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एक माह तक वृंदावन बिहारी जी मंदिर में कराएं चन्दन तुलसी इत्र सेवा , मिलेगा नौकरी व व्यापार से जुड़े समस्याओं का समाधान
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एक माह तक वृंदावन बिहारी जी मंदिर में कराएं चन्दन तुलसी इत्र सेवा , मिलेगा नौकरी व व्यापार से जुड़े समस्याओं का समाधान

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Digital Edition

सरकारी व निजी अस्पतालों में सर्जरी ओपीडी शुरू होगी, गर्भावस्था की भी होगी जांच

सरकारी व निजी अस्पतालों में सर्जरी ओपीडी शुरू होगी। प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने यह आदेश जारी कर दिया।

एंटी रैबीज व अन्य टीकाकरण की सुविधा भी मिलेगी। अभी तक अस्पतालों में सिर्फ इमरजेंसी सेवाएं ही दी जा रही थीं। सामान्य ओपीडी सेवाएं अभी भी बंद रहेंगी।

प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद के अनुसार टीबी, एचआइवी जांच व इलाज की सुविधा भी शुरू की जाएगी।

जिला अस्पतालों व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर चलाए जा रहे असाध्य रोग केंद्र, गर्भवती महिलाओं, दो वर्ष तक के बीमार बच्चों की जांच के लिए और 102 एंबुलेंस की सेवा दी जाएगी। अस्पतालों में गर्भ समाधान, नसबंदी, डायग्नोस्टिक इमेजिंग, लैब खोली जाएंगी।
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Coronavirus in UP: इटावा में कोरोना के दो मरीज बढ़े, संक्रमितों की संख्या 39 हुई

Coronavirus in Gorakhpur: गोरखपुर में मिले 8 कोरोना पॉजिटिव, जिले में संक्रमितों की संख्या हुई 53

राम मंदिर का निर्माण शुरू, महंत नृत्य गोपाल दास ने 28 साल बाद किए रामलला के दर्शन

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास ने सोमवार को 28 साल बाद रामलला के दर्शन किए। उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण कार्य आज से शुरू हो गया है और मशीनें आती रहेंगी मंदिर बनता रहेगा। रामलला के दर्शन कर ट्रस्ट के अध्यक्ष भाव विभोर हो गए। रामलला के टेंट से बाहर निकलकर अस्थाई मंदिर में विराजमान होने के बाद पहली बार रामलला के दर्शन करने के बाद उन्होंने कहा कि आज बहुत ही पवित्र दिन है। जहां राम लला विराजमान है उनके दर्शन के लिए हम लोग आए हैं। बहुत ही अच्छे से दर्शन हुए और सभी लोगों से वार्तालाप हुई। 

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अब प्रवासियों को रोजगार देने के लिए दूसरे राज्यों को लेनी होगी सरकार से मंजूरी  

महंत नृत्य गोपाल दास ने आगे कहा कि जहां रामलला प्रकट हुए हैं वहां पर आना चाहिए, दर्शन करना चाहिए। मंदिर निर्माण कार्य पर उन्होंने कहा कि जो शिला है वह तैयार हो चुकी है। मंदिर निर्माण कार्य आज से शुरू हो गया है, मशीनें आती रहेंगी और मंदिर बनता रहेगा। हमने आज से मंदिर निर्माण का कार्य शुरू करा दिया है।
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महंत नृत्य गोपाल दास महंत नृत्य गोपाल दास

यूपी में कोरोना LIVE:  वाराणसी में मिले 8 नए कोरोना पॉजिटिव, कुल मरीजों की संख्या हुई 6317

गाजियाबाद में कोरोना पॉजिटिव बुजुर्ग की मौत
न्यू कोटगांव निवासी बुजुर्ग 10 मई से मैक्स वैशाली में भर्ती थे। उन्हें कोलाइटिस, हाई डायबिटीज और गाल ब्लडर में पथरी होने से पीलिया की बीमारी थी। 22 मई को उनकी कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। जिले में कोरोना संक्रमण की चपेट में आने से 5वीं मौत है।

गोरखपुर में कोरोना संक्रमित की मौत
गोरखपुर में सोमवार को एक कोरोना संक्रमित की मौत हो गई। यह जिले में कोरोना से चौथी मौत है। अभी तक जिले में 53 कोरोना पॉजिटिव मिल चुके हैं, जिनमें से 4 की मौत हो चुकी है।

