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मंगलवार को इन 4 राशिवालों की पलटेगी किस्मत, जेब में आएगा पैसा
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मंगलवार को इन 4 राशिवालों की पलटेगी किस्मत, जेब में आएगा पैसा

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चुनाव की घोषणा होते ही जिपं अध्यक्ष और ब्लाक प्रमुख के दावेदार हुए सक्रिय

कारोना की दूसरी घातक लहर के नियंत्रण में आते ही जिला पंचायत अध्यक्ष पद और ब्लाक प्रमुख के चुनाव की तारीखों की घोषणा हो गई है। ये चुनाव 15 जून से 4 जुलाई के बीच होंगे। जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर भाजपा के सामने सपा और रालोद की मजबूत दावेदारी है। वहीं बसपा और कुछ निर्दलीय इसको त्रिकोणीय कर सकते हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए भाजपा प्रत्याशी विजय देवी, सपा प्रत्याशी अर्चना यादव, रालोद में शामिल हुए पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सुधीर सिंह के बीच में रोचक मुकाबला के आसार हैं।
अलीगढ़ में 47 सदस्यों का जिला पंचायत सदन है। जिसमें 24 सीट वाला दल ही विजयी हो जाएगा। भाजपा के नौ सदस्य पार्टी के समर्थन से, जबकि छह बागी होकर चुनाव जीते हैं। पार्टी का दावा है कि अब सभी 15 उसके साथ है। इसलिए पार्टी के पास 15 सदस्यों की ताकत है। पार्टी के पास कुछ निर्दलीय सदस्यों का समर्थन भी होना बताया जा रहा है। भाजपा की ओर से पूर्व सीएम कल्याण सिंह के पुत्र एटा सांसद राजवीर सिंह राजू की समधन विजय देवी प्रत्याशी हैं।
इधर, भाजपा को टक्कर दे रही सपा के साथ रालोद का गठबंधन है। दोनों ने 22 सदस्यों का समर्थन होने का सार्वजनिक दावा किया है। हालांकि सपा और रालोद के सात-सात प्रत्याशी विजयी हुए हैं, लेकिन दोनों ने 22 सदस्यों के समर्थन का दावा किया है। तीसरा गुट निर्दलीय प्रत्याशियों का है। जिसकी अगुवाई सुधीर सिंह कर रहे थे, लेकिन कुछ दिन पहले ही वह रालोद में शामिल हो चुके हैं। ऐसे में अब निर्दलीय गुट कमजोर होता दिख रहा है। बसपा के पास भी सात प्रत्याशियों का बल है, लेकिन पार्टी की ओर से अभी तक कुछ खास एलान नहीं किया गया है। जिला पंचायत सदस्यों की 17 सीटें निर्दलियों के पास हैं। यही वजह है कि अध्यक्ष की कुर्सी को लेकर घमासान मचा हुआ है। बहुमत न होने पर राजनीतिक दलों के नेता निर्दलियों को अपनी तरफ बुलाने में जुटे हैं। अब निर्दलीय ही अध्यक्ष का चुनाव तय करेंगे।
इधर, जिले के 12 ब्लाकों में ब्लाक प्रमुख पदों को लेकर भी उठापटक शुरू हो गई है। भाजपा, सपा, बसपा और निर्दलीय प्रत्याशी हर जोड़तोड़ कर कुर्सी की जुगाड़ में हैं। इसमें कुछ प्रत्याशी अपना गणित लगा चुके हैं तो चुनाव की घोषणा के इंतजार में रहे लोग अब जोर आजमाइश कर रहे हैं।
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एक वाटर पार्क समेत तीन अवैध निर्माणों पर लगाई सील

