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हनुमान जयंती पर नौकरी प्राप्ति, आर्थिक उन्नत्ति, राजनीतिक सफलता एवं शत्रुनाशक हनुमंत अनुष्ठान - 8 अप्रैल 2020
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हनुमान जयंती पर नौकरी प्राप्ति, आर्थिक उन्नत्ति, राजनीतिक सफलता एवं शत्रुनाशक हनुमंत अनुष्ठान - 8 अप्रैल 2020

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Coronavirus in UP Live Updates: प्रदेश में सोमवार को 28 नए कोरोना संक्रमितों की हुई पुष्टि, बढ़ सकती है लॉकडाउन की अवधि

यूपी में सोमवार को 28 कोरोना पॉजिटिव मरीजों के साथ संक्रमितों की संख्या बढ़कर 311 हो गई है।

7 अप्रैल 2020

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झांसी

मंगलवार, 7 अप्रैल 2020

फीस के लिए बाध्य नहीं कर सकेंगे स्कूल

लॉकडाउन झांसी: राशन पहुंचाने का दावा, हेल्पलाइन बनी दिखावा

लॉकडाउन में गरीबों तक राशन और अन्य आवश्यक सुविधाएं पहुंचाने के लिए सरकार ने कई हेल्पलाइन बनाई हैं। जिला स्तर पर दर्जनों कंट्रोल रूम बनाए गए हैं, लेकिन जिले में सारे कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन महज दिखावा बनकर रह गई हैं। आलम यह है कि दर्जनों बार फोन करने के बाद भी गरीबों तक मदद नहीं पहुंच पा रही है। शिकायत दर्ज कराने के बाद पते और मदद मिलने की पुष्टि के लिए तमाम बार फोन आ रहे हैं, लेकिन मदद नहीं पहुंच रही है। ऐसे में हेल्पलाइन लोगों के लिए मददगार साबित नहीं हो पा रही है। वहीं, सरकार और प्रशासन महज शिकायतों को एक-दूसरे पर टालकर औपचारिकता निभा रहे हैं।

11 बार फोन किए और आए, लेकिन राशन नहीं पहुंचा
राजगढ़ स्थित पीएनबी बैंक के सामने रहने वाले विनोद शर्मा ने शनिवार दोपहर को राशन के लिए 112 पर कॉल किया था, लेकिन उनको अब तक मदद नहीं मिल सकी है। 112 पर कॉल करने के बाद से रविवार शाम तक उनको कई नंबर दिए जाते रहे और वे कॉल करते रहे। हर जगह से राशन पहुंचाने के लिए पता पूछा जाता रहा, लेकिन राशन नहीं पहुंचा। विनोद ने डीएम कंट्रोल रूम से लेकर लखनऊ तक तमाम नंबरों पर कॉल किए, लेकिन मदद नहीं मिली। पेशे से कारपेंटर विनोद का कहना है कि हेल्पलाइन महज दिखावा बन रही हैं।

फोन करते रहे, फिर भी नहीं मिली इमदाद
बड़ागांव गेट अंदर निवासी घनश्याम शर्मा ने भी राशन की मदद के लिए प्रशासन के कंट्रोल रूम पर फोन किया था। इसके बाद उनके पास तमाम जगहों फोन आए, लेकिन अब तक मदद नहीं पहुंची। प्रशासन से लेकर लखनऊ तक मदद के लिए तमाम कॉल आए और उन्होंने किए, लेकिन कोई मदद अब तक नहीं पहुंच सकी।

फॉगिंग के लिए करते रहे गुहार
नगर निगम कोरोना संक्रमण को दूर करने के लिए लगातार फॉगिंग कराने के दावे कर रहा है, लेकिन लोगों की शिकायत के बाद भी फॉगिंग नहीं हो पा रही है। शनिवार दोपहर को आंतिया तालाब निवासी विवेक कुमार ने नगर निगम के कंट्रोल रूम पर फोन किया। फोन करने के बाद हेल्पलाइन से उनको नगर निगम के कर्मचारी का नंबर दिया गया। जहां फोन करने पर सुबह फॉगिंग कराने का आश्वासन मिला, लेकिन अब तक कोई नहीं पहुंचा।