इटावा में कोरोना के दो मरीज बढ़े
इटावा में कोरोना के दो और मरीज बढ़े। जिसमें एक मरीज शहर व दूसरा गांव का है। इटावा जिले में कोरोना मरीजों की संख्या 39 पहुंच गई है। जिसमें से एक्टिव केस 36 हैं। जबकि दो मरीज ठीक हो चुके हैं और एक की मौत हो गई है।

कानपुर में कोरोना का एक और मरीज बढ़ा
कानपुर में कोरोना का एक केस और बढ़ गया। सीटीएस बिठूर निवासी 34 वर्षीय महिला की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है। कानपुर में अब कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर 333 हो गई है। जबकि 11 लोगों की कोरोना से मौत हो चुकी है।

उन्नाव में एक और कोरोना पॉजिटिव मिला
उन्नाव जिले में सोमवार को एक और कोरोना पॉजिटिव केस सामने आए हैं। मरीज 14 मई को मुंबई से लौट कर आया था। इस तरह जिले में अब कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर 28 हो गई है। जिले में 23 एक्टिव केस हैं। एक मरीज की कोरोना से मौत हो चुकी है।

अलीगढ़ में मिले दो कोरोना संक्रमित
रिटायर्ड एडी हेल्थ डॉ. गीता प्रधान व उनके पति डॉ. नरेश चन्द्र कोरोना पॉजिटिव मिले। डॉ. नरेश चन्द्र जेएन मेडिकल कॉलेज के ईएनटी डिपार्टमेंट में सीनियर कंसल्टेंट हैं। डॉ. गीता प्रधान एडी हेल्थ के पद से 30 अप्रैल को रिटायर्ड हुई हैं। उनके बेटी-दमाद की सैंपलिंग के आदेश दिए गए। दोनों इनके साथ टेलिफोन एक्स्चेंज के पीछे स्थित आवास में रहते हैं।

गोरखपुर में मिले आठ कोरोना संक्रमित
गोरखपुर में सोमवार को आठ कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। जिले में अब कुल संक्रमितों की संख्या 53 हो गई है। इसकी पुष्टि सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी ने की है।

वाराणसी में आठ नए कोरोना संक्रमित
वाराणसी में कोरोना के आठ नए मरीज मिले। इसमें छह मरीज वाराणसी के ही हैं और एक जौनपुर व एक हरियाणा के करनाल का है। जिलाधिकारी कौशलराज शर्मा ने की पुष्टि।

यूपी में अब तक 3581 लोग हुए स्वस्थः प्रधान स्वास्थ्य सचिव अमित मोहन प्रसाद
यूपी में बीते 24 घंटे में 273 नए कोरोना पॉजिटिव केस मिल हैं। 3581 लोगों स्वस्थ हो चुके हैं और उन्हें डिस्चार्ज किया जा चुका है। वहीं अब तक 165 लोगों की जान जा चुकी हैः प्रधान स्वास्थ्य सचिव अमित मोहन प्रसाद



महाराजगंज में दो मरीज स्वस्थ
उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले में कोरोना के बढ़ते प्रभाव के बीच सोमवार को सुखद संदेश आया है। कोरोना से पीड़ित दो मरीजों को स्वास्थ होने की रिपोर्ट आई है। ऐसे में अब जिले में एक्टिव केस संख्या घटकर 26 हो गई है। यहां अभी तक कुल 38 कोरोना केस हैं। इसकी पुष्टि जिलाधिकारी डॉ. उज्ज्वल कुमार ने की है।

वहीं बस्ती जिले में भी मुंडेरवा के लेवल वन के अस्पताल में भर्ती 15 पॉजिटिव की तीसरी रिपोर्ट नेगेटिव आई है। 15 लोगों को डॉक्टरों की टीम में थर्मल स्कैनिंग करने के बाद घर भेज दिया गया है। सभी को घर में 15 दिन तक अलग कमरे में रहने के निर्देश दिए गए हैं। इसकी पुष्टि डीएम आशुतोष निरंजन ने की है।

