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हनुमान जयंती पर नौकरी प्राप्ति, आर्थिक उन्नत्ति, राजनीतिक सफलता एवं शत्रुनाशक हनुमंत अनुष्ठान - 8 अप्रैल 2020
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हनुमान जयंती पर नौकरी प्राप्ति, आर्थिक उन्नत्ति, राजनीतिक सफलता एवं शत्रुनाशक हनुमंत अनुष्ठान - 8 अप्रैल 2020

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रेड जोन घोषित इलाकों में 60 हजार घरों के लोग चार दिन रहेंगे कैद, अघोषित कर्फ्यू जैसा होगा माहौल

कानपुर में रेड जोन घोषित क्षेत्रों के करीब 60 हजार घरों के लोग चार दिन तक घर से बाहर नहीं निकल पाएंगे। स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम की टीमें जब तक एक-एक घर में पहुंचकर स्वास्थ्य परीक्षण नहीं करा लेतीं इन इलाकों में अघोषित कर्फ्यू जैसा माहौल रहेगा।

6 अप्रैल 2020

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पीलीभीत

सोमवार, 6 अप्रैल 2020

फंदे से लटका मिला विवाहिता का शव

न्यूरिया। संदिग्ध हालात में मरौरी गांव में विवाहिता की मौत हो गई। शनिवार सुबह उसका शव खपरैल की बल्ली में साड़ी से बने फंदे से लटका मिला। सूचना पर पहुंचे मायके वालों ने हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस ने पति समेत पांच पर दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज की है।
थाना क्षेत्र के पंडरी गांव निवासी हरिशंकर ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उसकी बहन 28 वर्षीय मीना देवी उर्फ कुमकुम की दूसरी शादी पांच साल पहले मरौरी गांव के धर्मेंद्र कुमार से हुई थी। धर्मेंद्र आए दिन शराब पीकर मीना देवी की पिटाई करता था। इसके अलावा दहेज में मोटर साइकिल की मांग ससुराल वाले करते थे। मांग पूरी न होने पर उसे पीटते थे और आत्महत्या के लिए उकसाते थे।
इंस्पेक्टर खीम सिंह जलाल ने बताया कि मृतका के भाई की ओर से पति धर्मेंद्र, ससुर नेमचंद्र, जेठ लालाराम, प्यारेलाल और सास पर दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है। मीना देवी की पहली शादी आरोपी धर्मेंद्र के बड़े भाई ठाकुर प्रसाद से हुई थी। ठाकुर प्रसाद की मौत के बाद परिवार वालों ने उसकी दूसरी शादी धर्मेंद्र से करा दी थी।
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17 करोड़ से लड़ी जाएगी कोरोना से जंग

पीलीभीत। कोरोना वायरस से निपटने के लिए योगी सरकार दैवी आपदा राहत में लगातार बजट जारी कर रही है। इस क्रम में शासन ने जनपद को 13 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बजट दिया है। इसमें 10 करोड़ रुपये विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) से मिले हैं। जबकि तीन करोड़ रुपये पहले ही दिए जा चुके हैं। कुल मिलाकर दैवी आपदा राहत कोष में 17 करोड़ से ज्यादा का बजट मौजूद है। इनसे स्वास्थ्य संबंधी उपकरण खरीदे जाने के साथ गरीबों को भी राहत की चीजें दी जाएगी।
कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए पूरे देश में लॉकडाउन है। सब्जी और रोजमर्रा के सामान की खरीदारी को लेकर प्रशासन द्वारा बाजार खुलने और बंद होने का समय निर्धारित किया गया है। लॉकडाउन के दौरान मजदूर वर्ग सबसे ज्यादा परेशान है। शासन द्वारा मनरेगा श्रमिकों और पंजीकृत श्रमिकों के अलावा अंत्योदय कार्डधारकों को निशुल्क राशन भी उपलब्ध कराया जा रहा है। इधर शासन ने जनपद को दो किश्तों में अतिरिक्त बजट दैवी आपदा राहत कोष में भेजा है। प्रशासन के मुताबिक डब्ल्यूएचओ के माध्यम से 10 करोड़ रुपये भेजे गए हैं। राहत कोष मद में 17 करोड़ से ज्यादा धनराशि जमा हो चुकी है। यह धनराशि भरण पोषण की समस्या से परेशान दैनिक मजदूरों की मदद पर खर्च की जाएगी। इसके अलावा तीन करोड़ की धनराशि नौ आश्रय स्थलों और पीड़ितों के खाने और रहने पर खर्च होगी।
चार करोड़ से स्वास्थ्य सेवाएं करेंगे बेहतर
शासन ने कोरोना संक्रमण से बचाव को लेकर पूर्व में चार करोड़ रुपये का अतिरिक्त बजट दिया था। इस धनराशि से वेंटिलेटर, मास्क, ग्लब्स, जांच किट समेत अन्य स्वास्थ्य उपकरणों की खरीद की जाएगी।
बढ़ेगी वेंटिलेटर की संख्या
जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने बताया कि जनपद में स्थानीय स्तर पर वेंटिलेटरों की संख्या बढ़ाने पर काम चल रहा है। विधायक निधि से कुछ नए वेंटिलेटर भी खरीदे जाएंगे। अब वेंटिलेटरों की संख्या तीन से बढ़ाकर सात हो गई है। बाकी वेंटिलेटर भी जल्द ही खरीदे जाएंगे।
कोविड-19 महामारी से निपटने को शासन द्वारा कई किश्तों में धनराशि आवंटित की जा रही है। इनसे स्वास्थ्य उपकरण खरीदे जाएंगे। इस धनराशि को जरूरत के हिसाब से खर्च किया जाएगा। - वैभव श्रीवास्तव, डीएम
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अमर उजाला की पहल पर समाजसेवियों ने जरूरतमंदो को बांटी राहत सामग्री

