विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
हनुमान जयंती पर नौकरी प्राप्ति, आर्थिक उन्नत्ति, राजनीतिक सफलता एवं शत्रुनाशक हनुमंत अनुष्ठान - 8 अप्रैल 2020
Astrology Services

हनुमान जयंती पर नौकरी प्राप्ति, आर्थिक उन्नत्ति, राजनीतिक सफलता एवं शत्रुनाशक हनुमंत अनुष्ठान - 8 अप्रैल 2020

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रेड जोन घोषित इलाकों में 60 हजार घरों के लोग चार दिन रहेंगे कैद, अघोषित कर्फ्यू जैसा होगा माहौल

कानपुर में रेड जोन घोषित क्षेत्रों के करीब 60 हजार घरों के लोग चार दिन तक घर से बाहर नहीं निकल पाएंगे। स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम की टीमें जब तक एक-एक घर में पहुंचकर स्वास्थ्य परीक्षण नहीं करा लेतीं इन इलाकों में अघोषित कर्फ्यू जैसा माहौल रहेगा।

6 अप्रैल 2020

विज्ञापन
विज्ञापन

श्रावस्ती

सोमवार, 6 अप्रैल 2020

कोविड 19 हास्पिटल के चिकित्सक भी होंगे क्वारंटीन

श्रावस्ती। कोरोना (कोविड-19) से निपटने के लिए अब जिले में तीस बेड का अलग हास्पिटल बनाया गया है। यहां तैनात चिकित्सक व अन्य मेडिकल स्टाफ को चौदह दिन की ड्यूटी के बाद चौदह दिन क्वारंटीन में रहना होगा। ऐसे में स्टाफ को अब 28 दिन कम से कम परिवार से अलग रहना होगा। इसके लिए जमुनहा तहसील आवास को इनके लिए तैयार किया गया है।
कोरोना वायरस के संक्रमण के दौरान चिकित्सक व अन्य मेडिकल स्टाफ लोगोें के लिए देवदूत बन कर आगे आए हैं लेकिन ये लोग भी सेवा के दौरान कोरोना से प्रभावित हो रहे हैं। इसलिए सरकार ने कोविड-19 के लिए एक अलग अस्पताल ही तैयार कराया है। भंगहा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को कोविड-19 अस्पताल में परिवर्तित किया गया है जबकि यहां आने वाले मरीजों की देखरेख के लिए 25 कर्मियों का स्टाफ तैनात किया गया है। इसमें छह चिकित्सक, दो फार्मासिस्ट, दो वार्डब्वाय, आठ स्टाफ नर्स व चार स्वीपर होंगे। यहां कोरोना से प्रभावित मरीजों को भर्ती किया जाएगा जिनकी देखरेख ये चिकित्सक व अन्य स्टाफ करेंगे।
इनकी ड्यूटी लगातार चौदह दिनों की होगी। इस दौरान ये अपने घर नहीं जा सकेंगे। इन्हें जमुनहा तहसील परिसर में बनाए गए आवासों में रखा जाएगा ताकि यदि कोई भी स्टाफ वायरस से प्रभावित हो तो उसके परिवार के लोग इसकी चपेट में न आएं। वहीं चौदह दिन की ड्यूटी के बाद इन्हें चौदह दिन यहीं पर क्वारंटीन में रहना होगा। चौदह दिन के बाद यदि सभी स्वस्थ रहे तो उन्हें फिर से सेवा में भेजा जाएगा। अन्यथा की स्थिति में आगे की कार्यवाही होगी।
इस प्रकार कोविड हास्पिटल में काम करने के लिए दो टीम तैयार है जब एक टीम सेवा में रहेगी तो दूसरी क्वारंटीन। जो लोग कोरोना वायरस से प्रभावित होंगे। उनके लिए तीस बेड का भंगाहा में कोविड-19 हास्पिटल बनाया गया है। इस अस्पताल में केवल कोरोना से प्रभावित या फिर संदिग्ध की ही देखरेख होगी। इसके लिए चिकित्सकों को भी अलग रहना होगा। यह सब आम जनता की सेवा के लिए है लेकिन आम जनता को चाहिए कि वह चौदह अप्रैल तक घर से बाहर न निकलें।
इस बारे में जानकारी देते हुए सीएमओ डॉ. एपी भार्गव ने बताया कि यह दौर अत्यंत संवेदनशील है। यदि सुरक्षा चक्र टूटा तो कोई भी व्यक्ति वायरस से प्रभावित हो सकता है। इसलिए मेरी फिर से अपील है कि स्वास्थ्य विभाग उनकी सेवा के लिए है। वह अपने बच्चाें, रिश्तेदारों को इस संक्रमण से बचाने के लिए स्वयं घर में रहें। किसी को घर में आने न दें। इसके अतिरिक्त अन्य लोगों को घर में ही रहने की सलाह दें।
... और पढ़ें

