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मौनी अमावस्या पर गया में कराएं तर्पण, हर तरह के ऋण से मिलेगी मुक्ति : 24 जनवरी 2020
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सीएए-एनआरसी पर बोले सीएम योगी, हिंदू-सिख ही नहीं ईसाई विरोधी भी है कांग्रेस

अमर उजाला बाबा गोरखनाथ की नगरी और मुंशी प्रेमचंद की कर्मभूमि रहे गोरखपुर शहर की हर खबर को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराएगा। अमर उजाला गोरखपुर के डिजिटल संस्करण की पहल को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सराहा है और आज खुद इसका लोकार्पण किया।

18 जनवरी 2020

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कन्नौज

शनिवार, 18 जनवरी 2020

अफसरों के गले की फांस बना बस हादसा, विमल बस सर्विस के संचालन में फंस सकते हैं अफसर

कन्नौज। जिले में विमल बस सर्विस का संचालन अफसरों के गले की फांस बन गया है। डीएम रवींद्र कुमार के एडीएम को सौंपी गई मजिस्ट्रेटी जांच में इन बसों के संचालन के अलावा गुरसहायगंज और छिबरामऊ कोतवाली पुलिस की भूमिका भी जांच के घेरे में है। जांच अधिकारी ने हर बिंदु पर गंभीरता से जांच करने की बात कही है। उधर, मजिस्ट्रेटी जांच के दूसरे दिन भी किसी ने जांच अधिकारी के सामने प्रस्तुत होकर अपने बयान दर्ज नहीं कराए हैं।
एआरटीओ संजय कुमार झा और आरआई जितेंद्र सिंह की 10 बिंदुओं की जांच से स्पष्ट हो चुका है कि बस मानक के मुताबिक नहीं थी। इमरजेंसी दरवाजा नहीं था, बस की लंबाई बढ़ाई गई थी, बस के पिछले हिस्से में कांच की जगह स्टील की चादर लगाई गई थी। बस के दरवाजे की चौड़ाई को भी घटाया गया था। इससे हादसे के बाद सभी यात्री बस से उतर नहीं सके। अंदर फंस जाने से कई की मौत हो गई। जिन 10 बिंदुओं पर एआरटीओ कन्नौज ने जांच की थी, उनमें से छह बिंदुओं पर बस मानक विहीन मिली।
एआरटीओ और आरआई की संयुक्त जांच रिपोर्ट 13 जनवरी को आरटीओ कानपुर संजय सिंह को भेज दी गई थी। यानी एआरटीओ की जांच रिपोर्ट खुद कह रही है कि बस मानक विहीन थी। ऐसे में सवाल उठता है कि फिर बस का संचालन जिले में कैसे हो रहा था। जिम्मेदार अफसरों ने कार्रवाई क्यों नहीं की। क्या कारण रहा कि बस संचालन के लिए अफसरों की हरी झंडी मिलती रही।
एआरटीओ संजय कुमार झा का तर्क है कि उन्हें बस हादसे से कुछ दिन पहले परिवहन निगम के अफसरों ने जिन अवैध बसों की सूची सौंपी थी, उसमें हादसे का शिकार बस नहीं थी। इसके अलावा बस को फर्रुखाबाद से फिटनेस प्रमाणपत्र जारी हुआ था। ऐसे में बस का संचालन कैसे रोका जा सकता है। इन सबके बीच यह सवाल भी खड़ा होता है कि जब बस में इमरजेंसी दरवाजा होने का नियम है तो एआरटीओ को फिटनेस प्रमाणपत्र चेक करते समय यह क्यों नहीं दिखा। बस के पीछे के हिस्से को कांच की जगह स्टील की चादर से ढक दिया गया था। यह क्यों नजर नहीं आया।
इन सबके अलावा टूरिस्ट परमिट पर बस लंबे समय से गुरसहायगंज और छिबरामऊ में फिक्स प्वाइंट से सवारियों को भर और उतार रही थी। टूरिस्ट परमिट पर ऐसा करना नियमों के विपरीत है। एआरटीओ कन्नौज को यह भी नजर नहीं आया। गुरसहायगंज और छिबरामऊ पुलिस पर भी बस के संचालन पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उनकी भूमिका भी संदेह के घेरे में है। सूत्र बताते हैं कि दोनों कोतवाली की पुलिस हाथ गरम कर बस का संचालन करा रही थी। इतने सब बिंदु होने के बाद जांच में इन्हें नजरअंदाज करना बेहद मुश्किल दिखता है।
पूरे मामले में हर किसी की भूमिका की गंभीरता से जांच की जा रही है। 20 जनवरी तक लोगों के बयान दर्ज किए जाएंगे। जांच में कई बिंदु शामिल किए गए हैं। बिना किसी दबाव के जांच होगी। रिपोर्ट जिलाधिकारी के स्तर से शासन को भेजी जाएगी। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होना तय है।
-गजेंद्र कुमार, उपजिलाधिकारी कन्नौज।
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लोकल फाल्ट बने मुसीबत, ठप हुई बिजली, दूरदराज के गांव अभी भी तरस रहे