सीएम दे चुके हैं निर्देश
हेल्पलाइन के जरिये समस्याएं दूर नहीं होने की शिकायतें लखनऊ तक पहुंच रहीं थी। इसे लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डीएम और एसएसपी को निर्देश दिए थे, लेनिक इसके बाद भी हेल्पलाइन मददगार नहीं बन सकी हैं।
प्रशासन की ओर से हर जरूरतमंद की मदद की जा रही है। इसमें सामाजिक संगठनों का भी सहयोग लिया जा रहा है। इसमें कोई गड़बड़ी मिली, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आंद्रा वामसी, जिलाधिकारी
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कोरोना से जंग में योद्धा बनकर खड़ीं वीर नारियां

झांसी। कोई मरीजों की देखभाल में जुटा है, तो कोई कोरोना से बचाने के लिए लॉकडाउन का पालन करा रहा है। एक ओर जहां पूरा देश घरों में बंद है, दूसरी ओर महिला शक्ति कोरोना की जंग में जमकर जुटी हैं। कोरोना से लोगों को दूर रखने के लिए महिलाएं पूरे मनोयोग से जुटी हुई हैं। आलम यह है कि कोरोना से खतरे की परवाह न करते हुए अपराजिता बनकर महिलाएं मदद के लिए बढ़-चढ़कर आगे आ रही हैं।
कोरोना संक्रमण के चलते देशभर को लॉकडाउन कर दिया गया है। ऐसे में हर कोई घर में बंद है। लेकिन जिला अस्पताल में तैनात स्टाफ नर्स और सड़क पर तैनात महिला पुलिसकर्मी लोगों को कोरोना से बचाने के लिए पूरी मेहनत कर रही हैं।
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महानगर के सीपरी बाजार में तैनात महिला पुलिसकर्मी प्रीति सचान की ड्यूटी का समय बढ़ गया है। पहले आठ घंटे ड्यूटी करने वाली प्रीति अब 12-12 घंटे ड्यूटी कर रही हैं। इस दौरान वे घर से बाहर निकलने वाले लोगों को रोककर कोरोना के खतरे के प्रति आगाह करती हैं। साथ ही, लोगों को सैनिटाइजेशन के बारे में बताती हैं। प्रीति का कहना है कि कोरोना से लोग सुरक्षित रहें, यही सबका मकसद है। इसके साथ ही वे गरीबों को भोजन के पैकेट भी वितरित कराकर मदद करती हैं।
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जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में तैनात स्टाफ नर्स ममता पुरोहित भी कोरोना के मरीजों और क्वारंटाइन किए गए लोगों की मदद कर रही हैं। उनके पास संसाधन सीमित हैं, लेकिन लोगों की मदद के लिए पूरे मनोयोग से जुटी हैं। मरीजों को समय पर दवा देने के साथ कोरोना का खौफ कम करने के लिए उनको प्रेरित करती हैं। उनका कहना है कि कोरोना के प्रति मरीजों को खौफ से बाहर निकालना जरूरी है। अच्छा लगता है कि कोरोना की जंग में हम मदद कर पा रहे हैं।
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आइसोलेशन वार्ड में तैनात एक और स्टाफ नर्स कल्पना भी पूरे मन से अपने कर्तव्य को पूरा कर रही हैं। वे मरीजों को मास्क लगाने और सैनिटाइजेशन के लिए प्रेरित करती हैं। कोरोना के खौफ से दूर रहकर वह मरीजों की देखभाल करने में जुटी हैं। ड्यूटी का समय भी बढ़ गया है, लेकिन उनको इसका कोई मलाल नहीं है। इसके साथ ही अपनी कॉलोनियों के लोगों को भी कोरोना के बारे में बताकर लॉकडाउन का पालन करने की नसीहत दे रही हैं।
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सिविल लाइंस निवासी परिधि नारवानी लॉकडाउन के बाद से पुलिसकर्मियों की मदद में जुटी हैं। वे विभिन्न चौराहों पर पहुंचकर पति के साथ पुलिसकर्मियों को चाय पिलाती हैं। इसके लिए सुबह वह चाय बनाकर अपने घर के आसपास तैनात पुलिसकर्मियों को बांटती हैं। साथ ही जगह-जगह जाकर पुलिसकर्मियों की मदद करती हैं। उनका कहना है कि पुलिसकर्मी हमें कोरोना से बचाने में जुटे हैं। कई तो घर भी नहीं जा पाते। ऐसे में हमारा कर्तव्य है, उनकी हर संभव मदद करें।
परधी नारवानी
परधी नारवानी
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साढ़े तीन लाख परिवारों को मुफ्त मिलेगा पांच किलो चावल

