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समितियों के फर्जी पदाधिकारियों पर एफआईआर के आदेश

निष्क्रिय समितियों व उनके फर्जी पदाधिकारियों को उर्वरक लाइसेंस जारी करने के मामले में डीएम ने बड़ी कार्रवाई की है। डीएम ने ऐसी चार समितियाें के नाम पर चल रहे उर्वरक केंद्रों के पदाधिकारियों पर मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं। साथ ही दो समितियों से जुड़े उर्वरक केंद्रों के लाइसेंस निरस्त करने को कहा है।

उधर, जिला कृषि अधिकारी ऋतुषा तिवारी इस पूरे मामले की जानकारी देने से बचतीं  रहीं और उन्होंने फोन ही नहीं उठाया। उद्यान विभाग की निष्क्रिय समितियों व उनके फर्जी पदाधिकारी बन कर तत्कालीन कृषि विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की मिली भगत से उर्वरक लाइसेंस जारी कर पिछले तीन साल से जिले में उर्वरक व्यवसाय करने का खेल चल रहा था।

अमर उजाला द्वारा इसका खुलासा किए जाने के बाद कृषि महकमे व संबंधित विभाग से लाइसेंस प्राप्त कर उर्वरक व्यवसाय करने वालों में हड़कंप मच गया था। डीएम ने इसका संज्ञान लेते हुए एक सितंबर को डीएचओ को पत्र लिख कर निष्क्रिय समितियों व उनके फर्जी पदाधिकारी बन कर उर्वरक व्यवसाय करने वालों की जांच कर आख्या मांगी थी।

डीएचओ ने अपनी आख्या में स्पष्ट किया था कि जिले में उद्यान विभाग की 32 समितियों में से दस समितियों के सक्रिय होने व उनके 15 उर्वरक केंद्र संचालित होने की सूचना पहले दी थी। दो दिन पहले डीएचओ ने एक और रिपोर्ट डीएम को सौंपी थी। इसमें कहा था कि चार निष्क्रिय समितियों के नाम पर 14 उर्वरक केंद्र संचालित होने तथा दो ऐसी समितियों के नाम पांच उर्वरक केंद्र संचालित होने की सूचना भेजी थी जो समितियां उद्यान विभाग में पंजीकृत ही नहीं थी।

जांच में स्पष्ट किया गया था कि जिला कृषि अधिकारी के यहां से मिली 34 उर्वरक केंद्रों की सूची में से 19 उर्वरक केंद्र पिछले करीब तीन सालों से गलत ढंग से संचालित हो रहे थे। डीएचओ ने अपनी यह जांच रिपोर्ट जिला कृषि अधिकारी को भी भेजी थी। डीएम राकेश कुमार ने बताया कि जांच के बाद जिला कृषि अधिकारी को चार समितियों के नाम पर संचालित उर्वरक केंद्रों के फर्जी पदाधिकारियाें पर  एफआईआर के आदेश किए गए हैं जबकि दो समितियों के नाम पर संचालित उर्वरक केंद्रों के लाइसेंस निरस्त किए गए हैं। 

जांच के बाद चार समितियों के उर्वरक केंद्रों के फर्जी पदाधिकारियों पर एफआईआर कराने को डीएओ को कहा गया है। इसके अलावा दो के उर्वरक लाइसेंस निरस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे प्रकरणों में लापरवाही या गड़बड़झाला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 
- राकेश कुमार सिंह, डीएम

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