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सलाम इन कोरोना वॉरियर्स को: कोई बच्चे को बुखार में तड़पता छोड़ पहुंचा वार्ड तो कोई भाई को

एसजीपीजीआई के कोविड वार्ड में ड्यूटी करने वाले नर्सिंग कर्मियों की स्थिति भी अजीब हो गई है। एक तरफ परिवार के लोग वायरस की चपेट में है तो दूसरी तरफ उन्...

5 मई 2021

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Digital Edition

अयोध्या में समीक्षा के बाद सीएम योगी ने की लोगों से सतर्क रहकर जान बचाने की अपील 

कोरोना संक्रमण से ठीक होने के बाद लगातार दौरे कर रहे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को रामनगरी अयोध्या में जान है तो जहान है का संकल्प दिलाते नजर आए। बोले, महामारी का मजबूती से मुकाबला कर रही सरकार के पास संसाधनों की कमी नहीं है। 

अयोध्या मंडल में कोरोना संक्रमण की समीक्षा करने पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ श्रीराम एयरपोर्ट से सीधे विकास भवन स्थित कोविड-19 कंट्रोल कमांड सेंटर पहुंचे। यहां से जिले भर में ट्रेसिंग, टेस्टिंग और ट्रीटमेंट की गतिविधियों को ऑनलाइन देखा। कमिश्नर एमपी अग्रवाल और डीएम अनुज कुमार झा से व्यवस्था में किसी भी तरह कमी न होने के सख्त निर्देश दिए। खासकर होम आइसोलेशन में भी  जरूरत पड़ने पर ऑक्सीजन पहुंचाने को कहा। इसके बाद कलक्ट्रेट हाल में बाराबंकी, सुल्तानपुर, अमेठी और अंबेडकरनगर के आला अधिकारियों से वर्चुअल संवाद के जरिए हालात की समीक्षा की। बाद में पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि  जीवन सबसे अमूल्य है, जान है तो जहान है को गुरु मंत्र बनाकर घर से बाहर न निकले तभी कोरोना की चेन टूटेगी।

पूरा देश वर्तमान में कोरोना महामारी में दूसरी लहर को फेस कर रहा है। पूरे देश में प्रधानमंत्री के निर्देशन में इस महामारी से प्रत्येक नागरिक को बचाने के लिए एक वृहद अभियान पिछले एक वर्ष से ही प्रारंभ हुआ है। उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा राज्य होने के कारण इस पूरे अभियान में बड़ी जिम्मेेदारी भी है। प्रदेश सरकार अपने हेल्थ वर्कस, चिकित्सा विशेषज्ञ, कोरोना वॉरियर्स, प्रशासनिक टीम, जनप्रतिनिधियों के सहयोग से कोरोना की पहली लहर में बेहतरीन प्रबंधन करके देश और दुनिया के सामने भी एक उदाहरण प्रस्तुत किया था। दूसरी लहर ने अचानक प्रदेश के सामने एक चुनौती प्रस्तुत की। वर्तमान में स्थिति नियंत्रण में है। 

 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 10 दिनों में प्रदेश के अंदर कोरोना के एक्टिव केस 81 हजार कम हुए हैं। दूसरी लहर में 30 अप्रैल को सर्वाधिक तीन लाख 10 हजार एक्टिव केस थे। आज सुबह के जो आंकड़े हैं, उनके अनुसार वर्तमान में उत्तर प्रदेश में 2 लाख 25 हजार एक्टिव केस हैं। हर वर्ग के योगदान का यह परिणाम है। बताया कि पहली लहर में अधिकतम 67 हजार तक एक्टिव केस पहुंचे थे। एक दिन में सर्वाधिक सात हजार सात सौ केस आए थे। जबकि दूसरी लहर में 30 अप्रैल को पीक पर एक्टिव केस पहुंच गया था। 24 अप्रैल को एक दिन में सर्वाधिक 38 हजार 55 केस आए। आज यह संख्या घटकर 21 हजार पहुंच गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या मंडल की समीक्षा बैठक के दौरान मंडल के अन्य जनपदों से वर्चुअली जुड़ा था। शासन की रणनीति के तहत हर एक जनपद अपने स्तर से प्रयास कर रहा है।  
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अयोध्या पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। अयोध्या पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।

यूपीएसएसएससी : आठ भर्तियों की लिखित परीक्षा पर कोरोना का साया

अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की आठ भर्तियों की लिखित परीक्षा पर कोरोना महामारी का साया पड़ गया है। लिखित परीक्षाओं की कार्यवाही जहां की तहां अटक गई हैं। दो से चार वर्ष पूर्व शुरू हुई भर्तियों की लिखित परीक्षा अटकने से अभ्यर्थियों में गहरी निराशा है। 