कोरोना काल में गहरी नींद में सोये रहने के बाद आखिरकार विकास प्राधिकरण जाग उठा है। गत दिनों छेरत में अवैध निर्माणों के खिलाफ सीलिंग की कार्रवाई के बाद सोमवार को प्राधिकरण की टीम ने क्वार्सी थाना क्षेत्र में बिना नक्शे बने वाटर पार्क समेत तीन अवैध निर्माणों पर सील ठोंक दी। कार्रवाई के दौरान टीम को विरोध का सामना करना पड़ा, लेकिन पुलिस की मौजूदगी के चलते टकराव की स्थिति नहीं बनी।
सोमवार को सर्वप्रथम एडीए की टीम ने क्वार्सी पुलिस के साथ अधिशासी अभियंता डीएस भदौरिया के नेतृत्व में बरौली बाईपास रोड स्थित मंजूरगढ़ी में कार्रवाई की गई। यहां पर जामिया उर्दू ट्रस्ट के सचिव समू रजा नकवी ने छह बीघा क्षेत्रफल में बिना नक्शा पास कराये एक वाटर पार्क का निर्माण कर लिया था। इसे आगामी कुछ दिनों में चलाने की तैयारी हो रही थी। टीम ने इसे सील कर दिया। इसके बाद टीम ने महेशपुर में गुलिस्ता कॉलोनी स्थित फरहान शिकोह के निर्माण पर पहुंची। यहां पर स्वीकृत मानचित्र के खिलाफ 215 वर्ग गज में निर्माण करा लिया गया था। इसमें भूतल व दो मंजित का निर्माण था। प्राधिकरण की टीम ने इसे भी सील कर दिया। अंत में टीम ने सिल्वर स्टेट बिल्डिंग के पास मंजूरगढ़ी बाईपास पर कासिम अली के अपार्टमेंट के खिलाफ कार्रवाई की। कासिम ने नक्शे के खिलाफ 500 वर्ग गज क्षेत्र में एक अपार्टमेंट का निर्माण किया था। इसे भी सील कर दिया गया। इस मौके पर प्रभारी सहायक अभियंता आरके गुप्ता, अवर अभियंता गंगेश कुमार समेत टीम के अन्य सदस्य मौजूद रहे।
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पोकलैंड मशीन से पोखर की सफाई शुरू, नगर निगम अडिग

माहौर वैश्य विद्या प्रचार ट्रस्ट के विरोध के बावजूद क्वार्सी थाना क्षेत्र के रावणटीला-सुरेंद्रनगर स्थित खाली जमीन-पोखर- की पोकलैंड मशीन से सफाई शुरू हो गई है। नगर निगम के अधिकारियों ने भी इस मुद्दे पर अडिग हैं। इससे ट्रस्ट एवं नगर निगम के बीच का टकराव बढ़ने की आशंका है। ट्रस्ट के पदाधिकारी आर-पार की लड़ाई लड़ने की तैयारी कर रहे हैं।
रविवार को रावणटीला स्थित पोखर की सफाई करने पहुंचे नगर निगम कर्मियों को महौर वैश्य विद्या प्रचार ट्रस्ट के पदाधिकारियों के विरोध का सामना करना पड़ा था। इसको लेकर काफी हंगामा हुआ था। सोमवार को ट्रस्ट एवं वैश्य समाज के लोग सांसद सतीश गौतम एवं अपर नगर आयुक्त अरुण कुमार गुप्त से मिले। हालांकि इसका कोई नतीजा नहीं निकला। नगर निगम में बातचीत के बाद ट्रस्ट के पदाधिकारियों के तेवर तल्ख हैं। नगर निगम के अधिकारी किसी भी कीमत पर सफाई कार्य रोकने को तैयार नहीं है।
आक्रोश के साथ नगर निगम से लौटे ट्रस्ट के पदाधिकारी
ट्रस्ट के पदाधिकारी किसी भी कीमत पर विवादित स्थल पर सफाई एवं खुदाई के पक्ष में नहीं हैं। अपर नगर आयुक्त अरुण कुमार गुप्त से मुलाकात के दौरान भी वैश्य समाज के लोगों ने यहीं समझाने का प्रयास किया। लेकिन अपर नगर आयुक्त किसी भी कीमत पर सफाई कार्य रोकने को तैयार नहीं है। उन्होंने दो दिन में जमीन से संबंधित दस्तावेज दिखाने का समय दिया है। नगर निगम का अडिग रूख देख ट्रस्ट के पदाधिकारी गुस्से में वहां से लौटे हैं।
अब आर-पार की लड़ाई की तैयारी