झांसी। लॉकडाउन के दौरान राशन की समस्या से जूझ रहे लोगों को सरकार ने राहत दी है। 15 अप्रैल से हर राशन कार्ड धारक को मुफ्त पांच किलो चावल का वितरण किया जाएगा। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत पात्र गृहस्थी और अंत्योदय कार्डधारकों को राशन दुकानों से वितरण किया जाएगा। इसे लेकर सोमवार को डीएम आंद्रा वामसी ने निर्देश जारी किए हैं।
लॉकडाउन को लेकर एक अप्रैल से जिले की 794 राशन दुकानों पर वितरण कार्य शुरू करा दिया गया था। जिले में करीब 80 फीसद दुकानों पर राशन वितरण का काम पूरा हो चुका है। वहीं सरकार ने 15 अप्रैल से 26 अप्रैल तक राशन दुकानों से पांच किलो चावल का वितरण कराने के निर्देश दिए हैं। हर कार्डधारक को प्रति यूनिटर पांच किलो चावल मुफ्त मिलेगा। इसे लेकर डीएम ने निर्देश जारी किए हैं। डीएम ने आदेश में कहा है कि राशन दुकानों पर हर हाल में 13 अप्रैल तक चावल पहुंचा दिया जाए। डीलर 15 अप्रैल से मुफ्त चावल का वितरण करेंगे। अगर कहीं से कार्डधारक से वसूली की शिकायत मिलती है, तो डीलर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए दुकानों पर नोडल अधिकारी तैनात किए गए हैं। जिनकी देखरेख में सोशल डिस्टेंसिंग और सैनिटाइजेशन का पालन कराते हुए चावल का वितरण किया जाएगा। इसके साथ ही जिन पात्र लाभार्थियों को ई-पॉस मशीन में अंगूठे का मिलान नहीं होने के चलते राशन नहीं मिल सका है, उन्हें प्रॉक्सी से राशन का वितरण 12 अप्रैल को किया जाएगा। डीएसओ तीर्थराज यादव ने बताया कि निशुल्क चावल वितरण को लेकर कोटेदारों को निर्देश दे दिए गए हैं। लोग 15 अप्रैल से राशन दुकान से प्रति यूनिट निशुल्क पांच किलो चावल ले सकेंगे।
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आटे की दिक्कत को लेकर लिया फैसला
दरअसल, अब तक राशन दुकानों पर गेहूं का वितरण किया जा रहा था। लेकिन गेहूं के वितरण के बाद आटा पिसवाने के लिए लोग बाहर निकल रहे हैं और लॉकडाउन का पालन नहीं हो पा रहा है। सरकार ने इसलिए पांच किलो चावल देने का निर्णय लिया है।
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मोक्ष की आस, विसर्जन को तरसती राख