चित्रकूट में कोरोना के सात और मरीज मिले
यूपी में कोरोना संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ती ही जा रही है। सोमवार को चित्रकूट जिले में सात और लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई हैं। ये मरीज प्रवासी हैं। चित्रकूट जिले में अब कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ कर 27 हो गई है। जिले में 11 एक्टिव केस हैं। एक मरीज की मौत हो चुकी है। जबकि 15 कोरोना मरीज ठीक हो चुके हैं।

372 साल में पहली बार ताज में नहीं हुई ईद की नमाज 
372 साल में पहली बार ताजमहल में ईद की नमाज नहीं हुई। बता दें  इस दौरान ताज में तीन घण्टे रहता था निःशुल्क प्रवेश रहता था और औसतन 20 हजार से ज्यादा लोग नमाज के लिए पहुंचते थे।

सामाजिक दूरी का पालन करते हुए ऐशबाग ईदगाह में अदा की नमाज 
 

लखनऊ में ईदगाह इमाम मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली और कुछ अन्य लोगों ने ईद उल फितर के अवसर पर ऐशबाग ईदगाह पर सामाजिक दूरी का पालन करते हुए नमाज अदा की।

विदेश से आने वाले यात्रियों को देना होगा सहमति पत्र 
उत्तर प्रदेश गृह विभाग ने कहा है कि विदेशों से आने वाले यात्रियों को इस आशय में सहमति पत्र देने की आवश्यकता होगी कि वे सात दिन क्वारंटीन सुविधाओं के लिए भुगतान करेंगे और  सात दिन होम क्वारंटीन में रहेंगे। कुछ असाधारण स्थितियों में, यात्रियों को होम क्वारंटीन के लिए अनुमति दी जाएगी।

हमीरपुर में कोरोना के दो मरीज और बढ़े
यूपी के हमीरपुर में कोरोना के दो और केस सामने आए हैं। जिसमें से एक मरीज मुंबई से लौटा था। वहीं दूसरा कोरोना संक्रमित मिले अधेड़ का तीन वर्षीय बेटा संपर्क में आने से पॉजिटिव हुआ। हमीरपुर में कोरोना संक्रमितों की संख्या छह हो गई है।

सहारनपुर में मांगी गई महामारी के खात्मे की दुआ
सहारनपुर जनपद में घरों में ही नमाज पढ़कर वैश्विक महामारी के खात्मे की दुआ मांगी गई। वैश्विक महामारी कोरोना के चलते में ईद की नमाज ईदगाह में अदा नहीं की गई।  मुस्लिम समुदाय के लोगों ने अपने घरों के अंदर ही ईद की नमाज अदा की और इंसानियत की सलामती एवं वैश्विक महामारी के खात्मे के लिए अल्लाह से दुआ की। 

लॉकडाउन का सख्ती से पालन 
बिजनौर में रविवार को जिले में पुलिस ने लॉकडाउन का सख्ती से पालन कराया। रविवार को जरूरी सामान को छोड़कर बाकी दुकानें नहीं खुलने दीं गई। सोमवार को ईद पर पुलिस प्रशासन सुबह से ही सतर्क हो गया। ईदगाह व मस्जिदों में ईद की नमाज अदा नहीं होने दी गई।

बाजारों में सन्नाटा 
शामली शहर में ईद के मौके पर बाजारों में सन्नाटा रहा। मिठाई की दुकान खोली लेकिन ग्राहकों की कमी रही। धार्मिक स्थलों के आसपास पुलिस और पीएसी का पहरा रहा। ड्रोन कैमरों से निगरानी की गई। जनपद में  सेक्टर जोनल व्यवस्था लागू की गई है। लोग अपने घर पर ही ईद की नमाज अदा कर रहे हैं।

मुजफ्फरनगर में पुलिस बल अलर्ट 
 मुजफ्फरनगर में सोमवार को ईद के मौके पर जहां लाॅकडाउन के पूर्णत पालन को लेकर पुलिस बल अलर्ट है। वहीं जिले के खतौली में कुछ लोगों ने सामूहिक रूप से मस्जिद में नमाज अदा करने की सूचना पर पुलिस ने छापा मारकर लोगों को नसीहत देकर बाहर निकाला। पुलिस जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है।