श्री महाउरु पूर्व माध्यमिक विद्यालय में ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने आर-पार की लड़ाई का एलान किया है। उनका कहना है कि 2011 में राजनाथ सिंह ने जिस भूमि पर कन्या महाविद्यालय का शिलान्यास किया था। आज उसे पोखर में तब्दील किया जा रहा है। जमीन 1966 से विद्यालय के नाम है। अभिलेखों में दाखिल-खारिज हुआ है। खाली भूमि ग्राम कूकडीखेड़ा तहसील कोल गोटा संख्या 11 एवं 13 स्कूल की संपत्ति है, जो राजस्व अभिलेखों में दर्ज है। इससे संबंधित दस्तावेज एवं नक्शा उनके पास है। यह मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है। नगर निगम के अधिकारी जमीन पर 8-10 फीट गहरे गड्ढे नहीं खोद सकते। आरोप है कि जन प्रतिनिधियों के दबाव में नगर निगम जमीन हड़पने की तैयारी में है। पदाधिकारियों का यह भी आरोप है कि नगर निगम में वार्ता के दौरान अधिकारियों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। नगर निगम में कोल विधान सभा क्षेत्र के विधायक अनिल पाराशर एवं एमएलसी मानवेंद्र प्रताप सिंह के परिजन भी अधिकारियों पर दबाव बनाने पहुंच गए थे। ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने कहा कि इसकी शिकायत मुख्यमंत्री से करेंगे। इस अवसर पर ट्रस्ट के अध्यक्ष महेंद्र कुमार गुप्ता, सचिव जगदीश महाजन, पवन गुप्ता, अजय गुप्ता, प्रदीप गांधी, संजीव गुपता, पीके गुप्ता, हरि गुप्ता, प्रदीप गंगा, अनिल सेंगर आदि मौजूद थे।
अखिलेश है विकल्प
कुछ लोगों ने ‘भाजपा में क्लेश है, अखिलेश विकल्प है’ के नारे भी लगा दिए। वहीं कुछ लोगों ने कहा कि भाजपा पर जितना हक जन प्रतिनिधियों का है, उतना ही हक कार्यकर्ता का भी है। वे लोग इसके लिए जोरदार लड़ाई लड़ेंगे।
विवादित स्थल पर पहुंचे सांसद
सांसद सतीश गौतम भी विवादित स्थल पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि बारिश का समय है। आसपास के मोहल्ले में जलभराव होता है। लोगों के घरों में पानी प्रवेश कर जाता है। इसलिए पोखर की सफाई जरूरी है। आपस में जो मतभेद है, वह दूर हो जाएगा। न्यायालय में मामला विचाराधीन है। फैसला आने के बाद पूरी स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
अपर नगर आयुक्त अरुण कुमार गुप्त का कहना है कि पोखर में हम सफाई करा रहे हैं, निर्माण नहीं। सफाई हम कही भी करा सकते हैं। ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने दस्तावेज दिखाने के लिए दो दिन का समय मांगा है। वह निर्धारित समय में दस्तावेज दिखाएं। नगर निगम भी तहसील के जरिए दस्तावेज निकलवा रहा है। न्यायालय के समक्ष अपना पक्ष रखेंगे।
उन्होंने कहा कि गाटा संख्या 11 की भूमि उनकी नहीं है। पुराने दस्तावेजों में वह जगह पोखर दर्ज है। पोखर का मतलब पोखर होता है, उसके स्वरूप को नहीं बदला जा सकता। धोखाधड़ी कर पोखर हटवा दिया गया है। इस दिशा में काम किया जा रहा है। पोखर ढकने के कारण लोगों के घरों में पानी प्रवेश कर जाता है। इसलिए सफाई करा रहे हैं ताकि गलियों और लोगों के घरों में जलभराव न हो। हम किसी जनप्रतिनिधि के दबाव में काम नहीं कर रहे हैं।