कन्नौज। बारिश ने बिजली को झटका दिया है। कहीं ब्रेक डाउन रहा तो कहीं टेढ़े पोल के चलते सप्लाई बंद रही। दूरदराज के कई गांवों में दो दिन से आपूर्ति बाधित है।
बुधवार शाम से शुरू हुई बारिश से बिजली सप्लाई जगह-जगह फाल्ट होने से पूरी रात बंद रही। दिन में फाल्ट होने के बाद भी बारिश के चलते लाइनमैन नहीं पहुंच सके। इससे दूसरे दिन भी दूर दराज के गांवों में आपूर्ति चालू नहीं हो सकी। शहर के क्षेमकली फीडर पर एक पोल बारिश के चलते झुक गया। इसके तार आपस में भिड़ जाने से आपूर्ति बंद हो गई। इसी तरह बेहरिन फीडर पर भी पोल झुक गए। रात में बिजली सप्लाई बंद रही। दोपहर दो बजे के करीब इसकी जानकारी पर संबंधित लाइनमैन मौके पर पहुंचे। फाल्ट को दूर कर आपूर्ति बहाल कराई।
मानपुर, तिर्वा, कढे़रा, ठठिया, इंदरगढ़, हसेरन, अनौगी, गुगुरापुर, रामाश्रम, मोचीपुर नेरा समेत कई अन्य उपकेंद्रों पर फाल्ट आने से बिजली की आपूर्ति बंद रही। एक्सईएन शादब अहमद ने बताया कि सभी लाइनमैन को जेई ने निर्देशित कर दिया है कि वह सप्लाई बहाल कराएं। बारिश रुकने के बाद जहां पर भी फाल्ट होगा, ठीक करा कर आपूर्ति बहाल कराई जाएगी।
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बारिश से आलू, मटर और टमाटर को नुकसान, उछल सकते सब्जियों के दाम

कन्नौज। बुधवार रात शुरू हुई बारिश से जन जीवन अस्त व्यस्त होने के साथ ही फसलों पर सीधा असर पड़ा है। टमाटर, आलू, मटर, बैंगन, चना, गोभी सहित फसलों को नुकसान पहुंचा है। बारिश के चलते मार्केट में सब्जियों के दामों में भारी उछाल आएगा। कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि किसी भी फसल में पानी भर गया है तो तत्काल निकासी का प्रबंध करें। पानी भरा होने से गेहूं के पीला पड़ने की संभावना है। इससे उत्पादन पर असर पड़ेगा।
दिसंबर व जनवरी माह में किसान बारिश को लेकर सबसे अधिक परेशान हुए हैं। बुधवार रात आठ बजे से शुरू हुई बारिश लगातार जारी है। रबी के मौसम की प्रमुख फसलों पर सीधा असर पड़ा है। किसानों का कहना है कि सर्दी के मौसम में हुई बारिश ने फसलों पर कहर बरपाया है। इतनी बारिश तो बरसात के मौसम में नहीं हुई है। जिला कृषि अधिकारी राम मिलन सिंह परिहार ने कहा कि इस बरसात से लगभग सभी फसलों को सीधा नुकसान है। बारिश सबसे अधिक सब्जियों पर प्रभाव डालेगी। टमाटर, मटर, आलू, बैंगन, गोभी सहित कई फसलों को नुकसान होगा। इससे सब्जियों के दामों में कुछ दिन में भारी उछाल देखने को मिलेगा।
दलहन में चना, अरहर, तिलहन में सरसों, राई की फसल को नुकसान है। यह सभी फसलें इस समय फूल पर हैं। बारिश से इनका फूल गिरेगा और कई रोग लगेंगे। फसलों के बचाव के लिए किसान फिलहाल मौसम खुलने का इंतजार करें। मौसम खुलने के बाद ही दवाओं का छिड़काव करें। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि वह किसी भी खेत में पानी न भरने नहीं दें। अगर पानी यदि भरा हुआ है तो उसको तत्काल निकाल दें।
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कन्नौज बस हादसा: लोकेशन बदलकर पुलिस को चकमा दे रही बस की मालकिन, पुलिस का दावा जल्द होगी गिरफ्तारी

