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कै. मनोज पांडेय की बातों ने सौमित्र को शहीदों के हक की लड़ाई लड़ने के लिए किया प्रेरित, जानें पूरा वाक्या

सरहदों की रक्षा करते हुए शहीद होने वाले जांबाजों के परिजनों के हकों की लड़ाई पिछले पंद्रह वर्षों से बदस्तूर जारी है। पेंशन से लेकर उन्हें मिलने वाली स...

14 अगस्त 2019

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लखनऊ

रविवार, 25 अगस्त 2019

हेलो राइड कंपनी पर 63 लोगों ने सवा करोड़ रुपये ठगने का किया केस

अब हेलो राइड कंपनी के अफसरों पर 63 लोगों से सवा करोड़ हड़पने का केस
विभूतिखंड थाने में बाइक किराये पर चलाने का झांसा देकर ठगी करने की आरोपी हेलो राइड कंपनी के चेयरमैन अभय कुमार कुशवाहा समेत अन्य अधिकारियों के खिलाफ 63 लोगों ने 197 बाइक के नाम पर करीब सवा करोड़ रुपये ठगने का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया है।
इंस्पेक्टर राजीव द्विवेदी ने बताया कि दो अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं जबकि कई पीड़ितों ने अलग से तहरीर दी है।
इंस्पेक्टर ने बताया कि सदर कैंट के राघवेंद्र यादव की तरफ से दर्ज मुकदमे में 51 पीड़ित शामिल हैं।
राघवेंद्र ने सोशल मीडिया से जानकारी पाकर कंपनी के साइबर हाइट्स टॉवर स्थित ऑफिस जाकर चेयरमैन अभय कुमार कुशवाहा, डायरेक्टर नीलम वर्मा, निखिल कुशवाहा से मुलाकात की थी।
अधिकारियों ने किराये पर बाइक चलवाकर मोटा मुनाफा कमाने का झांसा दिया। उसने कहा कि एक बाइक किराये पर चलवाने के लिए 61 हजार रुपये कंपनी को देने होंगे।
जिसके बदले एक साल तक हर महीने 9585 रुपये का भुगतान किया जाएगा। राघवेंद्र व उनके साथ 50 अन्य लोगों ने कुल 127 बाइक चलवाने के लिए रुपया दिया।
हालांकि, कुछ लोगों को छोड़कर शेष को प्रति महीने मिलने वाली मुनाफे की रकम नहीं दी गई। बाद में अभय कुमार कुशवाहा और उसके साथी कर्मचारी ऑफिस बंद करके भाग गए।
इसी तरह रायबरेली रोड पीजीआई स्थित रॉयल कॉलोनी निवासी उमेश कुमार सिंह, शांति सिंह, चंद्रभान सिंह, चंद्रशेखर सिंह, रत्ना सिंह, रवींद्र नाथ समेत 12 लोगों ने हेलो राइड कंपनी के चेयरमैन अभय कुमार कुशवाहा, डायरेक्टर नीलम वर्मा, राजेश पांडेय, शकील अहमद के खिलाफ 43 लाख रुपये ठगने का केस दर्ज कराया है।
पीड़ितों ने बताया कि सीतापुर के सानू सिंह उर्फ अरुण, बाराबंकी के रामनगर निवासी नीरज सिंह, गोंडा के मोनू सिंह के माध्यम से कंपनी के चेयरमैन व निदेशकों से जुलाई 2018 में मुलाकात की थी।
अभय की बातों के जाल में फंसकर उन्होंने रुपया लगा दिया। बाद में ठगी का अहसास हुआ लेकिन तब तक कंपनी संचालक भाग चुके थे।
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नौकरी का झांसा दे युवाओं से करोड़ो की ठगी

