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यूपी बोर्ड और विश्वविद्यालयों की परीक्षा पर 20 मई के बाद निर्णय 

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की हाईस्कूल, इंटरमीडिएट और विश्वविद्यालयों की परीक्षाओं को लेकर प्रदेश सरकार 20 मई के बाद निर्णय करेगी। उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने बताया कि 20 मई तक कोरोना संक्रमण की स्थिति को देखा जाएगा। इसके बाद स्थिति नियंत्रण में होने पर विश्वविद्यालयों से बात की जाएगी। यदि परीक्षा कराने की स्थिति नहीं हुई तो यूजीसी गाइडलाइन के अनुसार प्रमोट करने पर विचार किया जाएगा। 

लिहाजा, यूपी बोर्ड की परीक्षाओं को लेकर भी 20 मई के बाद ही निर्णय किया जाएगा। सरकारी विभाग समीक्षा के बाद अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री के सामने प्रस्तुत करेंगे। मुख्यमंत्री के निर्णय के अनुसार आगे की कार्यवाही की जाएगी। 
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उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा

#ladengecoronase: महज 15 दिन में एफमेक ने तैयार किया 350 बेड का प्री-कोविड अस्पताल, पहले दिन तीन मरीज भर्ती

न डीआरडीओ, न रक्षा मंत्रालय, न किसी अन्य सरकारी एजेंसी की मदद। आगरा के जूता उद्यमियों के संगठन एफमेक ने महज 15 दिनों के अंदर 350 बेड का प्री-कोविड अस्पताल शुरू कर दिया। एफमेक पदाधिकारियों ने औपचारिक रूप से मंगलवार को सींगना स्थित आगरा ट्रेड सेंटर में बनाए गए प्री-कोविड अस्पताल का शुभारंभ किया। पहले दिन यहां तीन मरीज भर्ती किए गए हैं।

यहां प्रशासन के कंट्रोल एंड कमांड सेंटर के जरिए मरीजों को भर्ती किया जाएगा, जिनका इलाज विदेशी चिकित्सकों के भी परामर्श के साथ किया जाएगा। प्रकृति के करीब बने अस्पताल में योग, आध्यात्मिक संगीत के साथ कोरोना संक्रमितों का इलाज किया जाएगा।

एफमेक अध्यक्ष पूरन डावर ने प्रेसवार्ता में बताया कि 15 दिन से युद्ध स्तर पर इसकी तैयारी चल रही थी जिसे अब शुरू कर दिया गया है। विदेशों से अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण मंगवाए गए, जबकि ऑक्सीजन गैस सिलिंडर देश के कई शहरों से मंगवाए गए। प्रशासन की मदद के कारण रिकार्ड समय में कोविड अस्पताल शुरू कर दिया गया। उन्होंने डीएम प्रभु एन सिंह, नगर आयुक्त निखिल टी फुंडे, डीवीवीएनएल एमडी के साथ सीएमओ डा. आरसी पांडे को सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। पत्रकार वार्ता के दौरान विजय निझावन, चंद्रमोहन सचदेवा, अनिरुद्ध तिवारी, अशोक अरोरा, अजय शर्मा, ब्रजेश शर्मा और डॉ. आरएन शर्मा आदि विशेष रूप से मौजूद रहे।
 
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10 साल पहले लापता हुई महिला केरल में मिली, शेल्टर होम में रही थी, क्राइम बांच ने भाई को खोजा

एक दशक पहले अचानक लापता हुई महिला सुनीता केरल के मल्लापुरम में एक शेल्टर में रह रही थी। शेल्टर होम के अफसरों ने कानपुर ब्रांच को सूचना दी तो क्राइम ब्रांच ने महिला के भाई को खोज निकाला। महिला की भाई से फोन पर बात भी कराई गई।

भाई बहन को लेने केरल जाएगा। डीसीपी क्राइम सलमान ताज पाटिल ने बताया कि कुछ दिन पहले केरल के एक शेल्टर होम के अधिकारियों ने उनसे संपर्क कर बताया कि दस सालों से कानपुर निवासी सुनीता यादव वहां पर रह ही है। उन्होंने डीसीपी को महिला के परिवार के बारे में आधी अधूरी जानकारी दी।

उसी आधार पर क्राइम ब्रांच की टीम ने शास्त्री नगर निवासी उसके भाई कृष्ण कुमार को खोज निकाला। सुनीता के माता-पिता की मौत हो चुकी है। पुलिस ने कृष्ण कुमार से सुनीता से बात कराई तो दोनों ने एक दूसरे को पहचान लिया। जल्द ही कृष्ण कुमार केरल जाएगा।