कन्नौज हादसा कन्नौज हादसा

कई सालों का टूटा रिकार्ड, 36 घंटे के बाद रुकी बारिश

कन्नौज। बेमौसम बरसात ने कई वर्षों का रिकार्ड तोड़ दिया। बरसात के चलते जन जीवन अस्त-व्यस्त हो गया। बारिश 36 घंटे बाद थमी। शुक्रवार को सुबह से बादल छाए रहे। आसमान में बादल तो घुमड़ कर आए। यह बिना बरसे निकल गए। दोपहर के बाद करीब दो घंटे के लिए धूप निकली। शाम होते ही आसमान में दोबारा बादल छा गए। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 18.06 व न्यूनतम 13.06 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
बुधवार शाम सात बजे से शुरू हुई बरसात गुरुवार सुबह करीब दो बजे तक जारी रही। लगातार 36 घंटे तक बरसात से जन जीवन अस्त-व्यस्त हो गया। शहर में कई जगह जलभराव होने से मार्ग कीचड़ में तब्दील हो गए। शुक्रवार को दोपहर के बाद मौसम खुला तो किसानों ने राहत की सांस ली। हालांकि इस बारिश से रबी के मौसम में बोई गई लगभग सभी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। आलू, टमाटर, मटर, अरहर, राई, चना, बैंगन, फूलगोभी सहित अन्य फसलों को नुकसान हुआ है। गेहूं की फसल को बारिश से फायदा है। अगर खेत में पानी भर गया है तो गेहूं को भी नुकसान पहुंच सकता है।
जिला कृषि अधिकारी राम मिलन सिंह परिहार का कहना है कि किसान खेत में भरा पानी तत्काल निकाल दें। आलू सहित अन्य फसलों में कीटनाशक दवा का छिड़काव मौसम पूरी तरह खुलने के बाद ही करें। इस मौसम में दवा का छिड़काव किया तो उसका असर नहीं होगा। कीटनाशक पर खर्च पैसा बर्बाद चला जाएगा।
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लखनऊ घूमने निकले थे, एक्सप्रेसवे पर मिली मौत