नौकरी का झांसा देकर 3500 युवाओं से करोड़ों ठगने वाले दो शातिर दबोचे गए
महानगर के बादशाहनगर में मेट्रो सिटी सिक्योरिटी सर्विसेज नाम से कंपनी खोलकर करोड़ों रुपये ठगने के आरोपी ठाकुरगंज निवासी पंकज यादव और मड़ियांव के राजकुमार उर्फ राजू पासवान को एसटीएफ ने बृहस्पतिवार रात गिरफ्तार कर लिया।
दोनों पर 3500 युवाओं को नौकरी का झांसा देकर रुपये ऐंठने का आरोप है। बीते दिनों ठगी के शिकार 20-25 युवाओं की शिकायत पर एसटीएफ ने यह कार्रवाई की।
ठगों के पास से लैपटॉप, प्रिंटर, मेट्रो सिटी सिक्योरिटी सर्विसेज के 55 पहचान पत्र, बेरोजगारों के नाम व मोबाइल नंबर लिखे 10 रजिस्टर, 2200 युवाओं के बायोडाटा समेत कई दस्तावेज जब्त किए गए हैं।
ठगों के खिलाफ महानगर कोतवाली में केस दर्ज कराया गया है। पीड़ितों ने बताया कि ठगी के आरोपी कंपनी बंद करके भागने की फिराक में थे।
एसटीएफ के एएसपी विशाल विक्रम सिंह ने बताया कि मेट्रो सिटी सिक्योरिटी सर्विसेज कंपनी का दफ्तर बादशाहनगर मेट्रो स्टेशन के पास स्थित यश सिल्वर हाइट्स के फ्लैट नंबर 203 में चल रहा था।
कंपनी संचालक पंकज मूलरूप से अंबेडकरनगर के जलालपुर का रहने वाला है और ठाकुरगंज के मुफ्तीगंज में रह रहा था।
राजकुमार उर्फ राजू पासवान कुशीनगर के हनुमानगंज दरगौली का रहने वाला है है और यहां मड़ियांव के भिठौली चौराहा रायपुर में रह रहा था।
दोनों ठगों ने मेट्रो सिटी सिक्योरिटी डॉट इन नाम से वेबसाइट बनाई थी। इस वेबसाइट से दोनों बेरोजगार युवाओं को नौकरी का झांसा देते थे।
युवक वेबसाइट के जरिए ठगों से संपर्क करते तो उन्हें विभिन्न कंपनियों में सिक्योरिटी गार्ड, बाउंसर, सुपरवाइजर, टेलीकॉलर और मानव संसाधन जैसे पदों पर नौकरी का ऑफर दिया जाता।
युवाओं से रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर 400 रुपये और सिक्योरिटी मनी के रूप में पदों के अनुसार दो से तीन हजार रुपये जमा कराए जाते थे।
एसटीएफ के अधिकारियों ने बताया कि ट्रेनिंग के दौरान युवाओं को 25 और बेरोजगार लोगों को कंपनी से जोड़ने का लक्ष्य दिया जाता था।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नए सिरे से तय किए अपने कार्यालय के दिवस प्रभारी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने दो सचिव व एक विशेष सचिव की विदाई के बाद नए सिरे से अपनी ऑफिस के लिए दिवस प्रभारी नामित किए हैं। प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एसपी गोयल पहले की तरह मंगलवार को जनप्रतिनिधियों व मुलाकातियों से मिलने के लिए उपलब्ध रहेंगे।

मुख्यमंत्री के सचिव मृत्युंजय कुमार नारायण केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जा चुके हैं। दूसरे सचिव मनीष चौहान को सरकार ने गन्ना आयुक्त बनाकर भेज दिया। एक विशेष सचिव डॉ. आदर्श सिंह बाराबंकी के डीएम बनाए जा चुके हैं। ये तीनों अधिकारी मुख्यमंत्री कार्यालय के किसी न किसी दिन के प्रभारी नामित थे।

सांसद, विधायक व अन्य जनप्रतिनिधि या सामान्य लोग तय दिनों में दिवस प्रभारी के रूप में नामित अधिकारियों से मिलकर अपनी पीड़ा साझा कर सकते हैं। इन अधिकारियों के चले जाने से मुख्यमंत्री कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों के पास मुलाकातियों से मिलने के लिए समय देना संभव नहीं हो पा रहा था। जनप्रतिनिधियों को भी दिक्कतें होने लगी थीं।

अटकलें थीं कि जल्दी ही मुख्यमंत्री कार्यालय के काफी समय से रिक्त चल रहे वरिष्ठ अफसरों के पदों को भर दिया जाएगा। लेकिन ऐसा नहीं हो सका। कार्यरत अधिकारियों को ही दिवस अधिकारी के रूप में नामित कर दिया गया है।
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भाजपा की नजर सियासी बागवानी पर, मंत्रिमंडल विस्तार के सहारे एक साथ कई संदेशों पर काम

