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बीबीएयू के शोध छात्र ने विकसित किया इम्युनो बायो सेंसर, इस बीमारी की मिलेगी सटीक जानकारी

बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय (बीबीएयू) के माइक्रो बायोलॉजी विभाग के शोध छात्र ऋषभ आनंद ओमर को बड़ी सफलता मिली है।

17 सितंबर 2020

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Digital Edition

यूपी में फिल्म सिटी के निर्माण को लेकर एक्शन में मुख्यमंत्री योगी, परेश रावल सहित कई हस्तियों संग बैठक आज

महाराष्ट्र में अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद फिल्मी दुनिया में मचे तूफान के बीच यूपी में फिल्म सिटी बनाए जाने को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को बॉलीवुड के तमाम अहम चेहरों और फिल्म प्रोड्यूसरों के साथ महत्वपूर्ण बैठक करेंगे।

बताया जा रहा है कि फिल्म सिटी निर्माण के एलान के बाद से ही बॉलीवुड के सितारे और प्रोड्यूसर मुख्यमंत्री योगी से मिलने के लिए बेताब हैं। बैठक में परेश रावल व अनुपम खेर सहित फिल्म जगत की कई मशहूर हस्तियां शामिल होंगी।

बता दें कि फिल्म सिटी निर्माण के एलान के बाद से राजनीतिक हलकों से लेकर फिल्म जगत में इसकी चर्चा है। एलान के बाद ही गोरखपुर से सांसद रवि किशन ने योगी सरकार के इस फैसले का स्वागत किया था। अभिनेत्री कंगना रणौत ने भी योगी सरकार के इस फैसले की तारीफ करते हुए कहा कि हॉलीवुड की फिल्म इंडस्ट्री की तरह हमारे यहां पर भी एक इंडस्ट्री और कई फिल्म सिटी होनी चाहिए। यह एक शानदार फैसला है। इसके बाद फिल्म निर्देशक मधुर भंडारकर भी लखनऊ आए और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। बताया जा रहा है कि फिल्म सिटी का निर्माण नोएडा, ग्रेटर नोएडा व यमुना एक्सप्रेस वे के इलाके में हो सकता है।

बैठक में फिल्म जगत की ये हस्तियां हो सकती हैं शामिल-
परेश रावल, अनुपम खेर, अनूप जलोटा, विजयेंद्र प्रसाद, उदित नारायण झा, गहतराज जेडी, कैलाश खेर, सुब्रहमण्यम अय्यर, शैलेश सिंह, पदम देनू कुमार, मनोज जोशी, नितिन देसाई, अशोक पंडित, विनोद बच्चन, सौंदर्या रजनीकांत, मनोज मुंतशर, ओम राउत, दीपक डाल्वी, राजू श्रीवास्तव, विवेक अग्निहोत्री, चंद्र प्रकाश द्विवेदी, भूषण कुमार, अशोक पंडित, पद्म कुमार, नीरज पांडेय, डेविड धवन, सुभाष घई, शारिक पटेल, भूषण कुमार, राज शांडिल्य, रवीना टंडन, सतीश कौशिक, विशाल चतुर्वेदी, जॉन मैथ्यु मधान, प्रियदर्शन, महावीर प्रसाद, महावीर जैन, अनामिका श्रीवास्तव, मुराद अली खान, ओम राउत, संदीप सिंह, दीपक दलवी।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

सीएम योगी का एलान, नोएडा-ग्रेनो में बनेगा उत्तर भारत का सबसे बड़ा लॉजिस्टिक हब

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नोएडा में उत्तर भारत का सबसे बड़ा लॉजिस्टिक हब बनाने का एलान किया है। योगी अपने सरकारी आवास पर इन्वेस्ट यूपी की उच्च स्तरीय प्राधिकृत समिति (प्रदेश स्तरीय उद्योग बंधु) को संबोधित कर रहे थे। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निर्माण के साथ ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेस-वे के पास का क्षेत्र एक आकर्षक निवेश मंजिल है। उन्होंने कहा कि दादरी में मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क और बोडाकी में ट्रांसपोर्ट हब, ग्रेटर नोएडा क्षेत्र को उत्तर भारत के सबसे बड़े लॉजिस्टिक्स हब के रूप में स्थापित करेंगे। 