पीलीभीत। अमर उजाला फाउंडेशन का राहत शिविर छठे दिन भी जारी रहा। इसमें समाजसेवियों ने लॉकडाउन में फंसे गरीब और जरूरतमंदों को खाने के पैकेट और राशन सामग्री बांटी।
शनिवार को समाजसेवी राहुल सक्सेना और निक्की सक्सेना ने मोहल्लों की लिस्ट तैयार कर जरूरतमंदों को राशन वितरित किया। नई बस्ती, बाग गुलशेर खां, गौहनिया चौराहा, नकटादाना चौराहा, डालचंद, बेनी चौधरी, पंजाबियान, फीलखाना, कांशीराम कॉलोनी, राजीव कॉलोनी समेत कई इलाकों में वैन से घूमकर आटा, चावल, मिर्च, नमक, बिस्कुट, बच्चों के लिए गिफ्ट पैक बांटे। साफ सफाई के लिए जरूरतमंदों को सैनिटाइजर भी वितरित किए गए।
इधर मोहल्ला चरक कुंआ निवासी कृष्ण गोपाल शर्मा ने काला मंदिर, सुनगढ़ी, गांधी स्टेडियम, मोहल्ला नखासा, एफसीआई गोदाम, ईदगाह कॉलोनी और गौटिया में जाकर खाने के पैकेट बंटवाए। मंडी सचिव विजिन बालियान का भी सहयोग रहा। समाजसेवी नीरज रस्तोगी ने मोहल्ला डालचंद, बेनी चौधरी, पंजाबियान, कोतवाली तिराहा, काला मंदिर, लेखराज चौराहा समेत कई इलाकों में जाकर जरूरतमंदों को आटा, चावल, चीनी, दालें, घी, नमक, हल्दी, मिर्च वितरित किया।
150 परिवारों को बांटे अनाज के पैकेट
पूरनपुर। अमर उजाला फाउंडेशन के राहत शिविर में शनिवार को रोटरी क्लब पूरनपुर ग्रीन, भगवती दुर्गा मंडल के सदस्यों ने जरूरतमंदों को खाने के पैकेट बांटे। अध्यक्ष शैलेंद्र गुप्ता, राम गुप्ता, रिंकू शर्मा, राजू, राहुल, सोनू, लालू, अमित, सुधीर शामिल थे। रोटरी क्लब पूरनपुर रॉयल्स अध्यक्ष कौशलेंद्र सिंह भदौरिया के साथ क्लब के सदस्यों ने जरूरतमंदो को चाय, बिस्कुट वितरित किया। शेखर खंडेलवाल, डॉ. सुधाकर पांडेय, डॉ. मनवीर सिंह, सचिन अग्रवाल, आकाश खंडेलवाल, विजेंद्र गुप्ता का सहयोग रहा। लोकजन शक्ति पार्टी के जिलाध्यक्ष मोहम्मद शरीफ खां ने टीम के साथ लोगों को चाय बिस्कुट बांटे। आर्य पाठशाला के प्रबंधक निरंजन सिंह, डॉ. तेज बहादुर सिंह तेजू ने जरूरतमंदों को आटा, चावल, चाय की पत्ती, दाल, नमक वितरित कराया।
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अभिभावकों की मांग पर डीएम ने दो महीने बाद फीस जमा करने के दिए आदेश