पोखर प्रकरण में हम नहीं नगर निगम का रिकार्ड बोलेगा। नगर निगम के दस्तावेज में विवादित भूमि पोखर के रूप में दर्ज है। पोखर के पट जाने से कई क्षेत्रों में जलभराव होता है। इससे लोग प्रभावित होते हैं। हमारे यहां घरों में जलभराव होता है। पोखर की सफाई से जलभराव की समस्या से मुक्ति मिलेगी।
- डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह, एमएलसी
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महिला पीआरडीकर्मी की मुंह बोले भांजे ने की चाकू से गोदकर हत्या

सोमवार को पूर्वाह्न करीब 11 बजे अतरौली-छर्रा मार्ग स्थित स्थित स्पोर्ट्स स्टेडियम में प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) की महिला कर्मी की मुंह बोले भांजे ने चाकू से गोदकर हत्या कर दी। खून से लथपथ शव स्टेडियम के गेट पर पड़ा मिला। पीआरडी कर्मी स्टेडियम में ड्यूटी पर तैनात थी। परिवार ने दुष्कर्म की कोशिश में नाकाम रहने पर हत्या किए जाने का आरोप लगाया है। देर शाम पति की ओर से मुंह बोले भांजे के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। वह घटना के बाद से ही गायब है। सूचना पर एसएसपी कलानिधि नैथानी, एसपी देहता शुभम पटेल, सीओ सुदेश गुप्ता ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। फॉरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए। देर रात तक चली जांच में प्रेम प्रसंग में हत्या के अंदेशे की बात सामने आ रही है।
तहसील क्षेत्र के गांव तेहरा निवासी 30 वर्षीय बृजेश कुमारी पत्नी खरग सिंह प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) में तैनात थीं। दो माह से गार्ड के रूप में उनकी ड्यूटी अतरौली के स्पोर्ट्स स्टेडियम में लगी थी। वह रोजाना सुबह आठ बजे ड्यूटी पर पहुंचती थीं। सोमवार को स्कूटी खराब होने के कारण उनका भतीजा मुनेश कुमार स्टेडियम में छोड़कर गया था। बताते हैं कि पूर्वाह्न करीब 11 बजे वह स्टेडियम के एक कमरे में थीं तभी उन पर हमला किया गया। पेट को चाकू से गोदा गया। गर्दन भी चाकू से रेती गई।
हमलावरों से बचने के लिए वह सड़क की ओर भागी, लेकिन गेट पर पहुंचते ही अचेत होकर गिर गईं और उनकी मौत हो गई। बकरी चरा रहे एक व्यक्ति ने स्टेडियम के गेट पर महिला का खून से लथपथ शव देखा तो उसकी चीख निकल गई। शोर सुनकर लोग और कोतवाल संजय कुमार जायसवाल, सीओ सुदेश गुप्ता फोर्स के साथ पहुंच गए। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। देर शाम पति खरग सिंह की ओर से अतरौली कस्बे के मोहल्ला नगाइचपाड़ा निवासी सतीश पुत्र रंजीत के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। आरोप है कि सतीश का ब्रजेश कुमारी के पास आना-जाना था। वह खरग सिंह को मामा व ब्रजेश कुमारी को मामी कहकर पुकारता था। इससे उनकी पत्नी का विवाद हुआ था।
-वारदात की कई बिंदुओं पर जांच चल रही है। प्रथम दृष्टया दुष्कर्म के प्रयास जैसी बात नहीं लग रही। यह मामला रंजिश या अन्य किसी वजह का हो सकता है। मृतका के पति की तहरीर पर एक मुंह बोले रिश्तेदार युवक के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। वह गायब है, जल्द ही वारदात का खुलासा किया जाएगा।