मंत्रिमंडल के सहारे भाजपा की तैयारी सिर्फ 2022 का चुनाव ही नहीं, बल्कि सियासी बागवानी की भी है। पार्टी ने इस अकेले काम के सहारे कई संदेश देने की कोशिश की है। सहयोगियों को भी संदेश दिया कि सियासी दोस्ती का मतलब दबाब और लेनदेन की राजनीति नहीं है, ऐसा करोगे तो कुछ नहीं मिलेगा। पार्टी के पास कार्यकर्ताओं की कमी नहीं है।

कार्यकर्ताओं को भी यह संदेश दिया कि काम करने वालों को आगे बढ़ने के लिए परेशान होने की जरूरत नहीं है। ईमानदारी से संगठन के प्रति निष्ठा और समर्पण रहेगा तो इनाम जरूर मिलेगा।

करीब 28 माह के इंतजार के बाद योगी सरकार के पहले मंत्रिमंडल विस्तार में शामिल चेहरों और शपथ ग्रहण के बाद मुख्यमंत्री की तरफ से मंत्रियों को चाल और चरित्र  को लेकर दी गई नसीहतों से यह स्पष्ट भी हो गया है। यह बात भी साफ हो गई कि विस्तार से पहले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, मुख्यमंत्री और भाजपा नेतृत्व को मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने वाले चेहरों को लेकर लंबा क्यों मनन-मंथन करना पड़ा।
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विधानसभा चुनाव से पहले हरियाणा यूपी से हल करना चाहता है सीमा विवाद

हरियाणा की भाजपा सरकार विधानसभा के आगामी चुनाव में जनता के बीच जाने से पहले यूपी से सीमा व भूमि विवाद का समाधान करने की कोशिश में जुट गई है। हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर ने इस संबंध में यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बात की है। 

इस पर योगी ने प्रदेश के अफसरों को हरियाणा के अफसरों के साथ समन्वय कर कार्ययोजना बनाकर विवाद के समाधान से की कार्यवाही करने का निर्देश दिया है।

सूत्रों के मुताबिक पिछले दिनों योगी व खट्टर के बीच दोनों राज्यों से जुड़े सीमा व भूमि विवाद के समाधान पर वार्ता हुई थी। इसके बाद योगी ने तीन स्तर पर विचार-विमर्श कर अंतिम समाधान तक पहुंचने की कार्ययोजना पर अमल का निर्देश दिया है। 

मुख्यमंत्री ने कहा है कि सबसे पहले यूपी व हरियाणा के अपर मुख्य सचिव स्तर के अधिकारी विवाद से जुड़े बिंदुओं पर विचार-विमर्श कर समाधान पर अपनी राय तय करेंगे। अपर मुख्य सचिवों की सहायता के लिए संबंधित जिलों के डीएम व राजस्व अधिकारियों को शामिल करने का निर्देश दिया गया है।

अपर मुख्य सचिवों की रिपोर्ट आने के बाद अगली बैठक दोनों राज्यों के मुख्य सचिवों की होगी। इसमें दोनों मुख्य सचिव निर्णय के बिंदु पर पहुंचकर अपने-अपने मुख्यमंत्रियों को बताएंगे। इसके बाद दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों के बीच बैठक होने की संभावना है। 

शासन के एक वरिष्ठ अधिकारी न बताया कि दोनों मुख्यमंत्री दशकों पुराने सीमा व भूमि विवाद को खत्म करने का एलान कर सकते हैं। हरियाणा के विधानसभा चुनाव से पहले यदि इस विवाद का समाधान हो जाता है तो पड़ोसी राज्य की सरकार इसे बड़ी उपलब्धि के रूप पेश कर सकेगी। बताते चलें इसी वर्ष के अंत तक हरियाणा में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं।

अफसरों को इन बिंदुओं पर सहमति बनाने का फरमान
-सीमा विवाद से जुड़ी भूमि का दोनों राज्य सर्वे कराकर समाधान का प्रयास करेंगे।
-यमुना नदी के बहाव से नदी के पार हरियाणा की ओर चली गई यूपी की भूमि का हरियाणा को तथा नदी के बहाव से यूपी की ओर आ गई हरियाणा की भूमि का, दोनों राज्यों के बीच यथा स्थिति के अनुसार आदान-प्रदान।
-नदी के बहाव को नियंत्रित करने के लिए ड्रेजिंग कार्य की रणनीति।
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जेटली के निधन पर राजनेताओं ने व्यक्त किया शोक- मुलायम बोले- नींव के पत्थर साबित होंगे उनके भाषण