अधीनस्थ सेवा चयन आयोग में 2016 से 2019 के बीच विभिन्न विभागों के रिक्त पदों को भरने के लिए आवेदन लिए जा चुके हैं। विभिन्न वजहों से इनकी लिखित परीक्षा की कार्यवाही अटकी हुई है। आवेदकों के आवाज उठाए जाने के बाद सरकार के निर्देश पर आयोग ने लिखित परीक्षाओं की योजना पर काम शुरू ही किया था कि कोविड महामारी की दूसरी लहर आ गई। आयोग के कई अधिकारी भी संक्रमित हो गए। इसके बाद कार्यवाही पूरी तरह ठप पड़ गई है। 

जानकार बताते हैं कि समूह की भर्तियों में हजारों की संख्या में आवेदक रहते हैं। कई भर्तियों में आवेदकों की संख्या लाख में है। मौजूदा माहौल में काफी दिनों तक लिखित परीक्षा का आयोजन संभव नहीं माना जा रहा है। वर्तमान में आठ भर्तियों की लिखित परीक्षा का आयोजन होना बाकी है। माहौल सामान्य होने पर आयोग को बोर्ड परीक्षा व अन्य आयोगों के भर्ती कैलेंडर से समन्वय बनाकर लिखित परीक्षा की योजना तैयार करनी होगी। ऐसे में कई लिखित परीक्षाएं अगले वर्ष तक खिंच सकती हैं।

इन भर्तियों के लिए लिखित परीक्षा का इंतजार
- सहायक सांख्यिकी अधिकारी एवं सहायक शोध अधिकारी भर्ती, 2019 
- सहायक बोरिंग टेक्नीशियन भर्ती, 2019 
- वनरक्षक एवं वन्य जीव रक्षक भर्ती, 2019
-  सम्मिलित अवर अधीनस्थ सेवा भर्ती, 2019 (मुख्य परीक्षा)
-  राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद भर्ती, 2018
-  सम्मिलित ग्राम पंचायत अधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी एवं समाज कल्याण पर्यवेक्षक भर्ती परीक्षा, 2018 
-  सम्मिलित अवर अभियंता एवं उप वास्तुविद भर्ती, 2016 (द्वितीय)
-  सम्मिलित तकनीकी सेवा भर्ती, 2016
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यूपी : गंभीर कोरोना रोगियों के लिए सीएम हेल्पलाइन से सीधे डीएम को फोन 

अगर आप या आपके परिवार का कोई सदस्य कोरोना के कारण गंभीर स्थिति से जूझ रहा है तो सीएम हेल्पलाइन 1076 आपके लिए मददगार साबित हो सकती है। हेल्पलाइन पर बेड न मिलने और ऑक्सीजन या वेंटिलेटर की समस्या बताए जाने पर डीएम को समुचित व्यवस्था करने के लिए फोन किया जा रहा है। इतना ही नहीं जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे इन रोगियों के परिवारीजनों से मदद मिली कि नहीं, इस बाबत फीडबैक भी लिया जा रहा है। 

सरकार का दावा है कि प्रदेश में ऑक्सीजन की पर्याप्त आपूर्ति है। इसके साथ ही वेंटिलेटर और अन्य जीवन रक्षक उपकरणों के संचालन के लिए पर्याप्त टेक्नीशियन नियुक्त करने के निर्देश भी दे दिए गए हैं। ऐसे में गंभीर रोगियों को इलाज की दिक्कत नहीं आनी चाहिए। इसलिए इस तरह की दिक्कत संबंधी फोन कॉल सीएम हेल्पलाइन पर आने पर सरकार गंभीर रुख अपना रही है।

सीएम हेल्पलाइन का काम देख रहे यूपी डेस्को के अधिकारी बताते हैं कि हेल्पलाइन पर रोजाना 40 से 50 हजार फोन कॉल आती हैं। अधिकांश  कॉल  कोविड संक्रमण से  संबंधित ही होती हैं। इनमें से दो से तीन हजार कॉल ऐसी होती हैं, जिनमें रोगी को  तत्काल मदद दिया जाना जरूरी होता है। यह इमरजेंसी बेड, ऑक्सीजन और वेंटिलेटर से संबंधित होती है। ऐसे मामलों में तत्काल जिलों में स्थित कोविड कमांड सेंटर को सूचित किया जाता है। साथ ही संबंधित डीएम को ई-मेल के माध्यम से जानकारी दी जाती है।

इसके बावजूद मदद न मिलने की बात रोगी या उसके परिवारीजन सीएम हेल्पलाइन को बताते हैं, तो तत्काल केस मुख्यमंत्री कार्यालय को संदर्भित कर दिया जाता है। वहां से सीधे डीएम से फोन पर बात करने की व्यवस्था की गई है। बताते हैं कि यह जिम्मेदारी सीएम हेल्पलाइन का काम देख रहे मुख्यमंत्री के सचिव आलोक कुमार को दी गई है। 