- शुभम पटेल, एसपी देहात
मदद के लिए भागी गेट की ओर, नहीं मिला मददगार
अतरौली के स्पोर्ट्स स्टेडियम के जिस कमरे में महिला पीआरडी कर्मी बृजेश कुमारी की हत्या की गई, उस कमरे में काफी खून फैला हुआ था। कमरे में पड़ी चारपाई पर महिला कर्मी का दुपट्टा, रुमाल और मोजे रखे थे। चारपाई के सामने स्टैंड वाला पंखा चल रहा था। बराबर ही बक्से के ऊपर बैग रखा था। शरीर पर चाकू के घातक वार के बावजूद वह मदद के लिए स्टेडियम के गेट की ओर भागीं, लेकिन कोई मददगार नहीं मिला।
ऐसी आशंका जताई जा रही है कि पीआरडी कर्मी चारपाई पर लेटी होंगी तभी कमरे में घुसकर हमलावर ने जबर्दस्ती का प्रयास किया होगा। विरोध करने पर चाकू से पेट, सीना और गर्दन में ताबड़तोड़ कई वार किए। पेट कई जगह से कटा हुआ था। गर्दन भी कटी हुई थी।
यह भी संयोग ही था कि अक्सर मजार व स्टेडियम के आसपास गश्त करने वाले होमगार्ड भी उस समय वहां नहीं थे। कोतवाली पुलिस के अनुसार गला कटा होने के कारण वह शोर नहीं मचा पाई होगी। इसी का फायदा उठाकर हमलावर भी भाग निकला। कुछ देर बाद बकरी चराने वाला वहां पहुंचा तब उसने लोगों को वारदात के बारे में जानकारी दी। पीआरडी कर्मी ब्रजेश कुमारी के बैग में 3620 रुपये व आई कार्ड के साथ ही शरीर पर सोने के कुंडल, पाजेब आदि जेवर मौजूद थे। इससे पुलिस को आशंका है कि हमलावर महिला की हत्या करने के लिए ही चाकू लेकर पहुंचा होगा।
महिला के पैरों में लगा मिला ताजा महावर
खबर पर जब पुलिस पहुंची तो मौके पर खून के साथ महावर के पैरों के निशान बने थे। जब इसकी जांच की गई तो पाया कि महिला के पैरों में ताजा ताजा महावर लगा है। इसे लेकर भी पुलिस जांच कर रही है कि यहां आने के बाद महावर क्यों लगाया गया।
मीडिया कर्मियों को देखते ही भड़के एसपी देहात
एसपी देहात शुभम पटेल जैसे ही मौके पर पहुंचे तो मीडिया कर्मियों को देखकर भड़क गए। बोले मीडिया को अंदर किसने आने दिया। इस पर पुलिस कर्मियों ने मीडिया कर्मियों के साथ-साथ मृतका के गांव वालों को भी धकियाते हुए स्टेडियम से बाहर कर दिया। इसके बाद तत्काल ही शव को कपड़े में लपेटकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। इससे मृतका के परिवार वाले भड़क उठे। खरग सिंह के बड़े भाई सुखवीर सिंह ने आरोप लगाया कि पुलिस ने पंचनामा तक नहीं भरा और न ही शव के साथ परिवार के किसी व्यक्ति को भेजा। चुपचाप पोस्टमार्टम के लिए शव भेजकर पुलिस ने अमानवीय व्यवहार किया है। उन्होंने दुष्कर्म की कोशिश में नाकाम रहने पर हत्या किए जाने का आरोप लगाया। कहा कि मामला दबाने के लिए परिवार और मीडिया कर्मियों को स्टेडियम से बाहर निकाला गया और धमकाया गया।
कुछ समय पहले एक युवक से हुआ था विवाद
बृजेश कुमारी के पति खरग सिंह की अलीगढ़ अड्डे पर प्लास्टिक के बर्तनों की दुकान है। उनके दस साल की बेटी गरिमा है। खरग सिंह ने बताया कि बृजेश कुमारी का कुछ समय पहले एक युवक से किसी बात पर वाद-विवाद हुआ था।
होमगार्ड को थी आखिरी कॉल