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई नेताओं ने पूर्व केंद्रीय वित्तमंत्री व प्रदेश से राज्यसभा सदस्य अरुण जेटली के निधन पर दुख जताया है। राज्यपाल ने अपने शोक संदेश में कहा कि जेटली कुशल अधिवक्ता एवं राजनेता थे। विधि एवं संसदीय परंपरा के उत्कृष्ट ज्ञान एवं अपनी विद्वता से उन्होंने विशिष्ट पहचान बनाई थी। उनके निधन से भारतीय राजनीति की अपूरणीय क्षति हुई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अरुण जेटली एक वरिष्ठ एवं अनुभवी राजनेता थे। वे उत्कृष्ट वक्ता एवं संसदीय कार्य प्रणाली के जानकार थे। वे अपनी बात को तार्किक रूप से रखते थे। सभी दलों के लोग उनका सम्मान करते थे। केंद्रीय मंत्री के रूप में जेटली की सेवाओं को सदैव याद किया जाएगा। विधान सभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने  कहा कि जेटली के निधन का समाचार अत्यन्त दुखद एवं हृदय को झकझोर देने वाला है। विधान परिषद के सभापति रमेश यादव, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य व डॉ. दिनेश शर्मा, ग्राम्य विकास मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह उर्फ मोती सिंह समेत मंत्रिमंडल के कई सदस्यों ने भी जेटली के निधन पर दुख जताया है।

सपा के पूर्व अध्यक्ष व पूर्व सीएम मुलायम सिंह यादव ने अरुण जेटली के निधन को भारतीय राजनीति की बड़ी क्षति बताया है। वे कुशल वक्ता और कानून के बड़े जानकार थे। सांसद के रूप में उनके भाषण नींव का पत्थर साबित होंगे। दूसरे दल में रहते हुए भी वे हमारे घनिष्ठ थे। उन्हें लंबे समय तक याद किया जाएगा। उन्होंने दिवंगत नेता के परिवारीजनों व शुभचिंतकों के प्रति संवेदना जताई है।
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अमेठी में संजय गांधी को हराने में अरुण जेटली ने निभाई थी भूमिका, टूटी जीप से किया था प्रचार

भले ही नई पीढ़ी को लगता हो कि पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली का उत्तर प्रदेश से बहुत गहरा नाता नहीं रहा लेकिन ऐसा नहीं है। जेटली 1971 से ही संघ परिवार, खासतौर से विद्यार्थी परिषद की जड़ें जमाने के लिए यहां आते-जाते रहे। पहले अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता के रूप में और फिर देश के प्रमुख छात्र नेता के रूप में।

अंत में भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री के रूप में उत्तर प्रदेश में उनकी काफी सक्रियता रही। संयोग ही है कि उन्होंने जिस यूपी के साथ विद्यार्थी जीवन से नाता जोड़ा था, वह उनके संसदीय जीवन के अंतिम क्षणों तक बना रहा। वह अप्रैल 2018 में उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए थे।

जेटली के साथ विद्यार्थी परिषद और फिर भाजपा में काम कर चुके विंध्यवासिनी कुमार बताते हैं, ‘विद्यार्थी परिषद में एक साथ काम करने के नाते मेरा-उनका साथ 1970 से रहा। वह 1971-72 से छात्र आंदोलन, छात्रसंघ चुनाव और विद्यार्थी परिषद की जड़ें जमाने लखनऊ और उत्तर प्रदेश आते-जाते रहे। तब उनका विवाह भी नहीं हुआ था। बिल्कुल मस्त, रात-दिन सिर्फ संगठन के काम की चिंता।