बस्ती में 16 नए मरीज 
बस्ती जिले में कोरोना पॉजिटिव के 16 नए मरीज पाए गए हैं। सोमवार की सुबह बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर से आई रिपोर्ट के बाद स्वास्थ्य विभाग के एसीएमओ डॉक्टर फखरे यार ने इसकी पुष्टि कर दी है। यह मरीज मुंबई से ट्रक और अन्य साधनों से यहां 15  मई  को आए थे। इन्हें पचवस स्थित विद्यालय में रखा गया था इस प्रकार जिले में अब कुल पॉजिटिव की संख्या 141 हो गई है। इसमें से 28 मरीज ठीक हो कर घर जा चुके हैं। जबकि दो कि अब तक मौत हो चुकी है। जिले मे एक्टिव मरीज की संख्या 111 हो गई है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ली कोविड-19 प्रबंधन टीम-11की समीक्षा बैठक 

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में कोरोना वायरस कोविड-19 प्रबंधन टीम-11 के साथ समीक्षा बैठक की।

इटावा में कोरोना से पहली मौत
यूपी के इटावा जिले में कोरोना से पहली मौत हुई। निमोनिया की शिकायत पर मरीज को 23 मई को दोपहर में सैफई चिकित्सा विवि में भर्ती कराया गया था। उसी रात 12:5 बजे मौत हो गई। मरीज मोहल्ला रामगंज निवासी था। कोरोना जांच के लिए सैम्पल लिया गया था। मौत के बाद जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इटावा में कोरोना मरीजों की संख्या 37 पहुंच गई है। जिसमें से एक्टिव केस 34 हैं। जबकि दो मरीज ठीक हो चुके हैं और एक की मौत हो गई है।

मुरादाबाद में लोगों ने घर में अदा की नमाज 


मुरादाबाद में लोगों ने लॉकडाउन के दिशा-निर्देशों और मापदंडों को ध्यान रखते हुए ईद की नमाज घर ही में अदा की। 

लखनऊ हवाई अड्डे से घरेलू उड़ान शुरू


यात्री अपनी संबंधित उड़ानों के लिए लखनऊ हवाई अड्डे पर पहुंचे, बता दें घरेलू उड़ान संचालन आज से फिर शुरू हो गया है।
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यूपी : अब प्रवासियों को रोजगार देने के लिए दूसरे राज्यों को लेनी होगी सरकार से मंजूरी  

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कहा कि राज्य सरकार प्रवासी मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा और बीमा उपलब्ध कराएगी। उन्होंने आगे कहा कि उत्तर प्रदेश के प्रवासियों को रोजगार देने के इच्छुक अन्य राज्यों को यूपी सरकार की मंजूरी लेनी होगी।

योगी ने कहा कि मजदूरों के साथ कई राज्यों में दुर्व्यवहार की रिपोर्ट सामने आई हैं। अगर कोई राज्य प्रवासी मजदूरों को रोजगार देना चाहता है तो उन्हें इसके लिए सरकार की मंजूरी लेनी होगी। हम मजदूरों की सामाजिक सुरक्षा की पूरी जिम्मदारी लेते हैं। हम उन्हें बीमा सहित हर तरह की सुरक्षा देंगे। 

माइग्रेशन कमीशन को रुपरेखा प्रस्तुत करने के निर्देश
 

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को कहा था कि कामगारों व श्रमिकों को सेवायोजित करने के लिए एक माइग्रेशन कमीशन गठित करने की रुपरेखा प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि इसके तहत कामगारों व श्रमिकों की स्किल मैपिंग की जाए और उनका सारा ब्यौरा इकट्ठा किया जाए जिसके बाद उन्हें रोजगार देकर मानदेय दिया जाए। कृषि विभाग और दुग्ध समितियों में ऐसे श्रमिकों व कामगारों को बड़े पैमाने पर रोजगार उपलब्ध करवाया जा सकता है। मुख्यमंत्री योगी ने ये निर्देश रविवार को अफसरों के साथ हुई समीक्षा बैठक में दिए।