कन्नौज। दिल्ली में टेलीकॉम कंपनी में काम करने के दौरान तीनों की दोस्ती हो गई। गुरुवार तड़के आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर हुए हादसे में एक साथ जान चली गई। तीनों मृतकों में दो युवती व एक युवक है। यह लखनऊ, हमीरपुर व बिहार प्रांत के रहने वाले हैं। पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे परिजन शव ले गए हैं।
लखनऊ के फूलबाग कालोनी निवासी फराह खान (26) पुत्री पप्पू खान, हमीरपुर के थाना राठ अंतर्गत सागर तालाब निवासी सपना श्रीवास (20) पुत्री परशुराम व बिहार के बेगू सराय स्थित नाव कोठी निवासी हरिश्चंद्र पंडित (27) पुत्र जगदंबा पंडित दिल्ली में टेलीकॉम कंपनी में काम करते थे। काम के दौरान तीनों की दोस्ती हो गई। तीनों दोस्त कार से लखनऊ घूमने आ रहे थे। तिर्वा कोतवाली क्षेत्र के फगुहा भट्ठा के निकट तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर पलट गई। इसमें तीनों दोस्तों की मौके पर मौत हो गई।
मृतक फराह खान के भाई सलमान ने बताया कि बहन फराह खान ने ढाई माह पहले दिल्ली में नौकरी शुरू की थी। उसका 26 जनवरी का ट्रेन से रिजर्वेंशन था। घर आने की कोई जानकारी नहीं थी। गुरुवार सुबह हादसे की जानकारी मिलने पर वह चौंक गए। फराह की मौत से भाई सलमान समेत अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। इसके अलावा मृतक सपना व हरिश्चंद्र पंडित के परिजन भी पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए थे।
दो भाइयों में अकेली थी सपना
सपना के भाई रोहित ने बताया कि वह दो भाई हैं। बहन इकलौती थी। सपना पढ़ने में होशियार थी। बीकॉम की पढ़ाई पूरी करने के बाद दिल्ली में टेलीकॉम कंपनी में नौकरी मिल गई थी। रोहित ने बताया कि सपना ने लखनऊ आने की कोई सूचना नहीं दी थी। हादसे से सब लोग चौंक गए।
12 बजे हुई थी बात
मृतक हरिश्चंद्र के भाई अरविंद ने बताया कि भाई से बुधवार रात 12 बजे फोन पर बात हुई थी। उसने लखनऊ आने के बारे में कुछ भी नहीं बताया था। सुबह नौ बजे हादसे की सूचना मिली तो चीख-पुकार मच गई।
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लोकेशन बदलकर पुलिस को चकमा दे रही बस की मालकिन

पोस्टमार्टम हाउस में एंबुलेंस से शव ले जाते परिजन।
कन्नौज। कन्नौज बस हादसे में मुख्य आरोपी बनाईं गईं बस की मालकिन और उसके पति की तलाश में पुलिस टीमों ने कई जनपदों में डेरा डाल दिया है। दोनों बार-बार लोकेशन बदल कर पुलिस को चकमा दे रहे हैं। पुलिस का दावा है कि वह आरोपियों के करीब है। कभी भी गिरफ्तारी हो सकती है।
बस मालिक और उसके पति की तलाश में कन्नौज की एसओजी और स्वॉट टीम के साथ ही छिबरामऊ थाना प्रभारी के नेतृत्व में टीम लगाई गई है। इसके अलावा फर्रुखाबाद की एसओजी टीम भी तलाश में जुटी है।10 जनवरी की रात छिबरामऊ कोतवाली के घिलोई गांव के पास जीटी रोड पर हुए बस हादसे के मामले में मंगलवार को एआरटीओ कन्नौज संजय कुमार झा ने छिबरामऊ थाने में बस मालिक प्रीती चतुर्वेदी, अज्ञात मैनेजर और एजेंट समेत चार के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बुधवार को पुलिस ने चार एजेंटों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। बस मालकिन और उसके पति के साथ मैनेजर की तलाश पुलिस अभी भी कर रही है। बुधवार को पुलिस टीमों ने फर्रुखाबाद के साथ ही मैनपुरी में भी दबिशें दीं। कोई हाथ नहीं लगा था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक आरोपी लोकेशन बदल रहे हैं। जब तक आरोपियों की लोकेशन पता कर टीम पहुंचती है, वह वहां से निकल जाते हैं।
पुलिस ने अब अपनी रणनीति में बदलाव किया है। इन पर काम किया जा रहा है। इससे जल्द पकड़े जाने की उम्मीद है। एएसपी विनोद कुमार ने बताया कि पुलिस टीमें आरोपियों की गिरफ्तारी का प्रयास कर रही हैं। जल्द गिरफ्तारी हो जाएगी।
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छह दिनों में रोडवेज को हुआ 1.76 लाख का फायदा, अवैध बसों के संचालन पर रोक से राजस्व बढ़ा