जेटली 1972 में छात्रसंघ चुनाव में विद्यार्थी परिषद के उम्मीदवारों के प्रचार के लिए लखनऊ विश्वविद्यालय आए थे। यहीं उन्हें पता चला कि अगर वह वाराणसी चले जाएं तो वहां भी विद्यार्थी परिषद के उम्मीदवारों की स्थिति ठीक हो सकती है। सुबह से शाम तक लगातार यहां प्रचार करने के बाद जेटली ने एक कार्यकर्ता के यहां स्नान किया और वाराणसी के लिए निकल लिए।’
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मिडडे मील में बच्चों को सूखी रोटी देने के मामले में बीएसए हटे, बीईओ सस्पेंड

मिर्जापुर में मिडडे मील में सूखी रोटी देने के मामले में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) प्रवीण कुमार तिवारी को हटा दिया गया है। इसके साथ ही ब्लॉक जमालपुर के खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) बृजेश सिंह को सस्पेंड कर दिया गया है। यह मामला उछलने पर बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी ने जांच के आदेश दिए थे।

शासन को भेजी गई डीएम की रिपोर्ट के अनुसार, जमालपुर के प्राथमिक विद्यालय सिऊर में सिर्फ 22 अगस्त को बच्चों को मध्यान्ह भोजन में नमक व रोटी दी गई। इसके लिए जिम्मेदार सहायक अध्यापक मुरारी सिंह और न्याय पंचायत समन्वयक को निलंबित कर दिया गया है।

दोनों रसोइयों को हटा दिया गया है। शिक्षामित्र शांति कुमारी का मानदेय रोकते हुए जवाब तलब किया गया है। ग्राम प्रधान को भी पंचायतीराज अधिनियम के तहत कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
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कश्मीर में माहौल बनाने नहीं बल्कि बिगाड़ने जा रहे हैं राहुल गांधी: सुल्तानपुर सांसद मेनका गांधी

कश्मीर मुद्दे पर पूर्व केंद्रीय मंत्री व भाजपा सांसद मेनका गांधी ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी समेत विपक्षी नेताओं पर जबरदस्त हमला बोला। राहुल गांधी के नेतृत्व में कश्मीर जा रहे प्रमुख विपक्षी नेताओं को आड़े हाथों लेते हुए मेनका गांधी ने कहा कि राहुल गांधी को राजनीतिक परिपक्वता व धैर्य का परिचय देना चाहिए। धीरे-धीरे कश्मीर में सब ठीक हो जाएगा।  जिले के दो दिवसीय दौरे पर पहुंची सांसद शनिवार को शहर के बस स्टेशन के पास पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रही थीं।

राहुल गांधी के नेतृत्व में प्रमुख विपक्षी नेताओं के कश्मीर दौरे पर उन्होंने कहा कि वे वहां का माहौल बनाने नहीं बल्कि बिगाड़ने जा रहे हैं। राज्यपाल ने जब मना किया है तो उन्हें वहां बाद में जाना चाहिए था। उनके जाने से स्थितियां गड़बड़ होंगी।

सवाल-जवाब के दौरान सांसद ने भ्रष्टाचार के खिलाफ केंद्र सरकार की ओर से की जा रही कार्रवाई का समर्थन किया। पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम की गिरफ्तारी को उचित ठहराते हुए उन्होंने कहा कि उनकी सरकार भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कार्रवाई करती रहेगी।

उन्होंने कहा कि सरकार को विपक्षी नेताओं की प्रतिक्रिया की चिंता नहीं करनी चाहिए। सरकार को प्रत्येक भ्रष्टाचारी के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। इसके बाद वे कादीपुर विधानसभा क्षेत्र के भ्रमण के लिए निकल गईं।
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रक्षामंत्री राजनाथ सिंह बोले, अब किस मुंह से अनुच्छेद 370 हटाने का विरोध कर रही है कांग्रेस

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, हमने किसी की एक इंच जमीन नहीं ली है लेकिन हम इतने मजबूत हो गए हैं कि कोई हमारी तरफ आंख उठाकर देखने की जुर्रत नहीं करेगा। दिनोंदिन भारत की ताकत बढ़ रही है। हम यह ताकत किसी पर आक्रमण करने के लिए नहीं, सेल्फ डिफेंस के लिए बढ़ा रहे हैं।