बृजेेश कुमारी ने अपने मोबाइल से आखिरी कॉल 10:12 बजे कोतवाली में तैनात एक होमगार्ड को की थी। उनकी 30 सेकंड वार्ता हुई। इसके बाद 11:15 बजे महिला के फोन में मिस्ड कॉल थी। इससे प्रतीत होता है कि इसी एक घंटे के अंदर पूरा घटनाक्रम हुआ है। पुलिस ने होमगार्ड से भी पूछताछ की है, हालांकि कुछ भी बताने से पुलिस फिलहाल इंकार कर रही है।
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शराब कांडः सॉल्वेंट की आड़ में हैदराबाद से मिथाइल मंगाता था कारोबारी कपूर

जहरीली शराब कांड की तह तक जाने को प्रयासरत पुलिस के तल्ख तेवरों के आगे टूटे कारोबारी विजेंद्र कपूर ने एक और राज उगला है। वह अपने सॉल्वेंट के लाइसेंस की आड़ में हैदराबाद से मिथाइल मंगाता था। उसी मिथाइल को वह शराब सिंडिकेट को बेचता था। अब यह तथ्य सही है या फिर वह पुलिस के सामने झूठ बोलकर गया है। इसकी तह में जाने का प्रयास पुलिस ने शुरू कर दिया है। वहीं फैक्टरी से मिले दस्तावेजों की जांच में साफ हुआ है कि वह माल शराब सिंडिकेट को बेचता था और सॉल्वेंट बिक्री के बिल-बाउचर फर्जी फर्मों के नाम से काटता था। ये वे फर्म हैं जो धरातल पर कहीं हैं ही नहीं।
जहरीली शराब कांड में नकली शराब बनाने वाले सिंडिकेट को केमिकल व अल्कोहल बेचने वाले के रूप में शहर के प्रमुख कारोबारी विजेंद्र कपूर का नाम आने पर उन्हें गिरफ्तार किया गया। साथ में उनकी तालानगरी स्थित स्याही व सैनिटाइजर फैक्टरी पर तलाशी ली गई तो वहां भारी मात्रा में मिथाइल जब्त किया गया। इसके बाद फैक्टरी सील की गई। इस केमिकल रखने, बिक्री करने या प्रयोग करने का कोई लाइसेंस उनके पास नहीं था। यहां से पुलिस ने तमाम दस्तावेज भी जब्त किए थे। जेल भेजने के बाद पहले एक दिन के रिमांड पर लेकर उनसे पूछताछ की गई। मगर, उन्होंने पुलिस को गुमराह किया। फिर से तीन दिन का रिमांड लिया गया। इस बार वे पुलिस को अपने साथ बरेली ले गए। मगर वहां से सिर्फ साल्वेंट नियमानुसार लाने के साक्ष्य मिले। देर रात वहां से उन्हें लेकर लौटी पुलिस ने फिर जब पूछताछ की तो तेवर कुछ तल्ख किए। इस बार वे टूट गए।
अंजाने में नहीं, जानबूझकर बेचा था मिथाइल
पुलिस सूत्रों के अनुसार उन्होंने स्वीकारा कि वह हैदराबाद से साल्वेंट की आड़ में अपने लाइसेंस पर मिथाइल मंगाता था। उसी मिथाइल को यहां शराब तस्करों को बेचता था। कपूर ने स्वीकारा कि इथाइल अल्कोहल का ड्रम उसे 10 हजार में पड़ता था, जबकि हैदराबाद से आने वाला मिथाइल का ड्रम मात्र पांच हजार में पड़ता था। बस सस्ता माल महंगे दामों में बेचने के लालच में उसने शराब तस्करों जानबूझकर यह माल बेचा। एक ड्रम के बदले वह 30 हजार रुपये वसूलता था। उसने स्वीकारा कि जिस ट्रांसपोर्ट के जरिये हैदराबाद से माल आता था। उसे भी सॉल्वेंट व एसडीएस केमिकल बताया जाता था। चूंकि उसकी पैकिंग भी लगभग एक जैसी होती है।
दस्तावेजों में मिला फर्जी बिक्री का साक्ष्य
पुलिस पूछताछ व फैक्टरी से जब्त किए गए दस्तावेजों की जांच में फर्जी फर्मों को बिक्री के साक्ष्य मिले हैं। वह अवैध रूप से मंगाया गया पूरा माल सॉल्वेंट या एसडीएस केमिकल बेचने के बिल बाउचर पर किसी फर्जी फर्म को बेचना दिखाता था, जबकि उसकी आड़ में सिंडिकेट को माल बेचते था।