5650 को होम क्वारंटीन की सलाह लेकिन गांवों में चक्कर काट रहे परदेशी

श्रावस्ती। कोरोना वायरस (कोविड-19) को लेकर जिले में भले ही चारों तरफ सतर्कता हो लेकिन होम क्वारंटीन के लिए गांव भेजे गए लोग आदेश मानने को तैयार नहीं हैं। गांवों में गुमटी से लेकर चाय की दुकान पर बाहर से आने वाले लोगों की बैठकी बढ़ी है। ये लोग घूम-घूम कर अपनी यात्रा के अनुभव सुना रहे हैं। इनके चलते गांवों में भी सुरक्षा चक्र टूटने का खतरा मंडरा रहा है।
कोविड-19 के चलते हुए लॉकडाउन में कई महानगरों से लोग जिले में आए हैं जिनकी संख्या लगभग दस हजार के आसपास है। इनमें से 5650 ऐसे लोग हैं जिनकी चेकपोस्टों पर जांच हुई है और उनका नाम-पता प्रशासन के पास है। इन लोगों को गांव में जाकर चौदह दिनों तक अलग रहने, अलग खाने का निर्देश दिया गया था ताकि यदि उनके अंदर भविष्य में कोरोना का लक्षण पाया जाए तो उसका असर परिवार के अन्य सदस्यों पर न पड़े लेकिन ये लोग गांव जाकर प्रशासन की इस सलाह का मखौल उड़ा रहे हैं।
ऐसे ही बुधवार को सोनवा के चौगोई गांव में कई लोग मस्ती करते देखे गए। गांव स्थित चाय की दुकान खुली हुई थी जहां दस से पंद्रह ग्रामीण बैठे हुए थे। यहां एक व्यक्ति जो दो दिन पहले दिल्ली से लौटा है, वह अपनी यात्रा के अनुभव लोगों को सुना रहा था। रास्ते में क्या कठिनाई हुइ, कहां खाना मिला, कैसे वह जांच करने वालों की नजर बचाकर ग्रामीण रास्ते से होता हुआ पहुंचा, यह सब सुना रहा था।
यही स्थिति इसी क्षेत्र के बढ़ईपुरवा गांव में देखने को मिला। यहां भी एक चाय की दुकान पर कुछ लोग बैठे थे जिनमें से दो लोग सहारनपुर से गांव तक पैदल आए थे। ये भी रास्ते की घटनाओं को लोगों को सुना रहे थे। यही स्थिति जिले के अन्य गांवों की है। जहां होम क्वारंटीन की सलाह वाले लोग न केवल गांव स्थित गुमटी, चाय की दुकान या फिर अन्य लोगों के घरों में जाकर यात्रा की दास्तान सुना रहे हैं। इसके साथ ही सुरक्षा चक्र को भी तोड़ रहे हैं।
फील्ड हास्पिटल व संयुक्त जिला चिकित्सालय में अब क्वारंटीन किए गए लोगों की संख्या धीरे-धीरे घट रही है। इन लोगों में कोरोना वायरस का कोई लक्षण नहीं पाया गया। इसलिए इन्हें घर में ही क्वारंटीन की सलाह दी गई है लेकिन अभी भी पच्चीस लोग संस्थागत क्वारंटीन में रखे गए हैं। इसमें कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में दो, एटीएस भयापुरवा में तीन, कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय इकौना में दो व संयुक्त जिला चिकित्सालय में 18 लोग हैं।
क्वारंटीन का एक प्रोटोकाल है। इसके तहत जो लोग बाहर से आ रहे हैं जिनमें संक्रमण का कोई लक्षण फिलहाल नहीं मिला है, उन्हें होम क्वारंटीन रखने की व्यवस्था है। जो लोग बाहर से आए हैं लेकिन उन्हें किन्हीं कारणों से बुखार व अन्य कोई समस्या है उन्हें फील्ड क्वारंटीन में रखने की व्यवस्था है। यहां उनके खाने-पीने की व्यवस्था उनके परिवार वाले करते हैं जिससे वे लोग अलग रहकर सुरक्षित रहें।
यदि कोई गंभीर बीमार हो तो उसे हास्पिटल में क्वारंटीन किया जाता है जिससे वे चिकित्सकों की देखरेख में रहें लेकिन कोई संदिग्ध है जिसमें कोरोना के पूर्ण व आंशिक लक्षण पाए जाते हैं तो उसे आइसोलेशन वार्ड में रख कर उसके नमूने जांच के लिए लखनऊ भेजे जाते हैं। यदि कोई पाजिटिव पाया जाता है तो उसे कोविड-19 अस्पताल में एक अलग वार्ड में रखे जाने की व्यवस्था है।
सिरसिया के गुलरा हेमपुर निवासी गुड्डू कुछ दिन पूर्व मसकट से लौटा था। जिस फ्लाइट से वह आ रहा था उसमें एक व्यक्ति कोरोना पाजिटिव पाया गया था। इसके चलते एहतियातन गुड्डू को भी स्वास्थ्य टीम संयुक्त जिला चिकित्सालय में लाई थी। जहां लिए गए हिस्ट्री में कोरोना से संक्रमित होने का कोई भी लक्षण नहीं पाया गया।
लगभग 11 दिन उसे वापस लौटे हो चुका है। परिवार के अन्य सदस्यों में भी कोरोना संक्रमित से संबंधित कोई लक्षण नहीं पाया गया है। एहतियातन स्वास्थ्य विभाग ने गुड्डू के अन्य नमूने लेकर लखनऊ भेजा है। वहीं उसे संदिग्ध मानते हुए संयुक्त जिला चिकित्सालय में आईसोलेट किया गया है।
सीएमओ डॉ. एपी भार्गव ने बताया कि होम क्वारंटीन में रखे गए लोगों पर निगरानी के लिए एएनएम, आशा, ग्राम सचिव व प्रधान को निर्देश दिए गए हैं। यदि कोई व्यक्ति होम क्वारंटीन का उल्लंघन करता है तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दी जाएगी। उनके विरुद्ध विधिक कार्रवाई होगी। इसलिए पुन: ग्राम प्रधान से अपील की जाती है कि वे अपने पंचायत में ऐसे लोगों पर निगाह रखें।
... और पढ़ें