कन्नौज। छिबरामऊ के घिलोई में हुए बस हादसे के बाद अवैध तरीके से सवारियां ढो रहीं टूरिस्ट बसों पर लगाम लगने से रोडवेज का मुनाफा बढ़ गया है। हादसे के बाद यानी 11 से 16 जनवरी के बीच छह दिनों में 1.76 लाख रुपये का रोडवेज को मुनाफा हुआ है। इस मुनाफे को अगर महीने के हिसाब से देखा जाए तो यह 52 लाख से ज्यादा पहुंचता है। ऐसे में समझा जा सकता है कि किस तरह अफसरों के रहमोकरम पर चल रहीं टूरिस्ट बसें राजस्व को चूना लगा रही थीं।
कन्नौज डिपो से जयपुर के लिए एक व दिल्ली के लिए आठ बसें प्रतिदिन संचालित हो रही हैं। सवारी न मिलने से बसें तकरीबन खाली जा रही थीं। ऐसा इसलिए था कि टूरिस्ट बसें कम किराये पर ज्यादा सुविधाएं दे रही थीं। टूरिस्ट बसों के अवैध संचालन से रोडवेज की बसों को सवारियां नहीं मिल रही थीं। इससे आमदनी कम हो रही थी। कन्नौज डिपो से संचालित बसों से होने वाली आय के आंकड़े बताते हैं कि हादसे से छह दिन पहले और बाद में काफी अंतर आया है।
जयपुर के लिए प्रतिदिन चलने वाली एक बस से पांच से 10 जनवरी (हादसा भी 10 जनवरी की रात हुआ था) के बीच यानी छह दिनों में एक लाख 86 हजार 503 रुपये की आमदनी हुई थी। यानी प्रतिदिन इस बस से करीब 31 हजार रुपये की आय हो रही थी। इस हिसाब से एक माह में यह रकम नौ लाख 32 हजार 515 रुपये होती है। हादसे के बाद अगले ही दिन यानी 11 जनवरी को रोडवेज की जयपुर जाने वाली बस की आमदनी बढ़ गई। 11 से 16 जनवरी के मध्य यानी इन छह दिनों में इस बस से 45 हजार 767 रुपये की आमदनी हुई। यानी रोजाना 14683 रुपये की आमदनी बढ़ गई। बसों का संचालन अगर ऐसे ही हुआ तो एक माह में रोडवेज को अब चार लाख 40 हजार 485 रुपये मिलने की उम्मीद है। यानी हर माह रोडवेज को अकेले जयपुर रूट पर 440485 रुपये की आमदनी होगी।
इसी तरह दिल्ली के लिए कन्नौज डिपो से आठ बसों का संचालन नियमित किया जा रहा था। इन बसों ने पांच से 10 जनवरी के मध्य छह दिनों में 11 लाख 50 हजार 68 रुपये की आय की थी। टूरिस्ट बसों के बंद होने के बाद 11 से 16 जनवरी के मध्य इन बसों की आय बढ़कर 12 लाख 38 हजार 274 रुपये हो गई। यानी एक दिन में डिपो की बसों को 14 हजार 701 रुपये का फायदा हुआ। जयपुर और दिल्ली रूट से ही कन्नौज डिपो की बसों ने छह दिनों में एक लाख 76 हजार 304 रुपये की ज्यादा आमदनी कर ली है।
छह दिनों में दिखने लगी बसों की आमदनी
एआरएम राजेश कुमार का कहना है कि अवैध तरीके से हो रहे टूरिस्ट बसों के संचालन से परिवहन विभाग को लाखों रुपये का नुकसान हो रहा था। इन बसों के बंद होने से परिवहन विभाग की आमदनी छह दिनों में ही दिखने लगी है। औसत देखा जाए तो कन्नौज डिपो की बसों को ही नौ लाख रुपये का नुकसान इन अवैध बसों के कारण अकेले जयपुर और दिल्ली रूट पर हर माह हो रहा था।
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घरेलू झगड़े से तंग आए युवक ने लगाई फांसी, 10 दिन से था लापता