कामगारों व श्रमिकों को राज्य स्तर पर बीमे का लाभ देने की व्यवस्था करने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि इससे इनका जीवन सुरक्षित हो सकेगा। ऐसी कार्य योजना तैयार की जाए, जिससे कामगारों व श्रमिकों को जॉब सिक्योरिटी मिल सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के प्रयासों से अब तक 23 लाख कामगारों व श्रमिकों को प्रदेश वापस लाया जा चुका है। राज्य सरकार इन सभी की सुरक्षित व सम्मानजनक वापसी के लिए प्रतिबद्घ है। उन्होंने कहा कि आने वाले सभी श्रमिकों व कामगारों की स्क्रीनिंग कर उन्हें आवश्यकतानुसार क्वारंटीन सेंटर या होम क्वारंटीन में भेजा जाए। होम क्वारंटीन किए जाने वाले श्रमिकों व कामगारों को खाद्यान्न किट जरूर दी जाए और इनके राशन कार्ड भी बनवाए जाएं। साथ ही, इन्हें होम क्वारंटीन के दौरान 1,000 रुपये का भरण-पोषण भत्ता भी उपलब्ध करवाया जाए।
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इस योजना से बदलेगी श्रमिकों की तकदीर, राज्यपाल ने कहा- यह काम मुश्किल है, असंभव नहीं

भीषण धूप ने किया बेहाल
'एक जिला, एक उत्पाद' की तर्ज पर कृषि विश्वविद्यालयों को 'एक जिला, एक फसल' योजना पर काम करने का निर्देश दिया गया है। इससे गांवों में रोजगार के अवसर पैदा होंगे। रोजगार की तलाश में लोगों को गांव से शहरों में नहीं जाना पड़ेगा। यह काम मुश्किल है पर असंभव नहीं। ये बातें राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की ओर से सोमवार को आयोजित वेबिनार की अध्यक्षता करते हुए कहीं। इस कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा मुख्य अतिथि थे।

वेबिनार का विषय 'प्रवासी श्रमिकों की घर वापसी और उत्तर प्रदेश का ग्रामीण विकास' था। राज्यपाल और विश्वविद्यालय की कुलाधिपति ने कहा कि कोरोना वायरस की परिस्थिति को देखते हुए लॉकडाउन का निर्णय उचित रहा। इस दौरान सबसे बुरा असर श्रमिकों व कामगारों पर पड़ा। लाखों की संख्या में प्रवासी श्रमिक व कामगार परिवार के साथ घर वापसी की। तमाम लोगों ने पैदल व साइकिल से सफर किया और मुश्किलों का सामना किया।


उन्होंने कहा कि 23 लाख कामगार व श्रमिक विभिन्न राज्यों से उत्तर प्रदेश में आए हैं। सवाल उठता है कि लॉकडाउन समाप्त होने के बाद ये प्रवासी व कामगार अपने कामों पर लौटेंगे या नहीं?  हमें सोचना होगा कि जो दूसरी जगह जाकर विकास कर सकते हैं, वो अपने प्रदेश में रहते रोजगार पा सकते हैं। यहां कृषि योग्य और अन्य संसाधन हैं। 
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वाराणसी में एक पुलिसकर्मी समेत कोरोना के 18 नए मरीज, अधिकांश श्रमिक

एमएमएमयूटी के इन दो छात्रों ने रचा इतिहास, देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थान में मिला प्रवेश

मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) के दो विद्यार्थियों अंजलि मिश्रा और ऋषभ तिवारी को इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (आईआईएम) इंदौर में दाखिला मिला है। अब विद्यार्थी पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम इन मैनेजमेंट की पढ़ाई करेंगे। अंजलि और ऋषभ बीटेक केमिकल इंजीनियरिंग अंतिम वर्ष के विद्यार्थी हैं।  

 एमएमएमयूटी में केमिकल इंजीनियरिंग विभागाध्यक्ष डॉ विठ्ठल एल. गोले ने बताया कि आईआईएम कोजीकोड ने सभी आईआईएम में प्रवेश के लिए नवंबर 2019 में कॉमन एडमिशन टेस्ट (कैट) का आयोजन किया था। इसमें ऋषभ ने 93.52 और अंजलि ने 91.69 परसेंटाइल मार्क्स हासिल किए थे।

अब ग्रुप डिस्कशन (जीडी) और पर्सनल इंटरव्यू (पीआई) के अंतिम नतीजे भी आ गए हैं। इसके मुताबिक दोनों मेधावियों को आईआईएम इंदौर में दाखिला मिला है। आईआईएम शिलांग, रांची, उदयपुर, बोधगया, अमृतसर और विशाखापत्तनम से भी दाखिले की कॉल आई थी लेकिन विद्यार्थियों ने आईआईएम इंदौर को तरजीह दी।