सीएम हेल्पलाइन से जुड़े यूपी डेस्को के सूत्रों के मुताबिक, रविवार को सीएम कार्यालय से जिलाधिकारियों को इस तरह की 36 कॉल और शनिवार को 43 कॉल की गईं। इतना ही नहीं इस आधार पर डीएम और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के काम का मूल्यांकन भी किया जा रहा है जिसका असर भविष्य में होने वाली उनकी तैनाती पर भी दिखेगा।
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लखनऊ मेदांता में भर्ती आजम खां की हालत गंभीर, बेटे अब्दुल्ला की तबियत में सुधार

सपा सांसद आजम खां की हालत सोमवार को गंभीर हो गई है। उन्हें पहले से ज्यादा ऑक्सीजन देने की जरूरत पड़ रही है। जबकि उनके बेटे की हालत में सुधार बताया जा रहा है। सीतापुर जेल में कोरोनावायरस की चपेट में आने के बाद सपा के वरिष्ठ नेता सांसद आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्लाह खां की तबीयत खराब हो गई थी। 

रविवार शाम दोनों को शहीद पथ स्थित मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां सपा सांसद आजम खां को चार लीटर प्रति घंटे की दर से ऑक्सीजन दिया जा रहा था। रात में ही सिटी स्कैन व अन्य जांच कराई गई। सपा सांसद के फेफड़े में गंभीर संक्रमण पाया गया है। जबकि उनके बेटे अब्दुल्ला की स्थिति ठीक है। 

मेदांता अस्पताल के मेडिकल डायरेक्टर राकेश कपूर ने बताया कि सांसद आजम खां के फेफड़े में गंभीर संक्रमण है। सोमवार से उन्हें 10 लीटर प्रति घंटे की दर से ऑक्सीजन की जरूरत पड़ रही है। उन्हें कोविड आईसीयू में रखा गया है। क्रिटिकल केयर विशेषज्ञों की टीम पल-पल की निगरानी कर रही है। संसद के बेटे मोहम्मद अब्दुल्ला खान की स्थिति संतोषजनक है। लेकिन उन्हें भी डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है।
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लखनऊ: अंतिम संस्कार के लिए 20 हजार तक के पैकेज, अर्थी को कंधा देने से लेकर जलाने तक का रेट तय

मोहम्मद आजम खां
अंतिम संस्कार के लिए पैकेज तक बन गए हैं। इसका खुलासा अमर उजाला की पड़ताल में सामने आया। डालीगंज स्थित अंतिम संस्कार का सामान बेचने वाली दुकानों पर इसके ठेकेदार बैठे रहते हैं और ग्राहक के आते ही उसे पैकेज के बारे में विस्तार से बता देते हैं। एक दुकान पर जब संपर्क किया गया तो शनि नाम के व्यक्ति का नंबर दिया गया। शनि ने नॉन कोविड शवों के अंतिम संस्कार का 20 हजार रुपये तक का पैकेज ऑफर किया। यह भी कहा कि कोविड शवों का चार्ज अलग होता है।

उधर, कोरोना संक्रमण के डर से लोग बीमार लोगों की मदद के लिए भी आगे नहीं आ रहे हैं, ऐसे में युवाओं का एक ग्रुप कोरोना संक्रमित शवों का अंतिम संस्कार कर रहे हैं। सनी साहू, रमेश त्रिपाठी आजाद, अतुल सिंह, पीयूष पांडेय, करुणा शंकर दास, अनिल मिश्रा, हिमांशु शुक्ला और विनीत दीक्षित की टीम मिलकर अब तक 17 लोगों का अंतिम संस्कार कर चुके हैं। 
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यूपी: मायावती बोलीं- ग्रामीण क्षेत्रों में संक्रमण रोकने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य करने की जरूरत

बसपा सुप्रीमो मायावती ने ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ रहे कोविड संक्रमण की रोकथाम के लिए युद्ध स्तर पर काम की जरूरत बताई है। उन्होंने सोमवार को ट्वीट कर कहा कि प्रदेश में पंचायत चुनाव की समाप्ति के बाद छोटे कस्बों व देहात में बहुत तेजी से कोरोना महामारी फैल रही है, जिससे दिल दहलाने वाली खबरें मिल रही हैं। लोग काफी दहशत में हैं।

उन्होंने कहा कि यह स्थिति देश के उन सभी राज्यों में भी हैं जहां विधानसभा आमचुनाव खत्म हुए हैं। हाल ये हैं कि शहरों के साथ-साथ देहात में भी महामारी तेजी से फैल रही है। उन्होंने कहा कि अन्य राज्य सरकारों को भी इस ओर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
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लखनऊ: अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी के पिता का कोरोना संक्रमण से निधन