राजनाथ शुक्रवार को यहां सीएमएस गोमतीनगर और सेंट जोसफ स्कूल, बालागंज के बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं के सम्मान समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि कश्मीर में अनुच्छेद 370 व 35ए को हटाने की बात जनसंघ की स्थापना के समय से चल रही थी। हमारा कार्यकर्ता हर चुनाव में इसके लिए नारे लगाता था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनसंघ के संस्थापक पं. श्यामा प्रसाद मुखर्जी व कार्यकर्ताओं की मुराद पूरी करने का काम किया। अनुच्छेद 370 हटाने की शुरुआत पिछले कार्यकाल में ही हो गई थी लेकिन राज्यसभा में बहुमत नहीं था। अब देश का संविधान जम्मू-कश्मीर में भी लागू होगा। उन्होंने कुछ बड़े फैसलों का संकेत देते हुए कहा, आगे और देखते जाइए। पता नहीं, कांग्रेस किस मुंह से अनुच्छेद 370 हटाने का विरोध कर रही है।
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कुंभ मेला व वीवीआईपी सुरक्षा के बंदोबस्त के लिए डीजीपी ओपी सिंह सम्मानित

फिक्की स्मार्ट पुलिसिंग अवॉर्ड 2019 में प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह को कुंभ मेला व वीवीआईपी बंदोबस्त में उल्लेखनीय कार्य के लिए सम्मानित किया गया है। डीजीपी को स्पेशल ज्यूरी अवॉर्ड फॉर आउटस्टैंडिंग इनीशिएटिव दिया गया है।

एडीजी लॉजिस्टिक्स बीके मौर्य को फिक्की ने यह पुरस्कार उनके एडीजी रेलवे रहते हुए बच्चों की सुरक्षा को लेकर किए गए कार्य के लिए दिया गया है।

पिछले वर्ष रेलवे पुलिस ने विभिन्न विभागों व संस्थानों को जोड़ते हुए बच्चों की सुरक्षा के मदेदनजर कई कदम उठाए थे जिसके तहत पांच हजार से अधिक बच्चों को उनके परिजनों को सौंपा गया था।
रेलवे पुलिस के इस कार्य को रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष ने भी सराहा था।

इसके अलावा एडीजी वीमेन पावर अंजू गुप्ता को भी महिला सुरक्षा पर फिक्की का स्पेशल ज्यूरी अवॉर्ड दिया गया है। आईजी एसके भगत को भी फिक्की का स्मार्ट पुलिसिंग अवॉर्ड दिया गया है। इन सभी को ये सम्मान बीते दिनों दिल्ली में हुए कार्यक्रम में दिया गया।
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सीतापुर: हमलावरों ने सरेराह युवक को दौड़ाकर गोलियां मारी, हालत नाजुक

सीतापुर शहर के कोट चौराहे पर दिनदहाड़े हमलावरों ने एक युवक को करीब सौ मीटर दौड़ाकर तीन गोलियां मारी। गोली लगने से युवक गंभीर रूप से जख्मी हो गया। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर में उसे ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया।

घटना के पीछे आशनाई का मामला बताया जा रहा है। पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

शहर के कजियारा निवासी शिवम सिंह चौहान को बीती दोपहर बाइक सवार हमलावरों ने पक्के पुल के पास ललकार कर तमंचा तान दिया। यह देखकर शिवम पक्के पुल के पास बाइक छोड़कर कोट चौराहे की ओर भागा।

हमलावरों ने उसका पीछा कर बीच कोट चौराहे पर एक के बाद एक तीन गोलियां मारी। जिससे वह लहूलुहान होकर गिर गया। हमलावर भाग निकले। जख्मी युवक को सदर अस्पताल लाया गया। वहां से उसे लखनऊ रेफर किया गया। खबर पाकर सीओ योगेंद्र सिंह, कोतवाल अंबर सिंह मौके पर पहुंचे।
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मेट्रो पर बकाया आवास विकास का पांच करोड़ किराया