जरूरत पड़ी तो हैदराबाद भी जाएगी पुलिस टीम
फिलहाल कपूर की बात को पुलिस ने सुन लिया है। मगर अब यह तथ्य सही है या गलत, इसका फैसला तो हैदराबाद का ठिकाना और माल लाने वाला ट्रांसपोर्टर ही करेगा। इसके लिए स्थानीय स्तर से ही प्रयास किए जा रहे हैं। जरूरत हुई तो एक टीम हैदराबाद भी भेजी जाएगी।
जेल भेजे गए कपूर व ऋषि, गौतम से पूछताछ
पुलिस रिमांड पर लिए गए कारोबारी कपूर, शराब तस्कर ऋषि को सोमवार सुबह जेल दाखिल कर दिया गया है। वहीं तालानगरी में देशी घी की फैक्क्टरी की आड़ में शराब बनाने वाले गौतम से अभी पूछताछ चल रही है।
कारोबारी कपूर से पूछताछ में जो भी बातें प्रकाश में आई हैं, उनका सत्यापन कराया जाएगा। इसके बाद ही किसी नतीजे पर पहुंचा जाएगा। फिलहाल कपूर व ऋषि को रिमांड पूरा होने के कारण जेल दाखिल कर दिया गया है।
कलानिधि नैथानी, एसएसपी
अब लक्ष्य एक सप्ताह में चार्जशीट, फिर गैंगेस्टर
जहरीली शराब कांड में ज्यादातर गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। आधा दर्जन प्रमुख नाम हैं, जिन्हें पुलिस टीमें लगातार तलाश रही हैं। ऐसे में एसएसपी ने अब विवेचना टीमों को क्रमवार मुकदमों में एक सप्ताह में चार्जशीट तैयार करने के निर्देश दिए हैं। ताकि उसके बाद गैंगेस्टर की प्रक्रिया शुरू की जा सके।
एसएसपी ने बताया कि इस मामले में 75 करीब प्रमुख गिरफ्तारी हो चुकी हैं। पुराने तथ्यों व नए तथ्यों के आधार पर आधा दर्जन नाम सामने आए हैं, जिन्हें तलाशा जा रहा है। रिमांड आदि के बाद विवेचना के पहलू पर भी काम लगभग काफी हो गया है। बस पोस्टमार्टम में अल्कोहल व जब्त माल में अल्कोहल की रिपोर्ट आना शेष है। संकेत हैं कि यह रिपोर्ट भी एक-दो दिन में मिलने लगेंगी। इसके चलते उन्होंने विवेचना टीमों को अगले एक सप्ताह में एक-एक कर मुकदमों में विवेचना पूरी कर चार्जशीट लगाने के निर्देश दिए हैं। पुलिस टीमों ने इस पर काम भी तेज कर दिया है। प्रयास किया जा रहा है कि पहले मिथाइल सप्लाई, शराब फैक्टरी, भंडारण, तस्करी से जुड़े मुकदमों में चार्जशीट लगाई जाए। इसके बाद मौतों के संबंध में दर्ज मुकदमों में चार्जशीट लगाना शुरू किया जाए।
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शराब कांडः 64 मृतकों के लिए कृषक दुर्घटना योजना के तहत प्रशासन को मिले 3.20 करोड़

जहरीली शराब कांड में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के दर्द पर सरकार ने मुआवजे का मरहम लगाया है। जिला प्रशासन के प्रयासों के चलते मात्र 15 दिन के भीतर कृषक दुर्घटना योजना के तहत शासन ने 64 मृतकों के आश्रितों को 5-5 लाख रुपये देने के लिए प्रशासन को 3.20 लाख रुपये जारी किए हैं। इस पैसे को आश्रितों को बतौर बैंक चेक दिया जाएगा।
जहरीली शराब कांड की मजिस्ट्रेटी जांच अधिकारी एडीएम प्रशासन देवी प्रसाद पाल ने बताया कि जिले में जिन लोगों की मौत शराब कांड में हुई थी। उनमें से 64 लोगों को जिला प्रशासन की के प्रयासों के चलते कृषक दुर्घटना योजना के तहत पांच-पांच लाख रुपये की धनराशि देने के लिए शासन ने 3.20 करोड़ रुपये भेज दिए हैं।