पीलीभीत। लॉकडाउन की वजह से काम धंधा चौपट है। तमाम लोगों की आमदनी ना के बराबर रह गई है। घरेलू जरूरत की चीजें तक खरीद पाना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में नया सत्र शुरू होने के बाद प्राइवेट स्कूलों की तीन महीने की एडवांस फीस दे पाना मुश्किल है। इसी वजह से अभिभावकों ने ट्विटर पर डीएम से मांग रखी कि लॉकडाउन की परिस्थितियों को समझते हुए निजी स्कूल जून तक की फीस माफ कर दें। शाम को डीएम ने आदेश जारी कर दिए कि अप्रैल और मई में फीस जमा न की जाए, बाद में कर ली जाए।
तीन महीने की फीस माफ करने की मांग कुछ अभिभावकों ने जिलाधिकारी के ट्विटर पर की। शहर में तमाम परिवार ऐसे हैं जिनके पास लॉकडाउन के समय में रोजगार नहीं है। वहीं इसी बीच फीस का मामला सामने आ गया। ऐसे परिवारों को अपने घर की रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल हो रहा है। हर साल अप्रैल में स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई का नया सत्र शुरू हो जाता है तो अभिभावकों को तीन माह की फीस स्कूलों में एडवांस जमा करनी पड़ती है। इस समय अभिभावकों को अपने बच्चे की तीन माह की एडवांस फीस जमा करना किसी चुनौती से कम नहीं है। महिलाएं इसे लेकर ज्यादा चिंतित हैं क्योंकि केवल बच्चे की फीस जमा करने से ही काम नहीं चलेगा बल्कि उनकी ड्रेस और किताबें भी लेनी हैं। ऐसे अभिभावकों की ओर से स्कूल प्रबंधन और प्रशासन से अपील की गई है कि 21 दिन के लॉकडाउन में जब बड़े लोग पीएम या सीएम राहत फंड में दान देकर कोरोना से जंग लड़ रहे हैं तो निजी स्कूल मालिक भी कुछ करें। कम से कम अपने स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों की कम से कम तीन माह तक की फीस माफ कर अभिभावकों को राहत दें। यह भी किसी दान से कम नहीं होगा। तमाम अभिभावकों ने बनारस और झांसी में निजी स्कूलों द्वारा तीन महीने की फीस माफ करने की घोषणाओं का हवाला भी दिया है। कुछ अभिभावकों का कहना कि बनारस और झांसी में जिलाधिकारियों ने निजी स्कूलों को कम से कम तीन महीने की फीस न लेने का आदेश भी जारी किया है। ऐसा ही आदेश यहां भी जारी किया जाए। ट्विटर पर लोगों के संदेश मिलने के बाद रविवार शाम डीएम ने स्कूल के प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों के लिए आदेश जारी कर दिए कि अप्रैल और मई में फीस जमा न कराएं। साथ ही आगामी महीनों में भी फीस जमा करने का चार्ट तैयार कर अपने स्तर से समस्त अभिभावकों को जानकारी दें। दो महीने फीस जमा न होने पर किसी बच्चे का नाम न काटा जाए।
निजी स्कूलों को आपदा के इस दौर में बड़ी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। स्कूल प्रबंधन बच्चों की कम से कम तीन माह की फीस माफ कर अभिभावकों को राहत दें। - सुनीता देवी, अभिभावक
हर साल गर्मी की छुट्टियों की भी फीस स्कूल वसूलते हैं। देश पर आई आपदा में उन्हें मौका मिला है कि वे आगे आएं और बच्चों की फीस माफ कर राष्ट्रहित में योगदान दें। - धर्मेंद्र कुमार, अभिभावक
लॉकडाउन की वजह से रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने का संकट है। ऐसे में स्कूल की तीन महीने की फीस जमा करने में बहुत मुश्किल है। स्कूल प्रबंधन को तीन महीने की फीस माफ करना चाहिए। -उमा माथुर, अभिभावक
लॉकडाउन की वजह से काम धंधे बंद हैं। आपदा के समय स्कूल प्रबंधनों को बच्चों की मदद के लिए आगे आना चाहिए। उन्हें जून तक फीस माफ करना चाहिए। - राजीव सक्सेना, अभिभावक
यह सही बात है कि लॉकडाउन में लोगों का रोजगार चला गया। बच्चों की तीन महीने की फीस जमा कर पाना मुश्किल है। फीस माफ करने का हमें आदेश नहीं मिला। कोई आदेश मिलता है तो उसे निजी स्कूलों में तत्काल लागू कराया जाएगा। - संतप्रकाश, डीआईओएस
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आशा वर्कर पर हमला करने वालों पर रिपोर्ट दर्ज, चार नामजद