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की टीम-9 के प्रमुख सदस्य अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी के पिता आदित्य कुमार अवस्थी का सोमवार को निधन हो गया। वो कोरोना संक्रमित थे और लखनऊ के पीजीआई में उनका इलाज चल रहा था। कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए सोमवार दोपहर करीब 12 बजे ही लखनऊ के भैंसा कुंड में उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया।

उनके निधन पर उनकी बहू व लोकगायिका मालिनी अवस्थी ने ट्वीट कर लिखा कि हमारे @AwasthiAwanishK पूज्य पिताजी श्री आदित्य कुमार अवस्थी आज ब्रह्ममुहूर्त में गोलोकधाम सिधार गए।आजीवन सबके लिए सोचने, करने वाले अत्यंत सरल सौम्य मृदुभाषी हमारे पिता को परमपिता ने अपने पास बुला लिया। वे परिवार के वटवृक्ष थे,शांत गंभीर संयत!
महादेव सदगति प्राप्त करें।

सोशल मीडिया पर एक पोस्ट लिखते हुए मालिनी अवस्थी ने बताया कि उनके ससुर आदित्य कुमार अवस्थी देश के पहले इंजीनियरों की बैच के इंजीनियर थे। उन्होंने वाराणसी के आईआईटी-बीएचयू से इंजिनियरिंग किया था। 

देश में लौह व्यवस्था के मजबूत होने में उन्होंने बहुत बड़ी भूमिका निभाई थी। उनके प्रयासों का ही नतीजा था कि आजादी के बाद देश की लगातार बढ़ती आबादी के लिए लोहे-स्टील की मांग को पूरा करने के लिए सरकार ने महत्त्वपूर्ण कदम उठाये और देश निर्माण क्षेत्र में नई ऊंचाईयों तक पहुंचा। 

अपर गृह सचिव अवनीश कुमार अवस्थी उत्तर प्रदेश सरकार में बेहद अहम स्थान रखते हैं। वे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बेहद विश्वस्त अधिकारी माने जाते हैं और संभवत: यही कारण है कि इस कोरोना काल में मुख्यमंत्री ने कोरोना के मामलों पर निर्णय लेने वाली बेहद महत्वपूर्ण कमेटी की जिम्मेदारी उन्हें सौंप रखी है।
 
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लखनऊ: तस्वीरें दे रहीं गुजरते दौर की गवाही, अगर यूं ही मौतें होती रहीं तो कम पड़ जाएंगी टहनियां

लखनऊ में पीपल के पेड़ों पर लटके ये घंट (घट) बेजुबान होकर भी मौतों की कहानी बयां कर रहे हैं। कोरोना संक्रमण के चलते हो रही मौतों की रफ्तार अगर यूं ही बढ़ती रही तो शायद इन घड़ों के लिए पीपल के पेड़ों की टहनियां भी कम पड़ जाएंगी।

अंतिम संस्कार के बाद इंदिरानगर सेक्टर-13, सेक्टर-19 और कैलाश कुंज से खींची गई इन तस्वीरों में दिख रहे घंट की संख्या इतनी तेजी से बढ़ रही है कि यहां इसके बाद घंट टांगने की जगह ही नहीं बचेगी। बता दें कि बीते दिनों लखनऊ ने हर रोज मौतों का बढ़ता हुआ आंकड़ा देखा। हाल ये रहा है कि रात-दिन श्मशान में चिताओं को जलाया गया। हालांकि, अभी कुछ कमी आई है।

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यूपी: अगले महीने 60 लाख गरीब बुजुर्गों के खातों में पेंशन भेजेगी सरकार

उत्तर प्रदेश सरकार अगले महीने 60 लाख गरीब बुजुर्गों के खातों में पेंशन राशि भेज देगी। इसके लिए समाज कल्याण विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। सरकार ने चालू वित्त वर्ष में योजना का लाभ देने के लिए समाज कल्याण विभाग को 1800 करोड़ रुपये का बजट जारी कर दिया है।

प्रदेश सरकार वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत गरीब बुजुर्गों को 500 सौ रुपये प्रति माह की दर से भुगतान करती है। पहली तिमाही की राशि जून में दे दी जाएगी। वर्तमान में 51.5 लाख पेंशनर हैं।

सरकार इनकी संख्या बढ़ाकर 60 लाख करने जा रही है। नए बुजुर्गों के चयन की प्रक्रिया मई माह में ही पूरी करने के निर्देश भी दिए गए हैं। समाज कल्याण निदेशालय के संबंधित एक अधिकारी ने बताया कि 60 लाख बुजुर्गों को पहली किस्त के भुगतान के लिए तैयारी शुरू कर दी गई है। कोरोना संकट के काल में शत-प्रतिशत लाभार्थियों के खातों में अगले माह राशि भेज दी जाएगी।
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