अंजलि विश्वविद्यालय की छात्र क्रिया कलाप परिषद की सक्रिय सदस्य हैं। ऋषभ पिछले वर्ष संयुक्त राष्ट्र संघ के मुख्यालय न्यूयार्क में आयोजित संयुक्त राष्ट्र आर्थिक एवं सामाजिक परिषद् यूथ फोरम में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। उन्हें सतत विकास को बढ़ावा देने की दिशा में कार्य करने के लिए बहुत से पुरस्कार मिले हैं। एमएमएमयूटी के कुलपति प्रो. एसएन सिंह ने दोनों विद्यार्थियों को बधाई दी है। विद्यार्थियों ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता एवं शिक्षकों को दिया है।
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लापरवाही से बढ़ा बरेली से अमरोहा तक खतरा, अंतिम संस्कार के बाद पता लगा संक्रमित थे बुजुर्ग तो दहले लोग

साहूकारा इलाके के 70 वर्षीय बुजुर्ग की मौत के बाद अमरोहा ले जाकर उनका अंतिम संस्कार भी कर दिया गया लेकिन अब पूरा शहर इस भयावह सवाल का सामना कर रहा है कि कोरोना के शक में जब उनका सैंपल लिया जा चुका था तो रिपोर्ट आने से पहले ही उनका शव उनके परिवार वालों को सौंपने का जोखिम क्यों उठाया गया। बहरहाल मृत्यु से पहले पीलीभीत रोड और स्टेडियम रोड के दो निजी अस्पतालों में भर्ती रहे इन बुजुर्ग के संपर्क में आए कितने लोगों में संक्रमण फैला, इसका पता लगाने की चुनौती से स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के चेहरों पर शिकन साफ दिख रही है।

स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक साहूकारा में रहने वाले 70 वर्षीय बुजुर्ग किडनी की बीमारी से ग्रसित थे। तबीयत खराब होने पर पहले उन्हें पीलीभीत बाईपास पर किडनी का इलाज करने वाले एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कुछ दिन वहां भर्ती रहने के बाद बाद परिवार उन्हें स्टेडियम रोड पर दूसरे अस्पताल में ले आया था। यहां आने के बाद बुजुर्ग की हालत और बिगड़ी तो 20 मई को डॉक्टरों ने उनमें कोरोना संक्रमण की आशंका जताते हुए उनका सैंपल लेकर जांच कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग में आईडीएसपी को सौंपा था। सैंपल लेने के करीब 15 मिनट बाद ही बुजुर्ग की मौत हो गई।
अस्पताल के डॉक्टरों के मुताबिक बुजुर्ग की मृत्यु के बाद उनके परिवार के लोग लड़-झगड़कर उनका शव ले गए। रविवार को बुजुर्ग में कोरोना संक्रमण की पुष्टि करने वाली रिपोर्ट आने के बाद छानबीन की गई तो पता चला कि अस्पताल से घर ले जाने के बाद करीब घंटे भर तक बुजुर्ग का शव साहूकारा में ही उनके घर पर रखा गया था। उसके बाद उनका परिवार शव को यहां से किसी वाहन के जरिये अमरोहा में अपने पैतृक निवास स्थान पर ले गया जहां उनका अंतिम संस्कार किया गया। चार दिन बाद रविवार को आईवीआरआई से बुजुर्ग की रिपोर्ट पॉजिटिव मिलने के बाद हड़कंप मच गया।