झांसी। लॉकडाउन की वजह से यातायात पूरी तरह से थमा हुआ है। इसकी वजह से इस अवधि में मरने वाले लोगों की अस्थियों का उनके परिजन विसर्जन नहीं कर पा रहे हैं। इसके अलावा मृत्यु पूर्व होने वाले अन्य संस्कारों पर भी ग्रहण लगा हुआ है। हालांकि, इस त्रासदी से जूझ रहे लोगों का कहना है कि मृत होे चुके उनके परिजनों की आत्मा को भी असल शांति तब मिलेगी, जब देश से कोरोना का नाश हो जाएगा। लॉकडाउन खत्म होने के बाद ही वे अब अस्थियों का विसर्जन करेंगे।
लॉकडाउन शुरू होने के एक दिन पहले पंचकुइयां निवासी ओमप्रकाश तिवारी (76) वर्ष की आयु में निधन हो गया था। उसी दिन उनका दाह संस्कार कर दिया गया था। लेकिन, आवागमन ठप होने की वजह से उनकी अस्थियों का विसर्जन नहीं हो पाया है। दिवंगत आत्मा की अस्थियां बड़ागांव गेट बाहर मुक्तिधाम में रखी हुई हैं। इसके अलावा तेरहवीं जैसे अन्य संस्कार भी औपचारिक ही हो पाए। ये केवल किसी एक परिवार की त्रासदी नहीं है, बल्कि तमाम लोगों को इसका सामना करना पड़ रहा है। दिवंगत आत्माओं की अस्थियों को विसर्जन का इंतजार है। मृत्यु उपरांत होने वाले अन्य क्रियाकर्म भी नहीं हो पा रहे हैं। अंदर सैंयर गेट निवासी राकेश निरंजन की मां श्रीमती ज्ञान देवी का 20 मार्च को निधन हुआ था। लॉकडाउन से पहले अस्थियों का विसर्जन तो गया था, परंतु ग्यारहवीं नहीं हो पाई। मृत्यु के बाद के इस जरूरी कर्म की औपचारिकता से ही उन्हें काम चलाना पड़ा।
ये केवल दो परिवारों की परेशानी नहीं है, बल्कि इस अवधि में मरने वाले लोगों के तमाम परिवारों को इस स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। शव यात्रा में भी बमुश्किल 10-15 की संख्या में ही लोग नजर आते हैं। इसके बाद के कर्म भी नहीं हो पा रहे हैं।
शास्त्रानुसार अस्थियों को एक मटके में संग्रहित कर पीपल के पेड़ पर टांग सकते हैं। परिस्थितियां सामान्य होने पर उनका विसर्जन किया जाए। ग्यारहवीं, तेरहवीं जैसे संस्कार केवल एक ब्राह्मण को घर बुलाकर कर लें। बाकी ब्राह्मणों का भोजन उनके घर पहुंचा सकते हैं। इस संस्कार के बाद घर में पूजा-पाठ शुरू की जा सकती है।
- महंत विष्णु दत्त स्वामी, जिला धर्माचार्य
पिता की अस्थियों का अभी विसर्जन नहीं हो पाया है। अस्थियां बड़ागांव गेट बाहर मुक्तिधाम पर रखी हुईं हैं। तेरहवीं भी नहीं कर पाए हैं। केवल रस्म अदायगी भर हो पाई। हालांकि, पिता ओमप्रकाश तिवारी की आत्मा को भी तब ही शांति मिलेगी, जब देश से कोरोना का नाश हो जाएगा। आपदा का दौर खत्म होने के बाद पिता की स्मृति में सभी संस्कार किए जाएंगे।
- विजय तिवारी, पंचकुइयां
बीस मार्च को माताजी का देहांत हुआ था। लॉकडाउन लागू होने से पहले अस्थियों का विसर्जन तो कर दिया गया, परंतु ग्यारहवीं का विधान औपचारिक ही हो पाया है। नाते - रिश्तेदार भी इसमें शामिल नहीं हो सके। हालांकि, इसका मलाल नहीं है। क्योंकि, पहले देश से कोरोना वायरस जैसी आपदा का नाश होना जरूरी है। इसके बाद सभी कर्म कर लिए जाएंगे।
- राकेश निरंजन, अंदर सैंयर गेट
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भाजपाइयों ने घर रहकर ही मनाया स्थापना दिवस

झांसी। भाजपा कार्यकर्ताओं ने सोमवार को लॉकडाउन में सोशल डिस्टेंस का पालन कर स्थापना दिवस अपने घरों में ही मनाया। साथ ही कोरोना वायरस महामारी खत्म होने तक जरूरतमंदों तक भोजन पहुंचाने का संकल्प लिया।
सोमवार को भाजपा कार्यालय पर महानगर अध्यक्ष ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय व श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर कार्यकर्ताओं से मोदी टिफिन जरूरतमंदों तक पहुंचाने का आग्रह किया। इस मौके पर अश्वनी खरे, रोहित गोठनकर, मनोज गुप्ता, प्रियांशु डे, नीता अवस्थी, कविता शर्मा, अनीता चौरसिया, कमलेश परिहार, राहुल शर्मा मौजूद रहे। इधर, ओमशांति नगर में विधायक राजीव सिंह पारीछा ने अपने आवास व कार्यालय पर पार्टी का झंडा लगाने के बाद पंडित दीनदयाल उपाध्याय व श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर पुष्प अर्पित किए। इस मौके पर जगदीश सिंह चौहान, अनिल साहू, धीरज मिश्रा, विकास कुशवाहा, सत्येंद्र सिंह, योगी पालर, अनिल मुस्तारिया, निखिल नायक मौजूद रहे।
उधर, शिवाजी नगर स्थित अपने आवास पर विधायक जवाहर लाल राजपूत ने ध्वज फहराया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि भाजपा संघर्षों से निकला संगठन है। आज देश कोरोना जैसी महामारी से संघर्ष कर रहा है तो संगठन का एक- एक कार्यकर्ता पीएम मोदी व अध्यक्ष जेपी नड्डा के मार्गदर्शन में जनता की सेवा में लगा है।
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लॉकडाउन के पालन को दौड़ा प्रशासनिक अमला