कन्नौज। 10 दिनों से लापता चल रहे युवक का शव पुराने मकान में फांसी पर लटका मिला। चर्चा है कि युवक ने घरेलू झगड़े से तंग आकर जान दे दी। पुराने मकान में बदबू आने पर परिजनों को घटना की जानकारी हुई। इससे चीख-पुकार मच गई। पुलिस व फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंच साक्ष्य जुटाए हैं।
तिर्वा कोतवाली क्षेत्र के मुरैया बुजुर्ग के मजरा बहादुरपुर निवासी अखिलेश कुशवाहा (27) पुत्र चंद्र प्रकाश कुशवाहा दूध कंपनी में चालक की नौकरी करता था। छोटी-छोटी बातों को लेकर उसका पत्नी रागिनी से अक्सर झगड़ा होता रहता था। इससे वह परेशान रहता था। सात जनवरी को घर में झगड़े के बाद अखिलेश कुशवाहा घर से निकल गया। देर रात तक न लौटने पर परिजनों ने खोजबीन की। उसका पता नहीं चला।
दूसरे दिन परिजनों ने तिर्वा कोतवाली में पुत्र के लापता होने की तहरीर दी। शुक्रवार दोपहर अखिलेश कुशवाहा की ताई राजरानी पत्नी रामप्रकाश पुराने मकान में सफाई करने गईं। यहां कमरे में बदबू आने पर शक हुआ। कमरे के अंदर झांकने पर अखिलेश को फंदे पर लटका देख उनकी चीख निकल गई। परिजन मौके पर पहुंचे। इनमें चीख-पुकार मच गई। पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल था। अखिलेश यादव के दो साल का पुत्र कार्तिक है। सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस व फोरेंसिक टीम ने पूछताछ के बाद शव को नीचे उतारा। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
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नाबालिग से दुष्कर्म में 10 साल का सश्रम कारावास

कन्नौज। अपर जिला जज प्रथम व विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट ने दो साल पहले नाबालिग को ले जाकर दुष्कर्म के मामले में 10 साल के सश्रम कारावास व 25 हजार जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। कोर्ट ने वसूले जाने वाले जुर्माने से पीड़ित पक्ष को 12 हजार रुपये देने का आदेश दिया है।
शासकीय अधिवक्ता तरुण चंद्रा के अनुसार थाना इंदरगढ़ क्षेत्र के एक पिता ने बताया कि उसकी 13 वर्षीय पुत्री को 14 जनवरी 2018 को हरदोई क्षेत्र के थाना बेहटा गोकुल खैराहाया निवासी जवाहर घर से बहला-फुसलाकर ले गया। पीड़ित पिता ने आरोपित के खिलाफ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी की तलाश में कई जगह छापामारी की। उसका सुराग नहीं लगा।
जवाहर बेटी को दिल्ली, आंध्र प्रदेश समेत कई जगह घुमता रहा। करीब एक माह की कोशिश के बाद पुलिस ने नाबालिग को आरोपी के पास से तलाश लिया। यहां नाबालिग ने मजिस्ट्रेट के समक्ष आरोपी के खिलाफ बयान दिए। साथ ही दुष्कर्म का आरोप लगाया। पुलिस ने जांच पड़ताल के बाद आरोपी के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। शुक्रवार को अपर जिला जज प्रथम व विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट रामबरन सरोज ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जवाहर को धारा 363, 366 व पॉक्सो में सात-सात साल की कैद व पांच- पांच हजार जुर्माने की सजा सुनाई। वहीं धारा 376 में 10 साल की कैद व 10 हजार जुर्माने की सजा सुनाई। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। कोर्ट ने आरोपी से वसूले जाने वाले 25 हजार जुर्माने में से पीड़िता को 12 हजार रुपये देने का आदेश दिया है।
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अब बैंकों को भी मिलना बंद हुए 2000 के नोट