पूरनपुर। कोरोना वायरस को लेकर दूसरे प्रांतों से आने वाले लोगों की जानकारी करने के लिए गांवों में सर्वे कर रही आशा वर्कर और उसकी नातिन पर हमला करने वालों के खिलाफ पुलिस ने दूसरे दिन रिपोर्ट दर्ज कर ली। नामजद हुए चार लोगों पर गाली गलौज, धमकाने और पिटाई करने की धाराएं लगाई गई हैं।
कोरोना की रोकथाम के लिए लॉकडाउन के बीच दूसरे प्रांतों से पलायन कर घर लौटने वालों की सूची तैयार कराई जा रही है। उनका स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाना है। इसी काम के लिए आशा वर्करों को जिम्मेदारी दी गई है। टंडोला गांव में शनिवार को आशा वर्कर आमना बेगम अपनी नातिन निशा बी के साथ सर्वे कर रही थी। तभी गांव के कुछ लोगों ने गाली गलौज कर आशा वर्कर को धमकाना शुरू कर दिया। विरोध करने पर दोनों की पिटाई कर दी गई। पुलिस से शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी गई थी। इस मामले में देर शाम पुलिस को तहरीर दी गई। इसमें गांव के रहने वाले मोहम्मद अहमद, सितार अहमद, अनवार और अहसान को आरोपी बनाया। कोतवाल एसके सिंह ने बताया कि घायल आशा वर्कर और उसकी नातिन का मेडिकल परीक्षण कराया गया है। चारों आरोपियों पर रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच कराई जा रही है।
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अब हल्दीडेंगा गांव के खेतों में दिखी बाघ की चहलकदमी

माधोटांडा। जंगल से बाहर आबादी इलाको में बाघों की सक्रियता लगातार बढ़ रही है। बाघ के हमले में दो लोगों की एक साथ मौतों का मामला अभी शांत भी नहीं हो पाया था कि अब बराही रेंज के अंतर्गत हल्दीडेंगा क्षेत्र में भी बाघ की चहलकदमी शुरू हो गई।
शनिवार रात जंगल से बाहर निकला बाघ पहले खेतों में चहलकदमी करता रहा। इसके बाद वह कुत्ते के एक पिल्ले को उठा ले गया। बराही रेंज का हल्दीडेंगा क्षेत्र मानव वन्यजीव संघर्ष के मामले में संवेदनशील माना जाता है। पिछले कुछ वर्षों में इस इलाके में बाघ के हमले में कई इंसान जान गंवा चुके हैं। वहीं इस इलाके में बाघ और तेंदुए के भी शव बरामद होते रहे हैं। जंगल सीमा से सटा और ठंडा इलाका होने के चलते हिंसक वन्यजीव अक्सर खेतों की ओर आ जाते हैं। इधर, शनिवार को जंगल से बाहर निकला बाघ मकसूद खा के गन्ने के खेत से होकर मुमताज के खेत के निकट पहुंच गया। उनके सब्जी के खेत में कुत्ते के पिल्ले मौजूद थे। बाघ कुछ देर तक वहां मौजूद रहा। इसके बाद एक पिल्ले को उठाकर जंगल की ओर निकल गया। रेंजर डीके गोयल ने बताया कि बाघ की चहलकदमी के बाद वनकर्मियों को निगरानी तेज करने के निर्देश दिए जाएंगे। सीमा से सटे किसानों को इस बारे में जागरूक किया जाएगा। संवाद
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पीलीभीत : निजामुद्दीन दरगाह से होकर आया युवक घर में क्वारंटीन