झांसी। लॉकडाउन का पालन कराने के लिए सोमवार को प्रशासनिक अधिकारी दौड़ लगाते नजर आए। इस दौरान कमिश्नर सुभाष चंद्र शर्मा ने उनाव गेट क्षेत्र में जगह-जगह निरीक्षण किया। जबकि डीएम आंद्रा वामसी ने सुभाष गंज का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान भीड़ मिलने पर अधिकारियों ने नाराजगी जताई।
मंडलायुक्त सुभाष चंद्र शर्मा ने मेडिकल स्टोरों पर सोशल डिस्टेंसी का पालन न होने पर नाराजगी व्यक्त की। मंडलायुक्त ने झांसीए उन्नाव-बालाजी सीमा पर मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश पुलिस फ ोर्स से बात कर स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कोट बेहटा में किसान से भी फ सल कटाई के संबंध में जानकारी ली। उन्नाव गेट स्थित जन सुविधा केंद्र पर भीड़ देख केंद्र संचालक को फ टकारते हुए सोशल डिस्टेंसी का पालन करने के निर्देश दिए।
वहीं डीएम आंद्रा वामसी ने सुभाष गंज बाजार का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने बाजार में दुकानों पर भीड़ को देख नाराजगी व्यक्त की और भीड़ हटाए जाने के निर्देश दिए। बाजार में नगर मजिस्ट्रेट और सीओ सिटी द्वारा पुलिस बल के साथ भ्रमण किया गया। डीएम ने सुभाष गंज व्यापार मंडल के पदाधिकारियों से बात कर नाराजगी जताई। डीएम ने 14 अप्रैल तक थोक दुकानें बंद रखने के निर्देश दिए। इस मौके पर एसपी सिटी राहुल श्रीवास्तव, नगर मजिस्ट्रेट सलिल पटेल, सीओ सिटी संग्राम सिंह, गुलाबचंद राम मौजूद रहे।
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फोन पर मिल रहे आश्वासन, नहीं हो रही फॉगिंग

inspection for comply lockdown
झांसी। नगर निगम की हेल्पलाइन भी लोगों के लिए महज दिखावा बनकर रह गई है। लोग अपने क्षेत्र में फॉगिंग और सैनिटाइजेशन कराने के लिए लगातार नगर निगम की हेल्पलाइन पर फोन कर रहे हैं, लेकिन वहां से उन्हें आश्वासन ही मिल रहे हैं। आलम यह है कि अधिकारी शिकायतों और समस्याओं को एक-दूसरे पर टाल रहे हैं। जबकि फॉगिंग और सैनिटाइजेशन के नाम पर कोरम पूरा किया जा रहा है।
लॉकडाउन के दौरान नगर निगम की ओर से हर वार्ड में रोज दो बार फॉगिंग कराने का दावा किया जा रहा हैै। वहीं, नगर निगम ने शिकायतों और समस्याओं को दूर करने के लिए कार्यालय में हेल्पलाइन सुविधा शुरू की है। हेल्पलाइन पर पूरे दिन में करीब 70-80 शिकायतें पहुंचती हैं, लेकिन समस्याओं का निस्तारण नहीं हो पा रहा है।
शहर के बड़ागांव गेट निवासी रहीश खान ने सोमवार को नगर निगम के हेल्पलाइन पर गायत्री कॉलोनी में फॉगिंग कराने के लिए फोन किया था। इसके बाद उन्हें आश्वासन दिया गया कि जल्द फॉगिंग हो जाएगी। पूरे दिन वे टीम के आने का इंतजार करते रहे, लेकिन कोई नहीं पहुंचा। नई बस्ती निवासी रामप्रसाद ने भी हेल्पलाइन पर फॉगिंग कराने के लिए फोन किया। इसके बाद उनकी कई अधिकारियों से बात हुई, लेकिन हर अधिकारी एक-दूसरे पर टालते रहे। मगर फॉगिंग नहीं हो सकी।
लोगों में नगर निगम की कार्यप्रणाली को लेकर आक्रोश पनप रहा है। लेकिन नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारी इसे लेकर बिल्कुल संजीदा नहीं हैं। लोगों का कहना है कि हेल्पलाइन का कोई मतलब नहीं रह गया है। जनता की शिकायतों पर कोई गौर नहीं किया जा रहा है।
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वार्डों में हो रही फॉगिंग
नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि कोरोना वायरस को लेकर महानगर में जगह-जगह फॉगिंग कराई जा रही है। सोमवार को बस स्टैंड, मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल, कोतवाली, रेलवे स्टेशन समेत तमाम सार्वजनिक स्थानों पर फॉगिंग कराई जा रही है। अपर नगर आयुक्त शादाब असलम का कहना है कि हेल्पलाइन पर शिकायत आने के बाद संबंधित क्षेत्र के सफाई कर्मी को निर्देशित किया जाता है। अगर शिकायत के निस्तारण में लापरवाही हो रही है, तो कार्रवाई की जाएगी।
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पूरी मुस्तैदी से लड़ेंगे, कोरोना को पराजित करेंगे