सोशल डिस्टेंस बनाए रखें लोग

इकौना (श्रावस्ती)। कोरोना वैश्विक महामारी है, जो पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले रही है। इससे बचने के लिए न तो अब तक कोई टीका विकसित किया जा सका है और न ही इसका कोई स्थायी इलाज ही है। मरीजों को इस महामारी से बचाने में लगे चिकित्सक व पैरामेडिकल स्टाफ भी अब इसकी चपेट में आ रहे हैं। ऐसे में लोगों को चाहिए कि वह सोशल डिस्टेंस बनाए रखें। साथ ही घरों में खुद को क्वारंटीन करें।
यह बातें मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एपी भार्गव ने मुख्य चिकित्साधीक्षक, सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारियों को जारी निर्देश में कही हैं। साथ ही सीएमओ ने चिकित्सकों से लोगों को इसके प्रति जागरूक करने व इसका व्यापक प्रचार-प्रसार कराने का निर्देश दिया है। जिसके अनुपालन में मंगलवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र इकौना अधीक्षक की ओर से इकौना नगर, कटरा बाजार सहित क्षेत्र के अन्य कस्बों व गांवों में ध्वनि विस्तारक यंत्रों के माध्यम से इसका प्रचार-प्रसार कराया।
साथ ही डुग्गी मुनादी कराकर लोगों को किसी भी कीमत पर भीड़ न जुटाने, किसी अंजान व्यक्ति से दूरी बनाए रखने तथा लॉकडाउन का पालन करने तथा सोशल डिस्टेंस में कदापि लापरवाही न बरतने की बात कही। साथ ही उन्होंने लोगों को आश्वासन दिलाया कि उन्हें जरूरत की वस्तुएं उपलब्ध कराने के लिए स्थानीय प्रशासन की ओर से गली-मोहल्लों में ठेलों के माध्यम से सब्जी व किराने का सामान घर-घर बिक्त्रस्ी के लिए प्रबंध किया गया है। जिम्मेदार नागरिक होने के कारण लोग अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें।
... और पढ़ें

लाकडाउन में सुधरी इकौना व भिनगा की आबोहवा

श्रावस्ती। लॉकडाउन के दौरान भिनगा व इकौना में आबोहवा की सेहत सुधर गई है। वायु गुणवत्ता सूचकांक में लगातार सुधार हो रहा है। वातावरण में कार्बन डाई आक्साइड सहित अन्य हानिकारक गैसों की सघनता में कमी आई है। दोनों नगरों की तुलना में भिनगा का सूचकांक औसतन 61 बताया जा रहा है जो मानक से बहुत ही बेहतर है जबकि बौद्ध तपोस्थली कटरा का मानक 90 होने के कारण वह भिनगा की अपेक्षा संतोषजनक पाया गया।
लॉकडाउन के चलते भले ही आम लोगों का जनजीवन कुछ अस्तव्यस्त हुआ हो लेकिन उनकी सेहत घर बैठे ही चुस्त-दुरुस्त हो रही है। इसका कारण है कि जिले की आबोहवा की भी सेहत लॉकडाउन के दौरान सुधरी है। 23 मार्च के बाद से लॉकडाउन के चलते वाहनों का शोर, कोयले की भट्ठियों से निकलने वाला धुंआ, निर्माण कार्य में लगी मशीनों की धूल व मिट्टी के गुबार खत्म हुए हैं जबकि पहले इन्हीं सब कारणों से लोगों के लिए सांस लेना भी मुश्किल था।
वायु प्रदूषण के कारण सांस व अन्य बीमारियां बढ़ी थीं लेकिन अब उत्तर प्रदेश पाल्यूशन कंट्रोल बोर्ड द्वारा जारी आंकड़े के अनुसार लॉकडाउन के बाद इकौना में एयर क्वालिटी इंडेक्स 90 अधिकतम व 40 न्यूनतम पर रहा जबकि भिनगा में इस इंडेक्स का अधिकतम 61 व न्यूनतम 40 मापा गया।
कृषि विज्ञान केंद्र बहराइच के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एमबी सिंह के मुताबिक सामान्य दिनों में वाहनों से निकलने वाले धुएं व अन्य कारणों से शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक 130 से 140 तक रहता है। कभी-कभी यह 150 का आंकड़ा भी पार कर जाता है लेकिन श्रावस्ती में लॉकडाउन के चलते वायु गुणवत्ता सूचकांक में काफी सुधार हुआ।
यह घट कर 40 के आसपास पहुंच गया है। औसतन यह 50 से 60 के बीच होता है। यह स्वास्थ्य के लिए एक अच्छा आंकड़ा है। वैसे एयर क्वालिटी इंडेक्स के अनुसार 50 तक अच्छा 51 से 100 तक औसत व 150 से ऊपर नुकसानदेह होता है। भिनगा के आसपास क्योंकि वन क्षेत्र है इसलिए वहां की आबोहवा ज्यादा बेहतर है।
... और पढ़ें