कन्नौज। बाजार से गायब दो हजार के नोट अब बैंकों में इक्का दुक्का ही पहुंच रहे हैं। करंसी चेस्ट से भी शाखाओं को दो हजार के नोट नहीं मिल रहे हैं। एटीएम से भी पांच सौ और सौ के नोट मिल रहे हैं। बाजार से दो हजार के नोटों के गायब होने के पीछे जमाखोरी की वजह सामने आई है। नोटों की डंपिंग से बाजार में नगदी का संकट है। ऐसा बैंक अधिकारी भी मान रहे हैं।
जिले में विभिन्न बैंकों की 131 शाखाएं हैं। सबसे ज्यादा ग्रामीण बैंक की 44 शाखाएं हैं। इसके बाद बैंक ऑफ इंडिया की 15, भारतीय स्टेट बैंक की 12, पंजाब नेशनल बैंक की 10, कोआपरेटिव बैंक की नौ, सेंट्रल बैंक की सात, बैंक ऑफ इंडिया की पांच के अलावा सिंडिकेट, विजया, केनरा, इंडियन, ओवरसीज, ओरियंटल कार्पोरेशन और यूको बैंक की शाखाएं शामिल हैं। इन सभी बैंकों के 90 एटीएम हैं।
जिले में दो हजार के नोटों के गायब होने से बैंकों में जमा होने वाली नगदी भी घटी है। पिछले साल मार्च तक जिले की इन सभी बैंकों का रोजाना का करीब सात करोड़ रुपये का कारोबार था। यानी इतनी रकम रोजाना जमा और निकाली जाती थी। अब यह घटकर करीब पांच करोड़ पर आ गई है। यानी लगभग दो करोड़ का नगद ट्रांजेक्शन घटा है। बैंक अधिकारी इसके पीछे दो हजार के नोटों के बाजार से गायब होने और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन बढ़ने को बड़ी वजह मानते हैं। यानी बाजार से नगदी कम हुई है और लोग ऑनलाइन ट्रांजेक्शन का सहारा ले रहे हैं।
इसके अलावा कभी एटीएम से नगदी निकालने पर दो हजार के नोटों की संख्या ज्यादा होती थी। अब ऐसा नहीं है। दो हजार रुपये निकालने पर भी पांच सौ रुपये के चार नोट या फिर इससे छोटे नोट ही निकल रहे हैं।
जमाखोरी के कारण दो हजार के नोटों का संकट
लीड बैंक मैनेजर मनोज सिन्हा बताते हैं कि दो हजार की करंसी कम तादाद में चेस्ट से मिल रही है। ज्यादातर नोट इससे छोटे मिल रहे हैं। बैंकों में जो नगदी जमा हो रही, उसमें भी दो हजार के नोट लगभग गायब हैं। इन नोटों के बैंक न पहुंचने के पीछे जमाखोरी बड़ा कारण बनकर सामने आई है। यानी लोगों ने दो हजार के नोटों को डंप कर लिया है।
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बुखार से पांच माह के बालक की मौत

कन्नौज। तहसील तिर्वा के गांव गुनाह मड़ैया निवासी पांच माह के बालक के कई दिनों से वायरल व दस्त से पीड़ित होने पर परिजन शुक्रवार को जिला अस्पताल में निजी वाहन से लेकर पहुंचे। ओपीडी में बाल रोग विशेषज्ञ को दिखाया। हालत गंभीर होने पर कानपुर ले जाने की सलाह दी गई। इस दौरान बालक की हालत अधिक बिगड़ गई। परिजनों ने उसे इमरजेंसी में भर्ती कराया। कुछ ही देर में बालक की मौत हो गई।
तिर्वा तहसील के गांव गुनाह मड़ैया निवासी कलाम (5 माह) पुत्र गुलफाम कई दिनों से बुखार से पीड़ित चल रहा था। पिता गुलफाम ने बताया कि उसे बुखार आया था। गांव के चिकित्सक को दिखाकर दवा दी गई। कोई फायदा नहीं हुआ। इसके बाद निजी चिकित्सक के पास भर्ती कराया। सुधार न होने पर जिला अस्पताल ले जाने के लिए कहा गया।
शुक्रवार को वह जिला अस्पताल पहुंचे। बालक को ओपीडी में दिखाया। बालक की हालत गंभीर बताई गई। वह बालक को इलाज के लिए कानपुर ले जाने के लिए कागज तैयार करा रहा था, तभी हालत और बिगड़ गई। उसे इमरजेंसी में भर्ती किया गया। कुछ ही देर में मौत हो गई।
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