स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के कहने पर दिया था शव

आईसीएमआर की गाइड लाइन के मुताबिक बुजुर्ग का सैंपल लिया जा चुका था लिहाजा उनका शव रिपोर्ट आने से पहले उनके परिवार को नहीं सौंपा जा सकता था। लेकिन स्टेडियम रोड के जिस अस्पताल में वह भर्ती थे, उसके डॉक्टरों की सफाई है कि बुजुर्ग के घरवालों ने शव लेने के लिए हंगामा शुरू कर दिया था। इसके बाद उन्होंने जिला सर्विलांस अधिकारी को फोन कर मार्गदर्शन मांगा। जिला सर्विलांस अधिकारी को जब यह बताया गया कि बुजुर्ग की मौत किडनी फेल होने से हुई है और उनमें कोरोना के लक्षण नहीं दिख रहे हैं तो उन्होंने शव को पूरी तरह कवर करने के साथ परिवार को गाइडलाइन के तहत अंतिम संस्कार करने की हिदायत के साथ शव परिवार को दे देने को कह दिया। इसके बाद अस्पताल से बुजुर्ग का शव उनके परिवार को दे दिया गया।
डॉक्टरों ने बताया था कि सिर्फ
एहतियातन लिया है सैंपल
जिला सर्विलांस अधिकारी/एसीएमओ डॉ. रंजन गौतम का कहना है कि अस्पताल से उन्हें जानकारी दी गई थी कि बुजुर्ग की मौत किडनी फेलियर से हुई है और उनमें कोरोना के कोई लक्षण भी नहीं थे। डॉक्टरों ने बताया कि सिर्फ एहतियातन बुजुर्ग का सैंपल लेकर उन्होंने जांच के लिए भेजा है। इसीलिए कोविड-19 की गाइड लाइन के मुताबिक शव को पैक कर परिजनों को देने और उन्हें किस तरह अंतिम संस्कार करना है, इसके गाइडलाइन की जानकारी देने को कहा था। बुजुर्ग में कोरोना संक्रमण कहां हुआ, अब इसकी पड़ताल सर्विलांस टीम कर रही है।

दोनों अस्पतालों के डॉक्टरों के साथ पूरा स्टाफ क्वारंटीन

बुजुर्ग में संक्रमण की पुष्टि होने के बाद दोनों निजी अस्पतालों में उनका इलाज करने वाले डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ के साथ बाकी सभी लोगों को क्वारंटीन कर दिया गया है। बुजुर्ग अस्पतालों के जिन वार्ड में भर्ती थे, उन्हें सैनिटाइज भी कराया गया है। दोनों अस्पताल अब दावा कर रहे हैं कि इन्फेक्शन प्रिवेन्शन प्रोटोकॉल लागू होने की वजह से उन्होंने बुजुर्ग को कोविड-19 का संदिग्ध संक्रमित मानते हुए इलाज किया था।

संक्रमित प्रसूता का सिजेरियन किया और भर्ती कर दिया प्राइवेट वार्ड में

बरेली। कोरोना का साया सिर के ऊपर होने के बावजूद जिला महिला अस्पताल में भी बड़ी लापरवाही की गई। एक तरफ गर्भवती महिला को संदिग्ध संक्रमित मानते हुए उसका सैंपल लिया गया और दूसरी तरफ ऑपरेशन से उसका प्रसव करने के बाद उसे आइसोलेट करने के बजाय प्राइवेट वार्ड में भर्ती करा दिया गया। अब रिपोर्ट में महिला के पॉजिटिव निकलने के बाद स्टाफ के कई लोगों को क्वारंटीन होने के निर्देश दिए गए हैं।
गोंडा के सदानंद मोहल्ला में रहने वाली महिला 20 मई को प्रसव के लिए जिला महिला अस्पताल में भर्ती हुई थी। वह पति के साथ दिल्ली से वापस लौट रही थी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक 20 मई को ही महिला को सिजेरियन के बाद बेटा पैदा हुआ। ट्रेवल हिस्ट्री होने की वजह से प्रसूता का सैंपल तो ले लिया गया लेकिन इसके बावजूद प्रसव के बाद उसे आइसोलेशन के बजाय प्राइवेट वार्ड में ही भर्ती कर लिया गया। रविवार को आईवीआरआई से आई रिपोर्ट में इस महिला को संक्रमित बताया गया तो पूरे जिला अस्पताल में हड़कंप मच गया।
आशंका जताई जा रही है कि प्राइवेट वार्ड में भर्ती होने की वजह से शिफ्टों में ड्यूटी करने वाले कई डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और सफाईकर्मी समेत तमाम लोग संक्रमित प्रसूता के संपर्क में आए होंगे। महिला की रिपोर्ट पॉजिटिव मिलने के बाद रविवार को सभी को क्वारंटीन कर दिया गया। इस मामले में अफसर इस कदर तनाव में आ गए हैं कि महिला अस्पताल की सीएमएस ने रविवार को कई बार फोन करने के बाद भी कॉल रिसीव नहीं की। बहरहाल आशंका जताई जा रही है कि प्रसूता दिल्ली में ही किसी संक्रमित के संपर्क में आने से संक्रमण का शिकार हुई होगी। महिला के पति को क्वारंटीन करने के बाद अब उसे भी मेडिकल कॉलेज के आइसोलेशन वार्ड में भेज दिया गया है।