मुख्यमंत्री ने बताया कि पारंपरिक निवेश के अवसरों के साथ सौर ऊर्जा, जैव ईंधन और नागरिक उड्डयन की असीम संभावनाओं को प्रोत्साहित किया जा रहा है। डिफेंस एवं एयरोस्पेस, वेयरहाउसिंग व लॉजिस्टिक्स, डेटा सेंटर, इलेक्ट्रिक वाहन, फार्मास्युटिकल उद्योग राज्य में निवेश के नए केंद्र हैं। 

उन्होंने निवेशकों के लिए कई सहूलियतों का एलान भी किया। कहा कि यूपी को औद्योगिक प्रदेश बनाने का महाभियान शुरू हो गया है। सरकार ने इस वर्ष औद्योगिक इकाइयों को 95 हजार करोड़ रुपये ऋण दिलाने का लक्ष्य तय किया है और 16 हजार करोड़ के नए निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इससे बड़ी संख्या में रोजगार के  अवसर पैदा होंगे।
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तेजी से भरें रिक्त पद, अनियमितता-लापरवाही की गुंजाइश न रहे : मुख्यमंत्री योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भर्ती आयोगों व चयन बोर्डों के अध्यक्षों से कहा है कि विभिन्न विभागों में रिक्त पदों की भर्ती प्रक्रिया पारदर्शितापूर्ण ढंग से तेजी से पूरी कर योग्य और अच्छे अभ्यर्थियों का चयन किया जाए। उन्होंने कहा है कि युवाओं को नौकरी सहित रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने छह महीने में सरकारी विभागों के सभी रिक्त पदों को भरने का एलान करने के बाद सोमवार को अपने सरकारी आवास पर भर्ती प्रक्रिया के संबंध में विभिन्न भर्ती बोर्डों के अध्यक्षों तथा शासन अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने राज्य लोक सेवा आयोग, अधीनस्थ सेवा चयन अयोग, उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग, माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड, पावर कॉर्पोरेशन लि., पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड आदि के अध्यक्षों से विस्तार से बातचीत कर  भर्तियों की अद्यतन स्थिति के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि सभी आयोगों व बोर्डों में चयन प्रक्रिया पारदर्शिता के साथ समयबद्ध ढंग से पूरी की जाए। परीक्षाओं को समय से संपन्न कराते हुए उनके परिणाम भी जल्द से जल्द घोषित किए जाएं। उन्होंने दो टूक स्पष्ट किया कि परीक्षाओं के संबंध में किसी भी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही की गुंजाइश नहीं रहनी चाहिए। पूरी तैयारी के साथ पारदर्शी ढंग से चयन परीक्षाओं को आयोजित किया जाए। परीक्षाओं में कोविड-19 प्रोटोकॉल तथा सोशल डिस्टेन्सिंग का पूर्ण पालन किया जाए।

उन्होंने मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी तथा अपर मुख्य सचिव कार्मिक मुकुल सिंघल को प्रत्येक विभाग से रिक्त पदों का प्रामाणिक विवरण प्राप्त कर प्रस्तुत किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को जल्द से जल्द रिक्त पदों का विवरण उपलब्ध कराकर भर्ती के लिए अधियाचन भेजने का निर्देश दिया। योगी ने कहा कि सरकार प्रदेश के युवाओं को नौकरी तथा रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराने के लगातार प्रयास कर रही है, जिससे उनका भविष्य उज्ज्वल हो। बैठक में राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष डा. प्रभात कुमार, अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष प्रवीर कुमार, मुख्य सचिव आरके तिवारी, अपर मुख्य सचिव नियुक्ति एवं कार्मिक मुकुल सिंघल, अपर मुख्य सचिव गृह एवं सूचना अवनीश कुमार अवस्थी, अपर मुख्य सचिव वित्त  संजीव मित्तल, पुलिस महानिदेशक हितेश चंद्र अवस्थी, अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा मोनिका सहगल गर्ग, अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा आराधना शुक्ला, अपर मुख्य सचिव ऊर्जा अरविंद कुमार व अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

