने वालों में काजी शब्बू, काजी तारिक हुसैन, नजमुल ठेकेदार, काजी शीलू, आशू खान, ग्यास उद्दीन, काजी शीबू आदि का सहयोग रहा।
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उसावां ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ फेसबुक पर आपत्तिजनक टिप्पणी, एफआईआर दर्ज

बदायूं। लॉकडाउन के दौरान सिविल लाइंस और उसहैत इलाके के लोगों ने फेसबुक पर उसावां ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी पोस्ट की। उनके बारे में झूठी और भ्रामक बातें लिखीं गईं, जिस पर ब्लॉक प्रमुख ने दोनों लोगों के खिलाफ तहरीर दी है। इसमें सिविल लाइंस पुलिस ने एक व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। जबकि दूसरे व्यक्ति के खिलाफ उसहैत पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की है।
उसावां ब्लॉक प्रमुख राजेश कुमार गुप्ता के मुताबिक जब से लॉकडाउन लागू हुआ है तब से वह अपने परिवार समेत आवास विकास कॉलोनी स्थित अपने घर में रह रहे हैं। बावजूद बावजूद दो लोगों ने उनके खिलाफ फेसबुक पर आपत्तिजनक टिप्पणी डाल दी। उनका आरोप है कि पंजाबी क्वाटर्स निवासी सचिन सिंह पुत्र राजेश्वर सिंह ने अपनी फेसबुक आईडी पर लिखा है कि ‘उसावां ब्लॉक प्रमुख को लॉकडाउन तोड़ना और पुलिस से बहस करना पड़ा भारी। मार पीटकर किया चालान, भेजा जेल’। जबकि उसहैत थाना क्षेत्र के ग्राम सथरा निवासी युवक ने लिखा कि ‘आखिरकार राजेश गुप्ता ब्लॉक प्रमुख उसावां हिस्ट्रीशीटर 66 ए उसहैत थाने में सलाखों के पीछे, जनता कर्फ्यू के दौरान पुलिस और पीएसी से हुई नोकझोंक के चलते नाजायज असलहों व गाड़ी के साथ धर दबोचे, लात जूतों के साथ स्वागत कर किया जेल में बंद, दाहिने हाथ में चोट आई है और जेल जाते वक्त रो पड़े’। उसावां ब्लॉक प्रमुख का आरोप है कि फेसबुक भ्रामक पोस्ट डालकर उनकी छवि को खराब करने की कोशिश की गई है। उन्हें इससे काफी पीड़ा पहुंची है। जबकि लॉकडाउन लागू होने के बाद से वह अपने घर में है। इसके बावजूद उनके खिलाफ झूठी पोस्ट डाली गईं। उन्होंने दोनों लोगों के खिलाफ संबंधित थानों में तहरीर दी थी। जिस पर सिविल लाइंस पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। जबकि उसहैत पुलिस ने अभी रिपोर्ट नहीं लिखी है।
उसावां ब्लॉक प्रमुख ने एक व्यक्ति के खिलाफ तहरीर दी थी थी। जिस पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। बाकी मामले की जांच कराई जा रही है। जांच में जो सच्चाई निकलकर आएगी। उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी। - ओपी गौतम, इंस्पेक्टर सिविल लाइंस
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कोरोना के अंधेरे से जंग, घर-घर दीपक जलाकर दिया एकजुटता का संदेश

बदायूं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को रात नौ बजे और नौ मिनट तक घरों की बिजली बंद करके घर में बॉलकानी और दरवाजे पर दीपक, मोमबत्ती, टॉर्च की लाइट जलाने का आह्वान किया था। प्रधानमंत्री के इस आह्वान पर रविवार को लोग एकजुट खड़े दिखे। रात नौ बजते ही पूरा शहर दीपों और मोमबत्तियों से जगमगा उठा। सभी घरों में एक साथ मोमबत्तियां जलने से अप्रैल में दिवाली नजर आई।
प्रधानमंत्री के आह्वान पर रविवार को लोगों ने कोरोना के खिलाफ जंग में एकजुटता का परिचय दिया। शहर से लेकर देहात तक रात नौ बजे लोगों ने अपने घरों की बिजली बंद करके दीपक, मोमबत्ती और टॉर्च आदि जलाई। रविवार को दिन में मिट्टी के दीपकों की खूब बिक्री हुई। कई गांवों में तो ग्राम प्रधानों ने ग्रामीणों को मिट्टी के दिये वितरित किए थे। लोगों ने कोरोना के खिलाफ चल रही लड़ाई में एकजुट होने संदेश दिया और अपने घरों के दरवाजों पर दीप श्रंखला सजाई। अधिकांश लोगों ने दिवाली की तहर अपने घरों को दीपक और मोमबत्ती से जगमगा दिया। तमाम लोगों ने मिट्टी के बजाय आटे के दीपक बनाकर जलाए। लॉकडाउन के दौरान प्रशासन ने रविवार को कुछ घंटे दुकानें खोलने की छूट दी है। किराना व्यापारी ईशू रस्तोगी ने बताया कि सुबह और शाम दोनों समय दुकान खोलने पर रविवार को मोमबत्ती की काफी बिक्री हुई।
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जिला जेल के बंदी की इलाज के दौरान मौत