झांसी। कोरोना के खिलाफ जंग में वीर नारियां पूरी मुस्तैदी से जुटी हैं। जिला अस्पताल में तैनात महिला पुलिसकर्मी और स्टाफ नर्स कोरोना के चलते दोहरी जिम्मेदारी निभा रही हैं। महिला पुलिसकर्मी इन दिनों 12 घंटे ड्यूटी को अंजाम दे रही हैं, तो स्टाफ भी जान की परवाह किए बगैर पूरे मनोयोग से मरीजों की देखभाल में लगी हैं। आलम यह है कि लॉकडाउन का पालन कराने के लिए योद्घा बनीं नारियों को खुद पर फक्र भी महसूस हो रहा है। उनका कहना है कि पूरी मुस्तैदी से लड़कर कोरोना को पराजित करेंगे। क्योंकि हम अपराजिता हैं।
महानगर में लोगों को लॉकडाउन का पालन कराने के लिए पुलिस पूरी मुस्तैदी से लगी है। इस काम में महिला पुलिसकर्मी भी पूरे मन से लोगों की मदद कर रही हैं। देश और समाज को बचाने के लिए वे अपने कर्तव्य को पूरा करने में पीछे नहीं हट रही हैं। हालांकि लोग भी पुलिस और डॉक्टरों के काम की प्रशंसा कर रहे हैं। वहीं, इन कर्मवीर योद्घाओं को भी खुद पर गर्व का अनुभव हो रहा है।
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ताकि लोग रहें सुरक्षित
जिला अस्पताल में तैनात महिला पुलिसकर्मी शशि सिंह सुबह से घर से निकलती हैं और रात को आठ बजे घर पहुंचती हैं। उनके एक रिश्तेदार बच्चे का जन्म होने के चलते घर पर ही रुके हैं, लेकिन शशि परिवार को समय नहीं दे पा रही हैं। उनका कहना है कि कोरोना से लोग सुरक्षित रहें, बस यही चाहते हैं। परिवार को वक्त कम दे पा रहे हैं, लेकिन मन में संतोष है कि देश की सेवा में अपना योगदान दे रहे हैं।
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कोरोना से लोगों को बचाना ही लक्ष्य
महिला पुलिसकर्मी रंजना पाल भी पूरी मुस्तैदी से अपनी ड्यूटी को अंजाम दे रही हैं। बच्चों और परिवार को वक्त न दे पाना उन्हें अखरता है, लेकिन वे संकट के दौर में देश के काम आ रही हैं। इस पर उन्हें गर्व है। ड्यृटी के दौरान वे गरीबों की मदद भी करती हैं। उनका कहना है कि लोगों को कोरोना से बचाना ही लक्ष्य है। लॉकडाउन का लोग पालन करें, तो जल्द ही देश इस वैश्विक संकट से उबर सकता है।
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बच्चों को रख रहीं संक्रमण से दूर
जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड में बतौर प्रभारी तैनात अनीता भी कोरोना की जंग में पूरे मन से काम कर रही हैं। वार्ड में भर्ती होने वाले बच्चों को कोरोना के संक्रमण से दूर रखने के लिए कई बार वार्ड में सैनिटाइजेशन कराती हैं। साथ ही अभिभावकों को कोरोना के खतरे के बारे में जानकारियां देती रहती हैं। ड्यूटी का समय बढ़ने से वे भी परिवार को समय कम ही दे पा रही हैं।
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कोरोना को रोकने के लिए कर रहीं जतन
जिला अस्पताल की स्टाफ नर्स अनीता सेन भी कोरोना को रोकने के लिए तमाम जतन कर रही हैं। वार्ड में आने वाले बच्चों की देखभाल तो करती हैं। साथ ही लोगों को भी वायरस से बचने की सलाह देती रहती हैं। उनका कहना है कि लोगों को कोरोना को लेकर सतर्क होने की जरूरत है। बार-बार हाथों का सैनिटाइजेशन किया जाना जरूरी है।
संजना सिंह आशा ज्योति प्रभारी
संजना सिंह आशा ज्योति प्रभारी
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मजदूरी कम देने का विरोध करने पर पिटाई की, क्षुब्ध युवक ने फांसी लगाकर जान दी