शेल्टर होम में हैं यूपी की तीन और महिलाएं 
डीसीपी क्राइम ने बताया कि शेल्टर होम प्रशासन ने बताया कि कानपुर के अलावा अयोध्या, रामपुर और मुजफ्फरनगर की एक-एक महिला वहां पर हैं। जो कई वर्षों से रह रही हैं। उनके परिवार के बारे में भी जानकारी दी। जिसको डीसीपी ने संबंधित जिलों के एसपी को जानकारी साझा की। एक महिला भोपाल की है। इस बारे में भोपाल के पुलिस अफसरों को भी जानकारी दी है। डीसीपी ने बताया कि शेल्टर होम में इसी तरह से देश भर की 25 महिलाएं रह रही हैं।
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यूपी-बिहार बॉर्डर के बक्सर में गंगा किनारे मिले 71 शवों का नहीं हो सका पोस्टमार्टम, गड्ढा खोद कर दफनाया गया

बक्सर के चौसा के समीप  गंगा में  मिले 71 शवों को गंगा किनारे गड्ढा खोद कर दफना दिया गया। शव सड़ गए थे, इसलिए उनका पोस्टमार्टम नहीं हो सका। लेकिन, उनके स्वैब का नमूना लिया गया। जिससे कोविड टेस्ट व आवश्यकता पड़ने पर डीएनए की जांच हो सके। यह कार्रवाई सोमवार देर रात तक चली। इस दौरान डीएम अमन समीर व एसपी नीरज कुमार सिंह मौजूद रहे।  

वहां से लौटे अधिकारियों ने बताया हमारी टीम ने चौसा के पास गंगा में निगरानी बढ़ा दी है। वहीं जिला प्रशासन ने कुछ तस्वीरें और एक वीडियो जारी कर दावा किया है शव यूपी की तरफ से हमारी सीमा में आ रहे हैं। इसकी रोकथाम के लिए चौसा रानी घाट के पास मंगलवार को महाजाल लगाया गया।

चौसा के अंचल अधिकारी नवलकांत एवं मुफस्सिल पुलिस की देखरेख में यह कार्य संपन्न हुआ। हालांकि इतना सब कुछ होने के बावजूद भी चौसा बाजार घाट व हादिपुर गांव के समीप तीन-चार शव देखे गए हैं। वहीं डीएम अमन समीर ने कहा चौसा में अधिकारियों की तैनाती कर दी गई है। वहां फिलहाल किसी को शव प्रवाहित करने की अनुमति नहीं होगी। 
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कोरोना के कारण यूपी टीईटी स्थगित, 25 जुलाई को प्रस्तावित थी परीक्षा

गंगा घाट पर पीपीई कीट पहन कर शवों को निकालते कर्मी
राज्य सरकार ने प्रदेश में कोरोना संक्रमण के मद्देनजर उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी)-2020 को स्थगित किया है। बेसिक शिक्षा विभाग के विशेष सचिव आरवी सिंह ने मंगलवार को इसका शासनादेश जारी किया। परीक्षा नियामक प्राधिकारी सचिव की ओर से टीईटी स्थगित करने का प्रस्ताव दिया गया था। सिंह के अनुसार कोरोना संक्रमण की परिस्थितियों के मद्देनजर टीईटी के लिए पुनः निर्णय लिया जाएगा। 

गौरतलब है कि परीक्षा नियामक प्राधिकारी सचिव अनिल भूषण चतुर्वेदी ने टेट स्थगित करने का प्रस्ताव शासन को भेजा था। इस पर बेसिक शिक्षा विभाग के विशेष सचिव आरबी सिंह ने कहा था कि इस पर सैद्धांतिक सहमति बन गई है। 

इसका आदेश एक-दो दिन में जारी किया जाएगा। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 18 मई से टेट के ऑनलाइन आवेदन भरे जाने थे, जबकि 25 जुलाई को परीक्षा प्रस्तावित थी। चतुर्वेदी ने प्रस्ताव में कहा था कि संक्रमण की मौजूदा स्थिति को देखते हुए टेट के आवेदन भराने से लेकर उनका सत्यापन कराने और परीक्षा की तैयारियां करना संभव नहीं है।
 
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यूपी : डब्ल्यूएचओ हुआ योगी सरकार का मुरीद, जानिए क्या कहा कोरोना को लेकर

प्रदेश में कोविड प्रबंधन के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने योगी सरकार की तारीफ की है। ग्रामीण इलाकों में राज्य सरकार द्वारा कोरोना के माइक्रो मैनेजमेंट की डब्ल्यूएचओ ने अपनी वेबसाइट पर खुल कर सराहना की है। डब्ल्यूएचओ ने प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में कोरोना के नियंत्रण के लिए  चलाए जा रहे महाअभियान की चर्चा करते हुए अपनी रिपोर्ट में बताया है कि राज्य सरकार ने किस तरह से 75 जिलों के 97941 गांवों में घर-घर संपर्क कर कोरोना की जांच करने के साथ आइसोलेशन और मेडिकल किट की सुविधा उपलब्ध कराई है।