महावीर जयंती व गुड फ्राइडे पर खुले रहेंगे बैंक व कोषागार

श्रावस्ती। कोरोना वायरस संक्रमण के कारण चौदह अप्रैल तक देश में पूर्ण लॉकडाउन है। ऐसी स्थित में राज्य सरकार द्वारा डीबीटी के माध्यम से किसानों एवं गरीबों के लिए घोषित आर्थिक पैकेज के अंतर्गत उनके बैंक खातों में लाभांश की धनराशि स्थानांतरित की जानी है।
इसलिए 6 अप्रैल को महावीर जयंती व 10 अप्रैल को गुड फ्राइडे पर सार्वजनिक अवकाश के दिन भी शासकीय कार्य के लिए सरकार ने सभी कोषागारों एवं बैंक शाखाओं को सामान्य दिनों की भांति खुला रखने का निर्देश दिया है।
सरकार के आदेश के अनुपालन में जिले का कोषागार व सभी बैंक शाखाएं 6 अप्रैल व 10 अप्रैल को खुली रहेंगी। यह जानकारी जिलाधिकारी यशु रुस्तगी ने दी है।
... और पढ़ें

लाकडाउन का कडाई से अनुपालन कराए पुलिसकर्मी

श्रावस्ती। कोरोना वायरस से सुरक्षा एवं बचाव के लिए रविवार को पुलिस अधीक्षक ने पुलिस कार्यालय के सभाकक्ष में मातहतों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने लॉकडाउन सहित शासन के सभी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन कराने का निर्देश दिया।
बैठक के दौरान पुलिस अधीक्षक अनूप सिंह ने कहा कि कोरोना वायरस से बचाव के लिए अंतरजनपदीय बार्डर को सील किया गया है। ऐसे में बार्डर के बैरियरों पर तैनात पुलिस कर्मियों को चाहिए कि वे नियमों का कड़ाई से पालन कराएं। होम क्वारंटीन हुए लोगों की कड़ाई के साथ निगरानी करने व उनके स्वास्थ्य संबंधी जानकारी प्राप्त कर उच्चाधिकारियों को अवगत कराने का निर्देश दिया। इसके साथ ही सभी पुलिस अधिकारियों व कर्मियों को अपने-अपने क्षेत्र में भ्रमणशील रह कर लॉकडाउन का कड़ाई से पालन कराने का निर्देश दिया।
वहीं होटल, मंदिर, मस्जिद व मदरसा आदि का औचक निरीक्षण तथा जांच करने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि ड्यूटी के दौरान सभी अधिकारी व कर्मचारी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए सतर्क रहेंगे। इमरजेंसी में लगे चिकित्सक, राजस्व या अन्य कोई व्यक्ति यदि बिना पास के हो तो चेक करके उसे जाने दिया जाए।
उन्होंने कहा कि थाना प्रभारी तब्लीगी जमात से आये लोग जो क्वारंटीन किए गए हैं, उनके स्वास्थ्य संबंधित जानकारी लेते रहें। इसके साथ ही अन्य लोग जो बाहर से आएं हैं, उनकी भी जानकारी करते रहें। इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक बीसी दूबे, क्षेत्राधिकारी नगर हौसला प्रसाद, क्षेत्राधिकारी इकौना तारकेश्वर पांडे सहित सभी थाना प्रभारी मौजूद रहे।
... और पढ़ें