झांसी। मजदूरी के तीन सौ रुपये कम दिए जाने को लेकर हुए विवाद के दौरान दो लोगों ने रक्सा निवासी एक युवक की पिटाई की। इससे क्षुब्ध होकर उसने सोमवार सुबह दस बजे फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने इस मामले में दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
रक्सा निवासी वाहिद खान (26) ऑटो चालक था। उसकी पांच साल पहले निवाड़ी जिले के गुरार गांव में नसरीन के साथ शादी हुई थी। उसकी दो बेटियां हैं। लॉकडाउन के कारण वह ऑटो नहीं चला पा रहा था। पिछले दिनों रिश्तेदार सलमान व राणा उसे गेहूं कटाई के लिए पलींदा गांव ले गए। चार सौ रुपये प्रतिदिन के हिसाब से मजदूरी तय हुई। दो दिन पहले वाहिद ने मजदूरी के रुपये मांगे तो सलमान और राणा ने उसे नौ सौ रुपये दिए। पुलिस का कहना है कि तीन दिन की मजदूरी के तीन सौ रुपये कम दिए। इस बात को लेकर सलमान आदि से वाहिद की बहस भी हुई।
सोमवार की सुबह उनके बीच राजापुर मार्ग पर स्थित सलमान के प्लाट पर झगड़ा हुआ। वाहिद को पीट दिया गया। वहां से वहीद अपने घर आया और खुद को एक कमरे में बंद कर दुपट्टे का फंदा बनाकर फांसी लगा ली। परिजनों ने जब काफी देर तक कमरे की कुंडी बंद देखी तो उनको शक हुआ। परिजनों ने कुंडी को तोड़ दिया। जैसे ही वे कमरे के अंदर पहुंचे तो वहीद को फंदे पर लटका देख उनके होश उड़ गए। परिजनों ने वहीद को फंदे से नीचे उतारा और वे उसको लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंच गए। यहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। रक्सा थाना प्रभारी ने बताया कि सलमान व राणा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। उनकी तलाश शुरू कर दी गई है।
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रेलवे ने 70 कोच आईसोलेशन वार्ड में बदले

झांसी। उत्तर मध्य रेलवे में 290 में से 70 कोच आइसोलेशन वार्ड में परिवर्तित कर कर दिए गए हैं। दस अप्रैल तक 130 कोचों को बदलने का काम भी पूरा हो जाएगा। इसके अलावा प्रयागराज स्थित केंद्रीय चिकित्सालय में आउटडोर मरीजों की सुविधा के लिए वीडियो कांफ्रेंसिंग की सुविधा प्रदान की गई है। सोमवार को इस संबंध में महाप्रबंधक राजीव चौधरी ने संबंधित मंडल प्रमुखों को निर्देश जारी किए।
उत्तर मध्य रेलवे को 14 अप्रैल तक 290 कोच परिवर्तन करने का लक्ष्य दिया गया है। जिसमें झांसी कोच मरम्मत कारखाने को 160, झांसी कोचिंग डिपो को 40, प्रयागराज कोचिंग डिपो को 30, कानपुर कोचिंग डिपो को 30, आगरा कोचिंग डिपो को 30 कोच तैयार करने का लक्ष्य दिया गया है। इसमें से अभी 70 कोचों को आइसोलेशन वार्ड में परिवर्तित करने का काम पूरा कर लिया गया है।
इसके अलावा प्रयागराज स्थित केंद्रीय चिकित्सालय में आउटडोर मरीजों के लिए वीडियो कांफ्रेंसिंग की सुविधा प्रदान की गई है। इस सुविधा के लिए फोन नंबर 7518704600 पर चिकित्सक कर्मचारियों के स्वास्थ्य परामर्श के लिए 24 घंटे उपलब्ध हैं। कर्मचारियों को 30 अप्रैल से नियमित दवाओं को बाजार से खरीद की अनुमति दे दी गई थी, जिसकी राशि बिल जमा करने पर प्रदान की जाएगी।
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मोबाइल वैन से जरूरतमंदों तक पहुंचेंगे राशन पैकेट