पीलीभीत। दिल्ली की निजामुद्दीन दरगाह से हाल ही में लौटे शहर के युवक को घर में ही क्वारंटीन किया गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने चेकअप भी किया। इसके अलावा दिल्ली से ही लौटे छह अन्य लोगों का भी चेकअप किया गया। टीम के मुताबिक किसी में कोरोना का कोई लक्षण फिलहाल नहीं मिला है।
निजामुद्दीन मरकज में तब्लीगी जमात का मामला सामने आने के बाद शासन प्रशासन सक्रिय है। खासकर से दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में रहने वाले या दूसरे किसी काम से गए लोगों के यहां आने पर निगाह रखी जा रही है। रविवार को पता लगा कि शहर के कुछ लोग दिल्ली से आए हैं। टीम ने पहुंच कर सभी का परीक्षण किया। इनमें से मोहल्ला पकड़िया का युवक 19 मार्च को दिल्ली के निजामुद्दीन दरगाह पर गया था। युवक ने बताया कि वह दरगाह जरूर गया था, मगर तब्लीगी जमात में शामिल नहीं हुआ था। दिल्ली से आने पर जिन छह अन्य का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, वे नकटादाना, शेर मोहम्मद और बरहा के रहने वाले हैं। सीएमओ डॉ. सीमा अग्रवाल ने बताया निजामुद्दीन दरगाह से लौटे युवक से गहनता से पड़ताल की जा रही है।
विदेश से आए हो गया एक माह..स्वास्थ्य विभाग को सूची मिली अब : स्वास्थ्य विभाग को एलआईओ द्वारा रविवार को विदेश से लौटे 10 लोगों की सूची दी गई। सूची मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने विदेश से लौटे सभी 10 लोगों को ट्रेस कर लिया। सीएमओ ने बताया कि सूची रविवार को मिली थी। उन्होंने बताया कि ये सभी माधोटांडा क्षेत्र में करीब एक माह पहले ही आ गए थे और ये सभी स्वस्थ हैं।
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महचंदी के कोटेदार ने भाई के साथ मिलकर की सरकारी राशन की कालाबजारी, अब फंसे

मझोला (पीलीभीत)। सरकार भले ही लॉकडाउन के बीच जरूरतमंदों तक अनाज पहुंचाने के लिए तमाम प्रयास कर रही हो, लेकिन निचले स्तर पर कोटेदार खेल करने से बाज नहीं आ रहे हैं। अमरिया के बाद अब न्यूरिया के महचंदी गांव के कोटेदार का खेल निरीक्षण में पकड़ा गया। कोटेदार ने भाई संग मिलकर सरकारी राशन की कालाबाजारी कर डाली। अभिलेख भी अधूरे मिले। डीएम से अनुमति मिलने के बाद कोटेदार और उसके भाई पर आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पूर्ति निरीक्षक रजनीशचंद्र शुक्ला ने न्यूुरिया थाने में दी गई तहरीर में बताया कि राशन वितरण न करने की शिकायत पर महचंदी गांव की सरकारी राशन की दुकान का चार अप्रैल को निरीक्षण किया गया था। कोटेदार छेदालाल ने ई-पॉस मशीन अपडेट कराने के चलते वितरण न होने की बात कही। इसके बाद खाद्यान्न की पड़ताल की गई। इसमें सामने आया कि कोटेदार छेदालाल ने अपने भाई रमेश के साथ मिलकर 25.88 क्विंटल गेहूं और 17.27 क्विंटल सरकारी चावल जोकि जरूरतमंद कार्ड धारकों को बांटा जाना था, उसकी कालाबाजारी कर ली। राशन की दुकान के अभिलेख चेक किए गए, वह भी अधूरे निकले। पूछने पर कोटेदार कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। इसकी रिपोर्ट आलाधिकारियों को दी गई। डीएम से कार्रवाई की संस्तुति मिलने पर नामजद तहरीर दी। एक दिन पूर्व बढ़ेपुरा गांव के कोटेदार गुरमेज सिंह के खिलाफ भी राशन की कालाबाजारी मिलने पर कानूनी कार्रवाई हुई थी। कई अन्य राशन की दुकानों पर कम राशन देने का आरोप लगाते हुए शिकायतें की जा चुकी हैं। पूर्ति निरीक्षक की ओर से कोटेदार छेदालाल और उसके भाई रमेश के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है। इन पर सरकारी राशन की कालाबाजारी करने का आरोप है। मामले में तथ्यों के आधार पर विवेचना कराकर सख्त कार्रवाई की जाएगी- खीम सिंह जलाल, इंस्पेक्टर न्यूरिया ... और पढ़ें