सीएम ने तीन वर्ष में तीन लाख नौकरी देने पर संतोष जताया
मुख्यमंत्री ने पिछले 3 वर्षों में 3 लाख से अधिक अभ्यर्थियों को नौकरी दिए जाने पर संतोष व्यक्त किया और इस इस प्रक्रिया को और तेजी से आगे बढ़ाए जाने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्यमंत्री को बताया गया कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में पुलिस विभाग में 1,37,253 लोगों की भर्ती  की जा चुकी है। यह 2017 के पहले के दस वर्षों (वर्ष 2007 से वर्ष 2017 के पूर्व तक) के मुकाबले कई गुना ज्यादा है। बेसिक शिक्षा विभाग में 54,706 युवाओं की भर्ती हो चुकी है। चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में समूह ख, ग व घ की 8556 तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अन्तर्गत 28622 भर्ती हुई है। इसी तरह राज्य लोक सेवा आयोग ने 26,103 तथा अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने 16,708 लोगों की भर्ती की है। माध्यमिक शिक्षा विभाग (राजकीय एवं सहायता प्राप्त विद्यालय) के अंतर्गत 14,000 तथा उच्च शिक्षा विभाग (विश्वविद्यालय व महाविद्यालय) में 4615 भर्ती हुई है। इसी तरह चिकित्सा शिक्षा विभाग में 1112, नगर विकास विभाग में 700, सहकारिता विभाग में 726, वित्त विभाग में 614, प्राविधिक शिक्षा विभाग/व्यावसायिक शिक्षा विभाग में 365 तथा पावर कॉर्पोरेशन (ऊर्जा विभाग) में 6446 भर्ती हुई है।

1.25 लाख पदों पर भर्ती जारी
मुख्यमंत्री को वर्तमान में प्रक्रियाधीन भर्तियों की भी जानकारी दी गई है। बताया गया कि राज्य लोक सेवा आयोग में 5,421 व अधीनस्थ सेवा चयन अयोग में 35,019, उच्चतर शिक्षा सेवा अयोग में 290, बेसिक शिक्षा विभाग में 69,000, पुलिस विभाग में 16,836 तथा पावर कॉर्पोरेशन में 853 भर्ती प्रक्रियाधीन हैं।
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केजीएमयू: कोरोना की जांच में यूं हो रहा पूरा खेल, निगरानी से पकड़ में आया मामला

सीएम योगी आदित्यनाथ
केजीएमयू में कोरोना की जांच में खेल चल रहा है। निजी अस्पताल में भर्ती मरीज यहां आते हैं और कर्मचारियों को सुविधा शुल्क के साथ सैंपल देकर गायब हो जाते हैं। तीन दिन पहले मरीज से रुपये लेते ऐसे दो कंप्यूूटर ऑपरेटर और दो गार्ड पकड़े भी गए। हालांकि, अभी तक इनके खिलाफ  कार्रवाई नहीं हो सकी है। वहीं, कर्मचारियों की मिलीभगत से चल रहे इस खेल से गरीब और गंभीर मरीजों को होल्डिंग एरिया में जगह नहीं मिल पाती है। 

ऐसे हो रहा पूरा खेल
निजी अस्पताल में इलाज कराने वालों में लक्षण दिखने पर डॉक्टर कोविड की जांच कराने की सलाह देते हैं। इसके ढाई से तीन हजार रुपये जमा कराए जाते हैं, जबकि ट्रॉमा सेंटर की इमरजेंसी में मरीजों से कोविड जांच की फीस नहीं ली जा रही है। ऐसे में यहां के डॉक्टरों और कर्मचारियों की मिलीभगत से निजी अस्पताल के मरीज जांच कराने ट्रॉमा पहुंच जाते हैं और होल्डिंग एरिया में भर्ती हो जाते हैं।