झांसी। कोरोना वायरस महामारी के लॉकडाउन के दौरान जरूरतमंद लोगों तक राशन पहुंचाने के लिए पुलिस ने सोमवार को दो मोबाइल फूड बैंक वैन का शुभारंभ किया। इलाइट चौराहे पर एसएसपी डी प्रदीप कुमार ने मोबाइल वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इस अवसर पर एसएसपी ने कहा कि औद्योगिक प्रतिष्ठान, शैक्षणिक संस्थान व स्वयंसेवी संस्थाएं इस मदद को सफल बनाने में आगे आएं। फूड बैंक में सहयोग राशि 91- 8112673957 पर दी जा सकती है। फूड बैंक में जमा राशन को थानावार चिह्नित जरूरतमंदों तक पहुंचाया जाएगा। फूड बैंक में पैकेट बनाए गए हैं। प्रत्येक पैकेट में दस किलो आटा, पांच किलो चावल व दाल, चीनी, नमक, गुड़, तेल, पांच किलो आलू, दो किलो प्याज व मसाले उपलब्ध हैं। सोमवार को एसएसपी ने भट्टागांव में 25 और एसपी सिटी राहुल श्रीवास्तव ने बबीना के मुरारी गांव में 50 जरूरतमंद परिवार को फूड पैकेट वितरित किए।
फूड बैंक को सराफा व्यापार कमेटी के सहयोग से राशन के सौ बैग दिए गए। कमेटी के पदाधिकारियों ने बताया कि वे आगे भी ये खाद्य सामग्री देते रहेंगे। इस मौके पर अध्यक्ष मुकेश अग्रवाल, प्रकाश सराफ, महेश अग्रवाल, पुरुषोत्तम सराफ, विक्की अग्रवाल, राजकुमार अग्रवाल, संजय कमरया, आशीष गर्ग मौजूद रहे। इसी तरह सुभाष गंज व्यापार मंडल ने भी खाद्य सामग्री के बैग बनाकर वितरण के लिए सौंपे। इस मौके पर अध्यक्ष अजय खुराना, संजय सराफ, राजकुमार गुप्ता, किशन खुराना, दीपक वरयानी, पीयूष पटेल, कुणाल सिंघल मौजूद रहे।
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सब्जी के दाम कम होने से सस्ती हुई थाली

झांसी। लॉकडाउन के दौरान सब्जी की जमाखोरी न हो पाने, आवक में कमी न होने और जिले में ही पर्याप्त मात्रा में उत्पादन होने का असर अब सब्जियों के दामों में दिखने लगा है। लॉकडाउन की घोषणा होते ही सब्जी के दाम आसमान छूने लगे थे, जो अब 50 फीसदी तक कम हो गए हैं। इससे खाने की थाली सस्ती हो गई है। मंडी सचिव पंकज शर्मा ने बताया कि लोगों तक उचित दरों पर सब्जियां पहुंचाना हमारी प्राथमिकता है। आगे भी जमाखोरी और ओवररेटिंग नहीं होने दी जाएगी। हर व्यक्ति के पास वार्डों में ही सब्जियां पहुंचेंगी।
सब्जी अब पांच दिन पहले
टमाटर 20 40
आलू 20 35
बैगन 20 30
गोभी 20 30
सेम 40 50
खीरा 10 20
प्याज 15 35
पालक 20 30
करेला 40 60
लौकी 20 30
अदरक 100 120
लहसुन 100 150
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