रात के नौ बजते ही बंद हुई घरों की लाइट, जले दीये और मोमबत्ती

पीलीभीत। कोराना के देशव्यापी संकट से निपटने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से की गई अपील का असर रविवार रात नौ बजे शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक देखा गया। रात को नौ बजते ही सबने अपने घरों की लाइट बंद कर दी। घरों के बाहर दरवाजे और बालकनी में आकर लोगों ने मोमबत्ती और दीये जलाकर कोरोना से जंग में एक साथ आने का उत्साह दिखाया। जो इसका इंतजाम नहीं कर सके उन्होंने टार्च या मोबाइल की फ्लैश लाइट जलाकर सकारात्मक ऊर्जा लाने और नकारात्मक ऊर्जा भगाने के लिए एकजुटता का संदेश दिया।
कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के मद्देनजर एकजुटता का संदेश देने के लिए 21 दिन के लॉकडाउन के बीच प्रधानमंत्री मोदी की रात नौ बजे नौ मिनट के लिए घरों के बाहर दीपक, मोमबत्ती, टार्च या मोबाइल की रोशन करने की अपील का पूरा असर देखा गया। पूरे दिन लोग इसकी चर्चा करते दिखे। सुबह तीन घंटे के लिए किराना दुकानें खुलीं तो ग्राहक मोमबत्ती खरीदने पहुंचे। कोई दीये तलाशता रहा। दुकानें बंद होने से आम नागरिकों को दीये या मोमबत्ती मिलने में परेशानी हुई। मगर, फिर भी किसी न किसी तरह मोमबत्ती और दीये लोगों ने जुटा ही लिए। दूसरी ओर पावर कॉरपोरेशन की ओर से घर के अंदर बल्ब छोड़कर एक साथ बिजली के सभी उपकरण बंद न करने की अपील की गई थी। इसका भी ख्याल रखा गया। घरों में पंखे, फ्रिज समेत अन्य बिजली संचालित उपकरण चलते रहे। कई घरों में टीवी पर लोग देश भर से खबरों को देखते रहे।
रात नौ बजते ही घरों के बल्ब बंद करके बड़ी संख्या लोग बालकनी और दरवाजे पर आ गए। यहां नौ मिनट के लिए मोमबत्ती और दीये जलाए गए। पूरा शहर एक तरह से दिवालीमय हो गया। मां भगवती का स्मरण करते हुए कोरोना के अंधकार को दूर भगाने के लिए प्रार्थना की गई। इसमें एक दूसरे के बीच शारीरिक दूरी बनाए रखने का भी ध्यान रखा गया। नौ मिनट बाद लोगों ने दोबारा लाइटें जलाईं। इस तरह प्रधानमंत्री की एकजुट रखने की मुहिम पूरी होती दिखी। मोहल्ला साहूकारा, आसफजान, डोरीलाल, सुनगढ़ी, बल्लभनगर, अशोक कॉलोनी, आवास विकास समेत कई इलाके दीये और मोमबत्ती से ऐसे जगमग हो गए कि सब दिवाली मना रहे हों।
संकट की घड़ी में एकता, अखंडता और स्वास्थ्य के लिए पूरे स्वयंसेवकों ने अपने-घरों में नौ-नौ दीपक जलाए। मां भारती का पूजन कर संपूर्ण विश्व के कल्याण की कामना की है। - उमेश कुमार, जिला प्रचारक, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ
कोरोना वायरस के चलते प्रधानमंत्री की मुहिम से आत्मबल बढ़ा है। दीपक जलाने से हानिकारक बैक्टीरिया खत्म होते हैं। दीये की ज्योति हम सबको आरोग्य बनाने में मदद करती है। -आरपी गंगवार, शिक्षक
दीपक जलाने से वातावरण में सकारात्मकता आती है। जलती लौ जीवन में आगे बढ़ने का संदेश देती है। प्रधानमंत्री की अपील पर कोरोना को हराने के लिए एकजुटता का संकल्प लिया गया। - एनएम सक्सेना, सेवानिवृत्त शिक्षक
कोरोना को हराने के के लिए पूरा देश एकजुट हो चुका है। घर-घर में प्रधानमंत्री की मुहिम के जरिए अंधकार हटाकर दीपक का प्रकाश फैलाया गया है। निश्चित ही आने वाली परेशानी दूर होगी। - अंजलि अग्रवाल, गृहणी
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पीलीभीत : निजामुद्दीन दरगाह से होकर आया युवक घर में क्वारंटीन