मेट्रो ने नहीं चुकाया आवास विकास का पांच करोड़ रुपये किराया
यार्ड बनाने के लिए किराए पर ली जमीन का नहीं दिया पैसा
अब आवास विकास ने जारी की नोटिस, 31 तक मौका
कास्टिंग यार्ड बनाने के लिए लखनऊ मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने आवास विकास परिषद की वृंदावन योजना में दो जगह जमीन किराए पर ली। वर्ष 2017 में परिषद से जमीन मिलने के बाद भी मेट्रो ने न तो अनुबंध किया और न ही किराया जमा किया। अब यह करीब पांच करोड़ रुपये पहुंच गया है। इसे लेकर अब परिषद की ओर से मेट्रो को नोटिस जारी किया गया है। 31 अगस्त तक किराया जमा न करने पर मेट्रो के खिलाफ कार्रवाई की बात कही गई है।
मेट्रो को नॉर्थ साउथ कॉरिडोर (एयर पोर्ट से मुंशीपुलिया) पर काम शुरू करने को लेकर कास्टिंग यार्ड बनाने की आवश्यकता थी, जिसके लिए मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने आवास विकास परिषद से उसकी वृंदावन योजना के सेक्टर 9 और 19 में किराए पर जमीन मांगी थी। परिषद सेक्टर 19 में 38,268 वर्ग मीटर और सेक्टर 9 में पांच हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कर्राई, जिसमें सेक्टर नौ में 4,03,500 रुपये प्रतिमाह और सेक्टर 19 में 6,17,646 रुपये प्रतिमाह किराया तय किया। जो अब तक मेट्रो प्रशासन ने जमा नहीं किया है, जिससे अब यह बढ़कर 4.97 करोड़ रुपये पहुंच गया।
किराया जमा किया न अनुबंध किया
परिषद की वृंदावन योजना के सम्पत्ति प्रबंधक केडी शर्मा की ओर से लखनऊ मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (एलएमआरसी) के परियोजना प्रबंधक को भेजे गए नोटिस में कहा गया कि 2017 में चार साल के लिए एलएमआरसी को जमीन इस शर्त के साथ दी गई थी कि वह किराया अनुबंध करेगी और नियमित किराया जमा करेगी। उसके बाद भी एलएमआरसी की ओर से न तो किराया जमा किया गया और न ही अनुबंध किया गया। जिस पर परिषद की ओर से कई पत्र भी एलएमआरसी को भेजे गए। उसके बाद भी एलएमआरसी ने कोई सुनवाई नहीं की। यदि 31 अगस्त तक मेट्रो प्रशासन ने बकाया 4.97 करोड़ रुपये किराया जमा नहीं किया और अनुबंध पूरा नहीं किया तो विधिक कार्यवाही की जाएगी।
इसकी जानकारी नहीं
किराया जमा करने को लेकर और अनुबंध को करने को लेकर क्या स्थिति है। इसकी जानकारी अभी नहीं है। इस बारे में पता किया जाएगा। वृंदावन योजना में जो जमीन ली गई थी उसमें एलएमआरसी के लिए काम करने वाली एक निजी कंपनी का यार्ड था।
- पुष्पा बेलानी, जनसम्पर्क अधिकारी, एलएमआरसी
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तेजस में दिखेगा प्रदेश की धरोहरों का अक्स

तेजस में दिखेगा प्रदेश की धरोहरों का अक्स
थीम आधारित होगी तेजस, अवध, काशी, बिठूर के नाम पर बोगियां
तेजस एक्सप्रेस का लुक कुछ खास होगा। सबकुछ ठीक रहा तो पूरी ट्रेन थीम आधारित होगी। अवध, काशी, बिठूर जैसे ऐतिहासिक नामों पर बोगियां होंगी। इन नगरों की धरोहरों के अक्स यात्रियों को देखने को मिलेंगे। इससे जहां आईआरसीटीसी को आमदनी होगी, वहीं प्रदेश के पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। दिल्ली से आई टीम ने ट्रेन का निरीक्षण भी किया है।
रेलवे बोर्ड अधिकारी की मानें तो तेजस की बोगियों पर सरकार के विज्ञापन रहेंगे। पर्यटन विभाग के अधिकारी बताते हैं कि ट्रेन पर प्रदेश के पर्यटन को बढ़ावा देने को थीम बेस्ड कॉन्सेप्ट पर काम हो रहा है। बोगियों पर शहरों के पर्यटन का प्रमोशन होगा। जैसे कि जिस बोगी का नाम अवध पर होगा, उसमें यहां की धरोहरों के चित्र विनाइल रैपिंग में लगाए जाएंगे। इन विज्ञापनों से आईआरसीटीसी को लाभ होने की उम्मीद है। हालांकि, इस पर अधिकारी कुछ बोल नहीं रहे हैं।
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