संक्रमित महिला की देखभाल करने वाले स्टाफ के संपर्क में आए कई आम मरीज, जिला अस्पताल के लिए भी पैदा हुईं आशंकाएं

आशंका यह भी है कि संक्रमित महिला की देखभाल करने वाली डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ के जरिये संक्रमण उन आम मरीजों तक भी पहुंच सकता है जो इस दौरान महिला अस्पताल में इलाज कराने पहुंचे होंगे या फिर भर्ती रहे होंगे। हालांकि फिलहाल इस खतरे पर बात नहीं की जा रही है। महिला अस्पताल का स्टाफ पूरे जिला अस्पताल के लिए भी अब आशंका पैदा कर रहा है।

बाकी छह संक्रमित जयपुर और मुंबई से लौटे प्रवासी

साहूकारा के बुजुर्ग और गोंडा की रहने वाली प्रसूता के अलावा छह और संक्रमित मुंबई और जयपुर से लौटे प्रवासी हैं। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक फरीदपुर फरखपुर की संक्रमित मिली 50 वर्षीय महिला, 12 वर्षीय किशोरी और 35 वर्षीय युवक पहले संक्रमित मिले युवक के परिवार के सदस्य हैं। ये लोग पहले से ही क्वारंटीन थे। इनका सैंपल लेकर आईवीआरआई भेजा गया था। रामनगर सिरौली, मझगवां के अलीगंज और आंवला के रामनगर के रहने वाली तीनों युवक मीरगंज के खैलम और रामनगर के सिरौली के संक्रमित युवक के साथ मुंबई से वापस आए थे।

चार दिन बाद आईवीआरआई से मिली 272 सैंपल की रिपोर्ट

बरेली। रविवार को आठ संक्रमितों की रिपोर्ट आने के बाद फिर जांच में हो रही देरी पर सवाल खड़े कर दिए। स्वास्थ्य विभाग ने साफ तौर पर कहा कि रविवार को जिन नमूनों की रिपोर्ट मिली वे 19, 20 और 21 मई को लिए गए थे। अब भी इनमें से कुछ सैंपल की रिपोर्ट मिलनी बाकी हैं। स्वास्थ्य विभाग इसकी वजह से संक्रमितों के संपर्क में आने वालों की संख्या भी ज्यादा होने की आशंका जता रहा है।

सैंपल की रिपोर्ट मिलने में हो रही देरी की वजह चाहे जो हो मगर इसका सीधा असर अब कोरोना के खतरे से जूझ रहे जिले पर पड़ता दिख रहा है। खतरा यह भी है कि रविवार को जिन संक्रमितों की रिपोर्ट मिली वे सभी एसिम्प्टोमैटिक हैं। स्वास्थ्य विभाग की सफाई है कि लक्षण न होने के कारण ही जिला महिला अस्पताल में भर्ती रही प्रसूता और साहूकारा के बुजुर्ग को संक्रमित नहीं माना गया और उनके आसपास आवाजाही जारी रही। यह भी आशंका जताई जा रही है कि समय से रिपोर्ट न मिलने की वजह से उनके संपर्क में आने वाला स्टाफ और परिवार के लोग भी अब तक तमाम लोगों के संपर्क में आ चुके होंगे।

स्वास्थ्य विभाग के आरोपों के मामले में आईवीआरआई का पक्ष जानने के लिए उसके नोडल अफसर और निदेशक को कई बार फोन करने के बावजूद उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की। उधर, जिला सर्विलांस अधिकारी एसीएमओ डॉ. रंजन गौतम ने साफ कहा कि रविवार को मिली सभी रिपोर्ट तीन से चार दिन पहले भेजे गए सैंपल की हैं। रिपोर्ट मिलने में देरी की क्यों हो रही है, इस पर उन्होंने जानकारी से इनकार कर दिया है।
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