पीलीभीत। निजामुद्दीन दरगाह दिल्ली से हाल ही में लौटेकर आए शहर के युवक को घर में ही क्वारन्टीन किया है। युवक की वापसी का पता लगते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम ने चेकअप किया। इसके अलावा दिल्ली से ही लौटे छह अन्य लोगों का भी चेकअप किया गया। टीम का कहना है सभी कोई लक्षण अभी फिलहाल नहीं मिले हैं। निजामुद्दीन मरकज में तब्लीगी जमात का मामला सामने आने के बाद शासन प्रशासन सक्रिय है। स्वास्थ्य विभाग की टीम गहनता से पड़ताल कर रही है। खासकर दिल्ली से आने वालों पर विशेष निगाह रखी जा रही है। रविवार को पता लगा कि शहर के कुछ लोग दिल्ली से आए हैं। टीम ने पहुंच कर सभी का परीक्षण किया। स्वास्थ्य ठीक होने पर सभी को घर में ही निगरानी में रखा गया। मोहल्ला पकड़िया का युवक 19 मार्च को दिल्ली के निजामुद्दीन दरगाह पर गया था। उसका भी चेकअप किया। उसका तापमान सामान्य निकला। युवक ने बताया कि वह निजामुद्दीन दरगाह पर गया था, लेकिन जमात में शामिल नहीं था। इसके अलावा दिल्ली से आने पर चेकअप कराने वाले छह लोग नकटादाना, शेर मोहम्मद और बरहा के रहने वाले हैं। सीएमओ डा सीमा अग्रवाल ने बताया निजामुद्दीन दरगाह से लौटे युवक से गहनता से पड़ताल की जा रही है। उसके दरगाह पर रुकने और किसी के संपर्क आने सहित कई बिंदु पर पड़ताल चल रही है। विदेश से आए हो गया एक माह..स्वास्थ्य विभाग को सूची मिली अब : स्वास्थ्य विभाग को एलआईओ द्वारा रविवार को विदेश से लौटे 10 लोगों की सूची दी गई। सूची मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने विदेश से लौटे सभी 10 लोगों को ट्रेस कर लिया। सीएमओ डॉ सीमा अग्रवाल ने बताया कि सूची रविवार को मिली थी। उन्होंने बताया कि ये सभी माधोटांडा क्षेत्र में करीब एक माह पहले ही आ गए थे और ये सभी स्वस्थ हैं। ... और पढ़ें

माला क्षेत्र में बाघिन और दो शावकों के घूमने से दहशत बरकरार, टाइगर रिजर्व ने लगाए 25 कैमरे

पीलीभीत। रिछौला में किसान और उनके नौकर को मारने के बाद ट्रैक्युलाइज करके पकड़ा गया बाघ वही है जो माला रेलवे स्टेशन पर अक्सर दिखाई देता था। इसकी पुष्टि टाइगर रिजर्व के अधिकारियों ने कैमरों से निकली तस्वीरों के मिलान के बाद की है। माला क्षेत्र में कितने और बाघ जंगल से बाहर हैं, यह जानने के लिए इस इलाके टाइगर रिजर्व प्रशासन ने अलग-अलग स्थानों पर 25 कैमरे लगवाए हैं।
टाइगर रिजर्व की माला रेंज से सटी माला कॉलोनी, माला रेलवे स्टेशन समेत आसपास क्षेत्र में बाघों की लगातार चहलकदमी देखी जा रही है। 21 और 30 मार्च को बाघ ने एक महिला समेत दो लोगों को मार डाला था। तब टाइगर रिजर्व प्रशासन ने बाघ की पहचान के लिए 10 कैमरे लगवाए थे। तीन दिन पहले बाघ ने रिछौला में किसान निंदर सिंह और उनके नौकर को उस समय रात को निवाला बना डाला था, जब वे दोनों खेत पर बनी कोठरी में सो रहे थे। इस घटना से टाइगर रिजर्व प्रशासन में हड़कंप मच गया और ग्रामीण भी आक्रोशित हो उठे थे। प्रमुख मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव)के आदेश के बाद टाइगर रिजर्व की टीम ने तीन अप्रैल को ही बाघ को ट्रैंक्युलाइज कर पिंजरे में कैद कर लिया था। इस घटना के बाद माला क्षेत्र में पूर्व में लगे 10 कैमरों की फुटेज से पड़ताल की गई तो पता चला कि माला स्टेशन पर घूमने वाले बाघ ने ही रिछौला में किसान और उनके नौकर को मारा था। हालांकि इस क्षेत्र में बाघिन और दो शावक होने की बात कही जा रही है। टाइगर रिजर्व प्रशासन ने इस बात को गंभीरता से लेते हुए बाघों की संख्या जानने के लिए रिछौला से माला स्टेशन तक 25 कैमरे लगाए हैं। वनकर्मियों ने रविवार को भी हाथियों के साथ संभावित क्षेत्रों में कांबिंग की।

पीटीआर कराएगा साढ़े तीन किमी में तार फेंसिंग
टाइगर रिजर्व प्रशासन अब माला रेंज के समीप बसी माला कॉलोनी, बेबी कालोनी, गोयल कालोनी के आसपास क्षेत्र में तार फेसिंग कराएगा। टाइगर रिजर्व प्रशासन के मुताबिक तार फेंसिंग करीब साढ़े किमी में कराई जाएगी।

माला रेंज के समीप बाघों की वास्तविक संख्या और उनकी स्थिति जानने के लिए 25 कैमरे लगवाए गए हैं। माला रेलवे स्टेशन पर दिखने वाले बाघ ने ही दोनों को मारा था। इसकी पुष्टि कैमरों की फुटेज देखने के बाद हुई है। -नवीन खंडेलवाल, डिप्टी डायरेक्टर, टाइगर रिजर्व
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अवैध संबंध से जुड़ रहे मजदूर की हत्या के तार