निजी अस्पताल के मरीज व उनके तीमारदार कर्मचारियों को तीन से पांच सौ रुपये घूस देकर कोरोना की जांच करा लेते हैं। सैंपल देने के बाद ये चुपचाप गायब हो जाते हैं। मरीज पॉजिटिव होता है तो उसे संबंधित नंबर पर फोन कर ढूंढा जाता है, लेकिन रिपोर्ट निगेटिव आने पर मामला खत्म हो जाता है। इसकी रिपोर्ट कर्मचारी व्हाट्सएप से भेज देते हैं। 
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15 अक्तूबर को जारी होगी बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षकों की तबादला सूची

बेसिक शिक्षा परिषद के 54 हजार 120 सहायक अध्यापकों की तबादला सूची 15 अक्तूबर को जारी की जाएगी। स्थानांतरित होने वाले शिक्षकों को 26 अक्तूबर तक आवंटित स्कूल के कार्यभार ग्रहण करना होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से रविवार को शिक्षकों के तबादले की मंजूरी मिलने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग की अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार ने सोमवार को तबादलों का आगामी कार्यक्रम जारी किया। 

24 से 28 सितंबर तक किया जाएगा दावे एवं आपतियों का निस्तारण किया जाएगा।  29 से 30 सितंबर तक  जिला स्तरीय समिति द्वारा दावे आपति पर निर्णय के बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की ओर से संबंधित शिक्षक का डाटा रिसेट करते हुए  ऑनलाइन संशोधन का अवसर दिया जाएगा। शिक्षक- शिक्षिका 1 से 3 अक्टूबर तक अपने आवेदन पत्र में आवश्यक संशोधन कर सकेंगे।  जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी 4 से 5 अक्तूबर तक शिक्षक- शिक्षिकाओं की ओर से अंतिम रूप से प्राप्त आवेदनों को सत्यापित करते हुए ऑनलाइन लॉक करेंगे।  11 से  12 अक्तूबर तक एनआईसी की ओर से तकनीकी परीक्षण किया जाएगा। 15 अक्तूबर को ऑनलाइन तबादला सूची जारी की जाएगी।

स्थानन्तरित शिक्षक- शिक्षिकाओं को 24 अक्तूबर तक अपने वर्तमान जिले से कार्यमुक्त होकर स्थानांतरित जिले में कार्यभार ग्रहण करना होगा। 26 अक्तूबर तक जिले के ऑनलाइन आवंटित स्कूल में कार्यभार ग्रहण करना होगा।  उल्लेखनीय है कि  25814 अध्यापक और 28306 अध्यापिकाओं के तबादले किए जाएंगे। असाध्य रोगों एवं गंभीर बीमारियों से 2186 शिक्षकों का तबादला किया जाएगा। 2285  दिव्यांग शिक्षकों और सेना एवं अर्द्धसैनिक बलों में तैनात 917 सैनिकों की पत्नी या पति का भी ट्रांसफर उनकी पसंद के जिले में किया जाएगा।  करीब 9 हजार शिक्षकों का परस्पर  तबादला किया जाएगा।
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रायबरेली से उड़ा था आजमगढ़ में क्रैश हुआ एयरक्राफ्ट, सामने आई हादसे की ये वजह, तस्वीरें

स्वास्थ्य विभाग की उम्मीदों को झटका, कोविड अस्पतालों में ड्यूटी से बच रहे पीजी करके लौटे डॉक्टर 