कोरोना : संकट में दिखा एकजुटता का संकल्प, घर घर जले दीये... मानो आ गई दिवाली

बदायूं। यह उस एकजुटता, हौसले और संकल्प की रोशनी थी, जिसने सभी देशवासियों को यह एहसास करा दिया कि कितने से कितना बड़ा भी संकट आ जाए मगर देशवासी अकेले नहीं हैं। दीयों की रोशनी से जगमगाते घरों के दरवाजे, छत और बालकनी यह एहसास दिलाने के लिए काफी थे, कि जब जब इस देश पर संकट रूपी अंधकार छाएगा तो सारा देश एकजुट होकर उसका सामना करेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आव्हान पर रविवार को मानो अप्रैल में ही देशवासियों ने दीपावली मना ली। नौ बजते ही पूरा जिला न केवल घंटा और शंख की ध्वनि से गूंज उठा बल्कि हर घर के बाहर और छत पर दीपों की पंक्तियां जगमग हो उठीं। प्रधानमंत्री के रविवार को रात नौ बजे नौ मिनट के लिए घरों की लाइट बंद कर दीपक, मोमबत्ती, टॉर्च जलाने के आह्वान के साथ लोग एकजुट होकर खड़े दिखे। इससे पहले 22 मार्च को घरों के दरवाजे, बालकनी में खड़े होकर ताली, थाली बजाने का आह्वान पर भी लोग कोरोना के खिलाफ जंग में प्रधानमंत्री के साथ खड़े दिखे थे। प्रधानमंत्री के आह्वान पर रविवार को लोगों ने कोरोना के अंधेरे के खिलाफ जंग में एकजुटता का परिचय दिया। शहर समेत देहात में भी रात नौ बजते ही लोगों ने अपने घरों और बालकनी पर दिए और मोमबत्ती जला दिए। यह नजारा ऐसा था कि मानो अप्रैल में ही दीपावली का त्यौहार आ गया हो। हर गली और घर दीपक और मोमबत्ती की रोशनी से जगमग हो गया था। छतों पर तो दीपावली का ही भ्रम हो रहा था। रही सही कसर पटाखों और आतिशबाजी ने पूरी कर दी। लोगों ने घंटा और शंख भी बजाए और कोरोना के संकट के सामने अपनी एकजुटता एहसास दिलाया। देहात में भी दीपावली जैसा नजारा रहा। बिसौली, सहसवान, दबतोरी, उसावा आदि क्षेत्रों में भी दीपों की रोशनी की गई। ... और पढ़ें

युवा मंच ने जरूरतमंदों को बांटी राहत सामग्री

बदायूं। कोरोना के कहर के कारण चल रहे लॉक डाउन में कुछ परिवार ऐसे भी हैं जिनकी रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। रोज कमाने और खाने वाले यह परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। ऐसे परिवारों को अमर उजाला फाउंडेशन के बैनर तले मदद देने का सिलसिला जारी है। रविवार को युवा मंच द्वारा ऐसे जरूरतमंद परिवारों को राहत सामग्री उपलब्ध कराई गई। इस समय कोरोना के संकट को लेकर हर कोई डरा हुआ है। लॉकडाउन के कारण तमाम परिवार रोजी रोटी को लेकर संकट में आ गए हैं। रोज कमाकर रोज खाने वाले यह परिवार इस समय विषम परिस्थितियों से जूझ रहे हैं। परिवार के मुखिया के किसी काम पर न जान पाने के कारण रोजमर्रा की चीजों की भी दिक्कत होने लगी है। अमर उजाला फाउंडेशन ऐसे परिवारों की मदद के लिए आगे आया है। जिला प्रशासन और स्वयंसेवी संस्थाओं की मदद से फाउंडेशन लगातार इन परिवारों को राहत सामग्री उपलब्ध करवा रहा है। रविवार को युवा मंच के संस्थापक ध्रुवदेव गुप्ता के नेतृत्व में नेकपुर और गांधीनगर में जरूरतमंद परिवारों को राहत सामग्री का वितरण किया गया। इस मौके पर श्री गुप्ता ने कहा कि उनका संगठन लगातार आगे भी जरूरतमंद परिवारों की मदद करता रहेगा तथा उनके लिए जनसहयोग से सामग्री जुटाएगा। ... और पढ़ें