पीलीभीत। मजदूर नन्हेलाल की गला दबाकर हत्या करने के पीछे अवैध संबंधों की वजह सामने आ रही है। अभी तक की जांच में पुलिस को एक करीबी महिला के आरोपी से अवैध संबंध होने की बात पता लगी है। इसकी पुष्टि करने के लिए पुलिस पड़ताल में जुटी हुई है। बरखेड़ा थाना क्षेत्र के काजरभोजी गांव के रहने वाले 25 वर्षीय मजदूर नन्हेलाल पुत्र चुन्नीलाल की शुक्रवारकी रात गला दबाकर हत्या कर दी गई थी। उसका शव शनिवार सुबह अपने ही मकान में चारपाई पर मिला था। भतीजे सतीशपाल की ओर से पुलिस ने गांव के ही सुरेश, उसके भाई देवदत्त और पिता वर्माजीत के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस सुरेश को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। परिवार वाले मोबाइल को लेकर हुए झगड़े को वजह बता रहे हैं। वहीं पुलिस को अब तक की जांच पड़ताल में हत्या के पीछे अवैध संबंध अहम वजह निकलकर आ रहे हैं। गांव में भी इसी की चर्चा तेज हैं। ऐसे में पुलिस मामले की पड़ताल में जुटी हुई है। इंस्पेक्टर हरीश वर्धन सिंह ने बताया कि नामजद किए गए आरोपियों की धरपकड़ को दबिश दी जा रही है। उनके मिलने के बाद पूरी तस्वीर साफ हो जाएगी। उधर, एएसपी रोहित मिश्र ने बताया कि मामले में अभी तक की छानबीन में अवैध संबंध की बात सामने आ रही है। इसकी तस्दीक करने के लिए पुलिस गहनता से पड़ताल कर रही है। घटना का जल्द खुलासा किया जाएगा। ... और पढ़ें

महचंदी के कोटेदार ने भाई के साथ मिलकर की सरकारी राशन की कालाबजारी, अब फंसे

मझोला (पीलीभीत)। सरकार भले ही लॉकडाउन के बीच जरूरतमंदों तक अनाज पहुंचाने के लिए तमाम प्रयास कर रही हो, लेकिन निचले स्तर पर कोटेदार खेल करने से बाज नहीं आ रहे हैं। अमरिया के बाद अब न्यूरिया के महचंदी गांव के कोटेदार का खेल निरीक्षण में पकड़ा गया। कोटेदार ने भाई संग मिलकर सरकारी राशन की कालाबाजारी कर डाली। अभिलेख भी अधूरे मिले। डीएम से अनुमति मिलने के बाद कोटेदार और उसके भाई पर आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पूर्ति निरीक्षक रजनीशचंद्र शुक्ला ने न्यूुरिया थाने में दी गई तहरीर में बताया कि राशन वितरण न करने की शिकायत पर महचंदी गांव की सरकारी राशन की दुकान का चार अप्रैल को निरीक्षण किया गया था। कोटेदार छेदालाल ने ई-पॉस मशीन अपडेट कराने के चलते वितरण न होने की बात कही। इसके बाद खाद्यान्न की पड़ताल की गई। इसमें सामने आया कि कोटेदार छेदालाल ने अपने भाई रमेश के साथ मिलकर 25.88 क्विंटल गेहूं और 17.27 क्विंटल सरकारी चावल जोकि जरूरतमंद कार्ड धारकों को बांटा जाना था, उसकी कालाबाजारी कर ली। राशन की दुकान के अभिलेख चेक किए गए, वह भी अधूरे निकले। पूछने पर कोटेदार कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। इसकी रिपोर्ट आलाधिकारियों को दी गई। डीएम से कार्रवाई की संस्तुति मिलने पर नामजद तहरीर दी। एक दिन पूर्व बढ़ेपुरा गांव के कोटेदार गुरमेज सिंह के खिलाफ भी राशन की कालाबाजारी मिलने पर कानूनी कार्रवाई हुई थी। कई अन्य राशन की दुकानों पर कम राशन देने का आरोप लगाते हुए शिकायतें की जा चुकी हैं। पूर्ति निरीक्षक की ओर से कोटेदार छेदालाल और उसके भाई रमेश के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है। इन पर सरकारी राशन की कालाबाजारी करने का आरोप है। मामले में तथ्यों के आधार पर विवेचना कराकर सख्त कार्रवाई की जाएगी- खीम सिंह जलाल, इंस्पेक्टर न्यूरिया ... और पढ़ें
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