नि: शुल्क खाद्यान्न वितरण में दूसरे पायदान पर श्रावस्ती

श्रावस्ती। लॉकडाउन में गरीबों को नि:शुल्क खाद्यान्न वितरण में श्रावस्ती दूसरे पायदान पर पहुंच गया। जबकि गरीबों को समय से राशन देने में गोंडा मंडल में अव्वल रहा। वहीं, बहरामपुर सबसे फिसड्डी जिला बना। यह आंकड़ा शासन ने शनिवार का जारी किया है। इस आंकड़े में मनरेगा, श्रम पंजीयन, नगर पालिका के दैनिक मजदूर व अंत्योदय अन्न योजना के लाभार्थी शामिल हैं।
लॉकडाउन के चलते गरीबों के घरों में अब खाने के लिए अन्न नहीं है। इसीलिए वह लोगों से इमदाद की उम्मीद में हैं। वहीं सरकार ने मनरेगा, श्रम विभाग में पंजीकृत मजदूर, नगर पालिका में पंजीकृत दैनिक मजदूर व अंत्योदय अन्न योजना के लाभार्थियों को अप्रैल का नि:शुल्क खाद्यान्न देने का आदेश दिया था। इस आदेश का पालन हो रहा है। लेकिन मंडल के सभी जिलों की गति अलग-अलग है।
गरीबों को नि:शुल्क खाद्य वितरण में जहां श्रावस्ती शनिवार तक 52.35 प्रतिशत लोगों को खाद्यान्न उपलब्ध कराकर दूसरे पायदान पर पहुंच गया, वहीं, गोंडा ने इस दौरान 58.29 प्रतिशत लोगों को खाद्यान्न उपलब्ध कराकर पहला स्थान हासिल कर लिया। लेकिन मंडल में बहराइच व बलरामपुर जिला मात्र कुछ प्रतिशत से आगे पीछे रहे।
इनमें 48.85 प्रतिशत नि:शुल्क खाद्यान्न वितरण करके तीसरे स्थान पर व बलरामपुर 48.60 प्रतिशत लोगों को नि:शुल्क खाद्यान्न देकर चौथे स्थान पर रहा। श्रावस्ती में नि:शुल्क खाद्यान्न योजना के तहत मौजूदा समय में कुल 46554 कार्डधारक हैं। जबकि गोंडा में 98433, बलरामपुर में 51022 व बहराइच में 153503 कार्ड धारक इस योजना के तहत चयनित हैं।
इतने लोगों को मिलना है लाभ श्रावस्ती बलरामपुर गोंडा बहराइच
मनरेगा जॉब कार्डधारक 26697 29010 45809 56709
श्रम विभाग में पंजीकृत 2683 1531 2915 4693
नगर पालिका में पंजीकृत दैनिक मजदूर 841 659 1124 2308
अंत्योदय अन्न योजना 16333 19822 48585 89793
कुल नि:शुल्क कार्डधारक 46554 51022 98433 153503
कुल वितरण प्रतिशत 52.35 48.60 58.29 48.85
जिले में खाद्यान्न वितरण की योजना सुचारु रूप से चल रही है। अब तक अधिंकाश अंत्योदय अन्न योजना के लाभार्थी को वितरण किया जा चुका है। अवशेष लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग के साथ खाद्यान्न वितरण किया जा रहा है।
- क्यामुद्दीन अंसारी, जिला पूर्ति अधिकारी
... और पढ़ें

लॉकडाउन की उड़ाई जा रहीं धज्जियां

श्रावस्ती। लॉकडाउन को लेकर अभी लोग लुकाछिपी का खेल खेल रहे हैं। सुबह छह से नौ बजे तक भिनगा नगर की सभी दुकानें खुल जाती हैं, जिसके चलते पूरे बाजार में भीड़ एकत्र होती है। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान नहीं रखा जाता है। यह तब हो रहा है, जब जिले में विदेशियों के साथ साथ तब्लीगी जमात के लोगों की उपस्थिति पाई गई है।
कोरोना वायरस का संक्रमण भले ही अभी जिले में दस्तक न दे पाया हो। लेकिन उसके खतरे से इंकार नहीं किया जा सकता। वह भी तब जब गैर महानगरों से लगभग 10 हजार लोग जिले में आ चुके हैं। इनमें से केवल आधे लोगों की ही जांच जिले की चेकपोस्टों पर हो पाई। इन्हीं में तब्लीगी जमात से भी लोग यहां आए हैं, जिनमें जमुनहा के मदरसा मंतुरी में दस लोगों पर मुकदमा लिख कर होम क्वारंटीन किया गया।
छह अन्य मौलाना को एक स्कूल में क्वारंटीन किया गया। यह वह लोग हैं, जिनकी सूचना स्थानीय लोगों ने दी, लेकिन ऐसे तमाम लोग हैं जो अभी भी जमात में हिस्सा लेकर आए हैं और कहीं न कहीं छिपे हुए हैं। वह अपने साथ क्या लाएं हैं। और लोगों को क्या बांट रहे हैं। इसकी भी कोई पुख्ता जानकारी नहीं हो पा रही है। इस सबके बावजूद भिनगा नगर में आम लोग अपने आपको जोखिम में डाल कर लाकडाउन की अनदेखी कर रहे हैं। भिनगा का बाजार सुबह छह बजे से सुबह नौ बजे तक अपने पूरे चरम पर रहता है। सभी दुकानें खुली रहती हैं। सैकड़ों में लोग सामान खरीदने के नाम पर घर से निकलते हैं।
इस दौरान न तो कहीं सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो रहा है और न हीं मास्क व अन्य सुरक्षा का इंतजाम ही रहता है। बस लोग किसी भी तरह सामान खरीद कर अपने घरों तक पहुंचना चाहते हैं। वहीं दूसरी ओर बाजारों में भीड़ न हो और लोग अपने आवश्यक सामग्री को खरीद भी लें। इसलिए सुबह दस से दो रोस्टर प्रणाली में दुकानें खोल कर सामान बेचने की सूची पहले जारी की जा चुकी है।
इस सूची के अनुसार एक साथ केवल सड़क के एक तरफ की दुकानें खोली जा सकती हैं। दूसरी तरफ की दुकानें बंद रहती हैं। दूसरे दिन फिर से दूसरे तरफ की दुकानें खुलेंगी, पहली वाली दुकानें बंद रहेंगी। लेकिन सुबह छह से नौ बजे तक इन नियमों का उल्लंघन साफ देखा जा सकता है। आम लोगों को यह अनदेखी भारी न पड़े, इसके लिए बार-बार प्रशासन उनसे घर में ही रहने को अपील भी कर रहा है। इसके बाद भी आम लोग मानने को तैयार नहीं हैं।
... और पढ़ें