बदायूं : उझानी में बुखार समेत दिमागी बीमारी से दो बालिकाओं की मौत

बदायूं। कोरोना को लेकर दहशत के माहौल के बीच उझानी में किशोरी समेत दो बालिकाओं की मौत पर पड़ोसियों की सूचना ने स्वास्थ्य कर्मियों के हाथ-पैर फुला दिए। पुलिस कर्मियों के साथ स्वास्थ्य विभाग की टीम दोनों ही स्थानों पर पहुंची तो एक की मौत की वजह दिमागी बीमारी से सामने आई। वहीं दूसरी को बुखार आने पर खसरा के लक्षण दिखे थे। डॉक्टरों की टीम ने मृत दोनों बालिकाओं के घरवालों से भी जानकारी की। फिर भी दोनों के परिजनों का प्राइमरी चेकअप भी किया लेकिन सभी पूरी तरह स्वस्थ हैं। पहला मामला ब्लॉक क्षेत्र के गांव ज्योरा पारवाला का है। गांव के सतीश की नौ वर्षीय बेटी हेमलता को पिछले महीने की शुरुआत में बुखार ने चपेट में ले लिया था। घरवाले उसे लेकर दिल्ली के प्राइवेट अस्पताल में भी गए। बुखार तो ठीक हो गया लेकिन घर लौटने के बाद हेमलता के शरीर में खसरा के लक्षण नजर आने पर परिजनों ने देसी इलाज कराया। शनिवार शाम करीब पांच बजे हेमलता की मौत हो गई। पड़ोस के व्यक्ति कोरोना का शक जताकर चिकित्साधीक्षक को फोन पर बुताया तो उन्होंने पुलिस के साथ डॉक्टरों की टीम को भेज दिया। डॉक्टरों ने सतीश के परिवार के नौ सदस्यों को प्राइमरी चेकअप भी किया लेकिन किसी ने कोरोना को कोई लक्षण नजर नहीं आया। इसके अलावा अयोध्यागंज मोहल्ले के मुहम्मद उमर की बेटी हुमा (16) की रविवार सुबह में बीमारी के चलते मौत हो गई। चिकित्साधीक्षक को हुमा के बारे में कोरोना के शक की शिकायत की गई। चिकित्साधीक्षक डॉ. सुयश दीक्षित ने बताया कि हुमा के घरवालों से जानकारी करने पर पता लगा है कि वह दिमागी बीमारी से ग्रस्त थी। उसका राजकीय मेडिकल कॉलेज और बरेली के निजी अस्पताल में भी इलाज चला लेकिन कई दिनों से घरवाले उसे घर पर ही दवाएं मुहैया करा रहे थे। चिकित्साधीक्षक उमर के घर पहुंचे तो रिश्तेदारों समेत आठ लोग मिले। सभी का चेकअप कर लिया गया है। चिकित्साधीक्षक की मानें तो दोनों के परिजन डॉक्टरों के टीम के पहुंचने से पहले ही अंतिम संस्कार कर चुके थे। दवाओं के पर्चे देखकर डॉक्टर हुए संतुष्ट उझानी। बालिका हुमा और हेमलता की बीमारी के चलते मौत की हकीकत तक पहुंचने के लिए डॉक्टरों ने उनके इलाज से जुड़े पर्चे भी देखे। हुमा के परिजनों ने राजकीय मेडिकल कॉलेज तो ज्योरा पारवाला के सतीश ने दिल्ली में हुए बेटी के इलाज की पर्चियां पेश कर दीं। चिकित्साधीक्षक ने बताया कि दोनों मृत बालिकाओं के पड़ोसी हकीकत से वाकिफ थे लेकिन उन्होंने शक होने पर ही फोन कर दिए थे। ... और पढ़ें
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