पोस्ट ग्रेजुएशन करके लौटे प्रांतीय चिकित्सा सेवा संवर्ग के डॉक्टरों से स्वास्थ्य विभाग को उम्मीद थी कि वे वर्तमान जरूरत के अनुसार ड्यूटी करेंगे, लेकिन यह उम्मीद अब स्वास्थ्य विभाग को भारी पड़ रही है। पीएचसी पर तैनात ये सभी डॉक्टर पीजी पाठ्यक्रम के लिए स्वास्थ्य महानिदेशालय से एनओसी लेकर पढ़ने गए थे, पर अब वे फ्रंट लाइन कोरोना फाइटर बनने से बच रहे हैं। 

एमबीबीएस डिग्री वाले चिकित्साधिकारी को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनाती दी जाती है। जबकि विशेषज्ञ चिकित्सकों को जरूरत के अनुसार सीएचसी या फिर जिला-संयुक्त चिकित्सालयों में तैनात होते हैं। नेत्र रोग विशेषज्ञ को सीएमओ महाराजगंज के अधीन तैनाती दी गई है। यानी अधिकतम को सीएचसी पर ही तैनाती का मौका मिलेगा। इसी तरह एनेस्थेटिस्ट, एमडी मेडिसिन, एमडी टीबी एंड चेस्ट की डिग्री वालों को लेवल टू कोविड अस्पताल में तैनाती दी गई है।

महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य डॉ. डीएस नेगी का कहना है कि एनेस्थेटिस्ट, टीबी व चेस्ट रोग विशेषज्ञ, रेडियोलॉजिस्ट और एमडी मेडिसिन को लेवल टू में भेजा गया है। कोरोना महामारी काल में एमसीएच विंग, सीएचसी पर  लेवल टू अस्पताल बनाए गए हैं। विशेषज्ञों की जरूरत को देखते हुए उन्हें तैनाती दी गई है। महामारी खत्म होने के बाद सीएचसी व एमसीएच विंग से इन विशेषज्ञों को हटाया जाएगा। 
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अयोध्या पहुंचीं भोजपुरी स्टार अक्षरा सिंह, रामलला और हनुमानगढ़ी के दर्शन किए, फिल्म सिटी पर कही ये बात

भोजपुरी फिल्मों की स्टार अक्षरा सिंह सोमवार को अयोध्या पहुंचीं और रामलला, हनुमानगढ़ी और कनक भवन के दर्शन किए। उन्होंने कहा कि अयोध्या आकर बहुत अच्छा लग रहा है। मैं कोशिश करूंगी कि हर साल अयोध्या आऊं।

अक्षरा सिंह ने यूपी में फिल्म सिटी बनाने के प्रस्ताव पर कहा कि यूपी व बिहार का कलाकार प्रतिभा की खान माना जाता है। फिल्म सिटी बनने से यहां के कलाकारों के लिए अवसर खुलेंगे और लोगों को रोजगार मिलेगा।

वहीं, सुशांत सिंह मामले पर उन्होंने कहा कि मैं न्याय की मांग कर रही हूं। सुशांत सिंह राजपूत बिहार के थे मैं भी बिहार की हूं इसलिए मैं चाहती हूं कि इस मुद्दे पर न्याय हो।

वहीं, अक्षरा के बाद आए भोजपुरी अभिनेता रितेश पांडेय ने हनुमानगढ़ी मंदिर में दर्शन पूजन किया। मीडियो से बातचीत में उन्होंने कहा कि सनातन धर्म दुनिया का सबसे प्राचीन धर्म है।
अयोध्या मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम की जन्मभूमि है। इसे इस तरह से विकसित करें कि पूरी दुनिया में आकर्षण का केंद्र बने।

सुशांत सिंह राजपूत की मौत और बॉलीवुड में ड्रग्स रैकेट पर रितेश पांडेय ने कहा कि जिस थाली में ड्रग्स हो उसमें छेद करने की आवश्यकता नहीं होती। उन्होंने कहा कि सुशांत सिंह राजपूत मामले में अभी से किसी को दोषी ठहराने की आवश्यकता नहीं। इस पर फैसला कोर्ट करेगा।
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