कानीबोझी के कोटेदार पर कालाबाजारी का केस दर्ज

मल्हीपुर (श्रावस्ती)। लॉकडाउन व कोरोना महामारी ने गरीबों के सामने अन्न का संकट उत्पन्न कर दिया है। लोग इमदाद की बाट जोह रहे हैं। वहीं इसके विपरीत कानीबोझी के कोटेदार ने गरीबों को वितरण के लिए आया 31.5 क्विंटल गेहूं व 21.24 क्विंटल चावल बेच दिया। सत्यापन में खुलासा होने पर क्षेत्रीय पूर्ति निरीक्षक की ओर से कोटेदार के विरुद्ध मल्हीपुर थाने में केस दर्ज कराया गया है।
जमुनहा क्षेत्र के कानीबोझी गांव के अंत्योदय कार्डधारकों के लिए शासन द्वारा तीन क्विंटल चालीस किलोग्राम गेहूं व दो क्विंटल 55 किलोग्राम चावल तथा पात्र गृहस्थी के लिए 32.91 क्विंटल गेहूं तथा 21.94 क्विंटल चावल उपलब्ध कराया गया था। जिसे गांव के कोटेदार आशिक अली पुत्र मेढ़ू ने हाट शाखा केंद्र नासिरगंज से उठाया था। एक अप्रैल को कोटेदार ने नोडल अधिकारी व प्रधान शिक्षक प्राथमिक विद्यालय कानीबोझी की मौजूदगी में 15 कार्डधारकों को 35 किलोग्राम प्रति कार्डधारक को खाद्यान्न वितरण किया गया था। इस बीच उसके द्वारा काफी मात्रा में गेहूं व चावल की कालाबाजारी कर दी गई।
ग्रामीणों की शिकायत पर डीएम की ओर से क्षेत्रीय पुलिस निरीक्षक जमुनहा राजेश कुमार सिंह से कोटेदार के यहां रखे खाद्यान्न का सत्यापन कराया गया। इस दौरान पूर्ति निरीक्षक को तीन बोरी गेहूं व दो बोरी चावल खुला मिला। सत्यापन में 31.5 क्विंटल गेहूं व 21.24 क्विंटल चावल सहित कुल 52.74 क्विंटल खाद्यान्न कम मिला। इसकी सूचना पूर्ति निरीक्षक ने उच्च अधिकारियोें को दी। डीएम के अनुमोदन के बाद पूर्ति निरीक्षक ने कोटेदार आशिक अली के विरुद्ध मल्हीपुर थाने में आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मामला दर्ज कराया है।
... और पढ़ें

सरकारी बोरी में निकल रहा कम अनाज, कोटेदार परेशान

श्रावस्ती। लॉकडाउन के चलते जहां आम लोगों को नि:शुल्क अनाज देने की कवायद हो रही है। वहीं दूसरी ओर सरकारी बोरी से ही कम अनाज निकल रहा है। मामला गिलौला के चंद्रावां कंट्रोल का है। यहां गोदाम से आए 50 किलो की बोरी में 46 किलो 500 ग्राम ही अनाज निकल रहा है। प्रति बोरी साढ़े तीन किलो अनाज कम पाया जा रहा है।
आम लोग लॉकडाउन के चलते परेशान हैं। सरकार एक ओर जहां गरीबों को नि:शुल्क अनाज देने की बात कर रही है। वहीं सरकारी सील बोरी में ही कम अनाज निकल रहा है। यह कोई इत्तेफाक नहीं लगभग सभी बोरी में कोटेदार तीन से चार किलो कम अनाज पा रहे हैं। जिसकी भरपाई भी वह गरीबों के अनाज में कटौती करके कर रहे हैं। इसका खुलासा गुरुवार को गिलौला के चंद्रावां में हुआ। यहां कोटेदार अंत्योदय कार्ड धारकों को मुफ्त खाद्यान वितरण कर रहा था, तभी अनाज तौलते तौलते अंत में अनाज कम पड़ गया।
ऐसा एक दो बोरी में हुआ। इसके बाद कोटेदार ने जब सील बोरी तौली तो लगभग सभी बोरी में तीन से चार किलो अनाज कम था। किसी में 50 किलो की जगह 46 किलो तो किसी में उससे कम अनाज निकल रहा था। इस संबंध में कोटेदार ने बताया कि प्रत्येक व्यक्ति के लिए अनाज की मात्रा निर्धारित है। महामारी में लगभग सभी के घरों में अनाज की कमी है। ऐसे में जो अनाज कम निकल रहा है उसका क्या होगा। फिलहाल शासन द्वारा निर्धारित अनाज गरीबों को दिया जा रहा है। जितनी कमी पाई जाएगी, उसकी शिकायत डीएसओ कार्यालय में की जाएगी।
घर बैठे फोन करके मंगवाएं दवा
लॉकडाउन में घर बैठे आवश्यक दवाएं मंगवाने के लिए गुरुवार ड्रग निरीक्षक मन्नू शंकर ने दस दुकानों का नंबर जारी किया है। इस पर घर बैठे ही दवाओं का ऑर्डर दिया जा सकता है। यदि दुकानों द्वारा होम डिलिवरी नहीं की जाती है तो इसकी शिकायत भी की जा सकती है। विभाग द्वारा जारी नंबर के अनुसार इकौना तहसील के लिए पंकज मेडिकल एजेंसी 8795371991, श्रावस्ती मेडिकल स्टोर 9956423990, यादव मेडिकल एजेंसी 9936121382, उमेश मेडिकल स्टोर 8601500211, भिनगा तहसील के लिए बब्लू मेडिकल हाल 9918464596, मनीष मेडिकल स्टोर 9721706218, सुशांत मेडिकल स्टोर 6392025888, गुप्ता मेडिकल स्टोर 8960150316, न्यू गुप्ता मेडिकल स्टोर 9935813100 व सुधीर मेडिकल स्टोर मल्हीपुर 9452536944 है।
... और पढ़ें