डब्ल्यूएचओ ने योगी सरकार के कोरोना प्रबंधन को धरातल पर परखने के लिए प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में 10 हजार घरों का दौरा किया। डब्ल्यूएचओ की टीम ने खुद गांवों में कोरोना प्रबंधन का हाल जाना। कोरोना मरीजों से उनको मिल रही चिकित्सीय सुविधाओं के बारे में जानकारी हासिल की। यही नहीं डब्ल्यूएचओ के विशेषज्ञों ने फील्ड में काम कर रही 2 हजार सरकारी टीमों के कामकाज की गहन समीक्षा भी की है। 

डब्ल्यूएचओ ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि किस तरह प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में योगी सरकार सामुदायिक केंद्रों, पंचायत भवनों और स्कूलों में कोरोना मरीजों की जांच और इलाज की सुविधा दे रही है। जिले के हर ब्लाक में कोविड जांच के लिए राज्य सरकार की ओर से दो मोबाइल वैन तैनात की गई हैं। स्वास्थ्य विभाग की 141610 टीमें दिन रात काम कर रही हैं। इस पूरे अभियान पर नजर रखने के लिए  21242 पर्यवेक्षकों की तैनाती की गई है।

ग्रामीण इलाकों में कोविड समेत अन्य संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए राज्य सरकार ने बड़े स्तर पर स्वच्छता अभियान चला रखा है। 60 हजार से अधिक निगरानी समितियों के 4 लाख सदस्य गांवों में घर-घर पहुंच कर न सिर्फ  कोविड के प्रति लोगों को जागरूक कर रहे हैं बल्कि साफ-सफाई और स्वास्थ्य सुविधाओं से भी जोड़ रहे हैं। इस तरह का अभियान चलाने वाला यूपी देश का पहला राज्य है। गौरतलब है कि कोरोना की पहली लहर के दौरान भी योगी सरकार के कोरोना प्रबंधन की डब्ल्यूएचओ समेत देश और दुनिया में तारीफ  हुई थी।
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जहरीली शराब से हुईं कई मौतें: गांवों में छह लोगों की गई जान, कई जिंदगी-मौत से कर रहे संघर्ष

यूपी: प्रदेश में कोरोना मरीजों की संख्या में लगातार गिरावट, पिछले 24 घंटे में 306 की मौत

प्रदेश में पॉजिटिव मरीजों की संख्या में गिरावट हुई है। एक्टिव केस भी लगातार कम हो रहे हैं। मंगलवार को 20463 नए मरीज मिले हैं जबकि 29358 डिस्चार्ज हुए हैं। इसी तरह 306 मरीजों की मौत हुई है। अब कुल एक्टिव केस 216057 है। 

प्रदेश में चार करोड़ 34 लाख चार हजार एक सौ 84 लोगों की जांच की गई है। अब तक 15 लाख 45 हजार 212 लोक संक्रमित पाए गए हैं। मंगलवार को लखनऊ में 1154 कानपुर नगर में 432, वाराणसी में 523, प्रयागराज में 276 मेरठ में 1368 गौतम बुध नगर में 1229 ,गोरखपुर में 666, गाजियाबाद में 817 ,बरेली में 959 ,मुरादाबाद में 470 झांसी में 394 सहारनपुर में 959 मुजफ्फरनगर में 771 आगरा में 238 लखीमपुर खीरी में 304 गाजीपुर में 344 मथुरा में 393 देवरिया में 397 बुलंदशहर में 507, बदायूं में 351 कुशीनगर में 316 शामली में 430 पीलीभीत में 473 मरीज मिले हैं। अन्य जिलों में 300 से कम मरीज पाए गए हैं। 

कहां कितने लोगों की हुई मौत
लखनऊ में 23 कानपुर नगर में 16 वाराणसी में आठ ,प्रयागराज में पांच, मेरठ में 15, गौतम बुध नगर में 12 गोरखपुर में 5 गाजियाबाद में सात, झांसी में 12, सहारनपुर में आठ ,मुजफ्फरनगर में चार, आगरा में 11 लखीमपुर खीरी में आठ, बलिया में छह जौनपुर में पांच ,गाजीपुर में तीन ,अलीगढ़ में चार , मथुरा में 8 आजमगढ़ में 11 बुलंदशहर में आठ चंदौली में छह सोनभद्र में नौ,  इटावा में छह ,हरदोई में 8 रामपुर में 6, बस्ती में 10 बहराइच में 7 मैनपुरी में 6 भदोही में सात बागपत में तीन लोगों की मौत हुई है। अन्य जिलों में कहीं दो तो कहीं 3 लोगों की मौत हुई है। 
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