39118 पेंशनरों के खाते में पहुंची दो माह की रकम

श्रावस्ती। लॉकडाउन के चलते पेंशनार्थियों को परेशानी न हो। इसके लिए जिले के 39118 निराश्रित महिला, दिव्यांग व वृद्धा पेंशनार्थियों की दो माह की एडवांस पेंशन उनके खाते में पहुंच गई है। समय से पहले ही पेंशन मिलने से इन सामाजिक रूप से कमजोर लोगों ने राहत की सांस ली है। यहां तक कि अब धीरे-धीरे कुछ लोग अपनी पेंशन निकालने के लिए बैंकों का रुख कर रहे हैं। वहीं, बैंक सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए उनकी पेंशन उनके खाते में सौंप रहे हैं।
कोरोना वायरस के चलते हुए लॉकडाउन में सभी घरों की अर्थ व्यवस्था बिगड़ी है। लोग काम नहीं कर पा रहे हैं। घरों में बैठे-बैठे खाद्यान्न की कमी भी सामने आ रही है। लेकिन पुलिस प्रशासन व सामाजिक सहयोग से उनकी यह कमी पूरी हो जा रही है। वहीं, सबसे अधिक समस्या सामाजिक रूप से कमजोर वृद्धा, दिव्यांग व निराश्रित महिलाओं की है जिन्हें, घरों में रहना पड़ रहा है और उनके पास सहयोग के लिए कोई अन्य व्यवस्था नहीं है।
ऐसे में सरकार ने जिले के 39118 सामाजिक पेंशन धारियों का दो माह की एडवांस पैसा ऑनलाइन उनके खाते में भेज दिया है, ताकि वह छोटी-छोटी जरूरत को आसानी से पूरा कर सकें। इसकी सूचना भी विभाग की ओर से अपने पेंशनधारियों को दे दी गई है। पैसा खाते में आने की सूचना के साथ ही लाभार्थी अब धीरे-धीरे बैंकों का रुख कर रहे हैं। वहां वह पेंशन का पैसा निकाल कर अपना जरूरत का सामान खरीदने के लिए बाजार जा रहे हैं। इस संबंध में सीडीओ अवनीश राय बताते हैं कि वृद्धा, दिव्यांग व निराश्रित पेंशनधारियों के खाते में अप्रैल व मई का पैसा भेजा गया है, ताकि उन्हें लॉकडाउन में समस्या न हो।
इन्हें मिला लाभ
वृद्धा पेंशनार्थी 19818
दिव्यांग पेंशनार्थी 4165
निराश्रित महिला 15135
सभी के खाते में एक एक हजार रुपये
सभी पेंशनार्थियों की कुल संख्या जिले में 39118 है। सभी के खाते में 500-500 रुपये प्रतिमाह की दर से एक हजार रुपये दो माह पेंशन की रकम भेजी गई है। इसकी सूचना भी निदेशालय को भेज दी गई है।
- चमन सिंह, जिला प्रोबेशन व नि:शक्त जन कल्याण अधिकारी
... और पढ़ें

होम क्वारंटीन किए गए लोगों की निगरानी को 24 टीम तैनात

श्रावस्ती। होम क्वारंटीन में रखे गए लोगों पर निगाह रखने के लिए गुरुवार को पुलिस की चौबीस टीम बनाई गई हैं। यह टीमें क्षेत्रों में जाकर भ्रमण कर चिह्नित लोगों पर नजर रखेंगी। जांच करेंगी की होम क्वारंटीन किये गए लोग नियमों का पालन कर रहे हैं या नहीं। टीमों का गठन थानावार किया गया है।
कोरोना संक्रमण के कारण हुए लॉकडाउन के कारण जिले में लगभग पांच हजार सात सौ लोगों को होम क्वारंटीन में रखा गया है। इसके बाद भी यह लोग अपने गांव में घूम रहे हैं। जिसके चलते क्वारंटीन सुरक्षा का चक्र टूट रहा है। इस सुरक्षा चक्र को ठीक करने के लिए पुलिस टीम का गठन किया गया है। यह टीम होम क्वारंटीन में रखे गए लोगों की जांच करेगी की यह चौदह दिनों तक क्वारंटीन में है या फिर गांव में घूम रहे हैं। इसके लिए जिले में चौबीस टीमें बनाई गई हैं।
इन टीमों में कोतवाली भिनगा, सिरसिया व मल्हीपुर में पांच-पांच टीम, थाना गिलौला में दो टीम, थाना सोनवा में तीन टीम व थाना इकौना में चार टीम लगाई गई हैं। जो थानाक्षेत्रों में भ्रमण कर क्वारंटीन में रखे गए लोगों पर नजर रखेंगी। इन टीमों द्वारा सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक अपने-अपने क्षेत्रों में मोटरसाइकिल से घूम कर होम क्वारंटाइन किये गए लोगों पर नजर रखेंगी। एसपी अनूप सिंह ने बताया कि होम क्वारंटीन में रखे गए लोगों की सूची टीम को दी गई है। यदि कोई व्यक्ति गांव या फिर कही बाहर घूमता पाया जाता है तो उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
... और पढ़ें

अब भूखे तक पहुंचेगा पुलिस सहायता पैकेट

श्रावस्ती। लॉकडाउन में भूखे लोगों तक पुलिस ने मदद का हाथ बढ़ाया है। गुरुवार को एसपी ने पुलिस लाइन से पुलिस सहायता पैकेट योजना लागू की है। इस योजना के तहत सूचना देने वाले को एक घंटे के अंदर पुलिस 16 किलो तीन सौ ग्राम खाद्य सामग्री से भरा यह पैकेट पहुंचाएगी। पैकेट सभी पुलिस अधिकारी, थाना व पीआरवी वाहन पर रखे गए हैं, ताकि मदद जल्द से जल्द पहुंच सके।
जिले में कुल बारह लाख जनसंख्या है, जिसमें नब्बे फीसदी लोग कृषि व मजदूरी कार्य से अपना जीविकोपार्जन करते हैं। लगभग दस हजार लोग गैर प्रांतों से यहां भाग कर आए हैं। अभी तक फसल भी नहीं कट पाई है, जिसके चलते आम लोगों के सामने खाने की समस्या पहले से थी। लेकिन लॉकडाउन ने इस समस्या को और बढ़ा दिया है। कई घरों में लोगों के पास खाने को नहीं है। इस पर एक अप्रैल से मनरेगा, श्रम विभाग में पंजीकृत व अंत्योदय कार्डधारकों को नि:शुल्क खाद्यान्न देने की व्यवस्था है। लेकिन इसके बाद भी कई ऐसे हैं जो इस श्रेणी से बच रहे हैं। तमाम दिहाड़ी मजदूर हैं, जो गैर पंजीकृत हैं।
मनरेगा में जॉबकार्ड नहीं है व अंत्योदय से कवर्ड नहीं हैं। उनके सामने भी खाने की विकट समस्या है। इसी समस्या के समाधान के लिए पुलिस मजबूती के साथ आगे आई है। गुरुवार को पुलिस लाइन में एसपी अनूप सिंह की अगुवाई में पुलिस सहायता पैकेट योजना लागू की गई। व्यापार मंडल, पेट्रोलियम संघ, किराना संघ, सब्जी मंडी संघ व सराफा व्यवसायियों की मदद से इस योजना को कार्यरूप दिया गया है। इसमें इन संघों के माध्यम से 98 क्विंटल खाद्य सामग्री एकत्र की गई।
खाद्य सामग्रियों का पैकेट बनाया गया है। जिसमें प्रति पैकेट सोलह किलो तीन सौ ग्राम अनाज व अन्य सामान रखा गया। इन पैकेटों को एसपी सहित अन्य अधिकारियों के वाहनों की डिक्की के साथ जिले के 17 पीआरवी, सभी थानों के वाहनों पर लोड कर दिया गया है। यदि कोई व्यक्ति डायल यूपी 112 पर या फिर किसी अधिकारी को भूखे होने की सूचना देता है तो यह खाद्यान्न तत्काल उसके पास पहुंचेगा।
वाहनों पर रखा गया है पैकेट
खाद्य विभाग लोगों को अप्रैल में राशन उपलब्ध करा रहा है। इसके बाद भी यदि कोई भूखा है। उसके पास खाने को अनाज नहीं है तो वह पुलिस को इसकी सूचना दे सकता है। सभी पुलिस अधिकारियों, थाने के वाहन, पीआरवी पर यह पुलिस सहायता पैकेट रखा हुआ है। प्रत्येक पैकेट में 16.300 किलोग्राम अनाज है। इसमें आटा पांच किलो, चावल पांच किलो, सरसों का तेल आधा किलो, अरहर दाल एक किलो, चीनी एक किलो, नमक आधा किलो, सोयाबीन 250 ग्राम, सब्जी मसाला चार ग्राम, आलू दो किलो, प्याज एक किलो पैक है। यह चार व्यक्तियों के लिए दस दिन का पर्याप्त अनाज है। ऐसे कुल 600 पैकेट बनाए गए हैं।
- बीसी दुबे, एएसपी
... और पढ़ें
अपने शहर की सभी खबर पढ़ने के लिए amarujala.com पर जाएं

Disclaimer


हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।
Agree
Election
  • Downloads

Follow Us