इनमें खैर तहसील के 33, कोल के 16 और गभाना के 15 मृतकों को शामिल किया गया है। वहीं, कुल मृतकों में पांच ऐसे भी सामने आए हैं, जिनके कोई वारिस नहीं है। इसके चलते उनका पैसा नहीं आया है। वहीं, सात मृतक ऐसे हैं, जो अन्य जिलों के थे। उनके संबंध में उनके संबंधित जिलों को लिखा गया है। उनके आश्रितों को देने के लिए अलीगढ़ प्रशासन को राशि नहीं मिली है। वहीं, शहरी क्षेत्र के होने के चलते 23 मृतकों के आश्रितों को पारिवारिक लाभ योजना का लाभ दिया गया है। इसमें 15 कोल और 8 आठ गभाना तहसील के मृतक शामिल हैं। इधर, ईंट भट्ठों के 16 श्रमिकों की मौत हुई थी, उनके आश्रितों को जिला प्रशासन की पहल पर 2-2 लाख रुपये भट्ठा मालिकों की ओर से बतौर सहायता राशि के तौर पर दिए जा चुके हैं।
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88 करोड़ रुपये में हिसार की संस्था बनाएगी राजा महेंद्र प्रताप सिंह राज्य विश्वविद्यालय

राहुल कुमार
सीएम योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल राजा महेंद्र प्रताप सिंह राज्य विश्वविद्यालय के लिए लोधा और मूसेपुर गांव में 93.41 एकड़ (492 बीघा) भूमि तय होने के बाद इसके निर्माण की रूपरेखा भी तैयार हो गई है। जमीन को विश्वविद्यालय के नाम पर हस्तांतरित करते हुए उच्च शिक्षा विभाग को प्रशासन ने कब्जा दे दिया है। लोक निर्माण विभाग को विश्वविद्यालय के निर्माण का जिम्मा मिला है। सरकार ने 101.41 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट रखा था, जिसे हरियाणा के हिसार जिले की संस्था ईश्वर सिंह एंड एसोसिएट 88 करोड़ रुपये में बिलो टेंडर पर हासिल किया है। इस माह में एग्रीमेंट सहित वर्क ऑर्डर की कार्रवाई लखनऊ स्तर से पूरी हो जाएगी। जुलाई में काम शुरू होने की संभावना है। टेंडर में शर्त रखी है कि काम शुरू होने के 18 माह के भीतर प्रोजेक्ट को पूरा किया जाएगा। इस हिसाब से 2023 के जनवरी माह में जिले को राज्य विवि की बिल्डिंग तैयार होकर मिल जाएगी।
लोधा और मूसेपुर गांव में 93.41 एकड़ (492 बीघा) भूमि पर बनने वाले इस विश्वविद्यालय में आवासीय भवन के साथ ही शैक्षणिक भवन, पार्क, पार्किंग जैसी मूलभूत सुविधाएं, अधिकारियों के कार्यालयों के लिए प्रशासनिक भवन, लाइब्रेरी का भवन आदि बनाया जाएगा। इस विश्वविद्यालय के बनने के बाद जिले के छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के साथ-साथ दूसरा विकल्प भी मिल जाएगा। साथ ही डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा से संबंधित निजी विश्वविद्यालयों में उच्च शिक्षा पाने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ेगा। काफी लंबे समय से अलीगढ़ के युवाओं और राजनैतिक हस्तियों की ओर से विश्वविद्यालय की मांग की जा रही थी, जिसे सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने स्वीकार किया और इगलास में हुए विधानसभा उपचुनाव के दौरान पार्टी पक्ष में प्रचार के दौरान इसका एलान किया था। इस विश्वविद्यालय को देकर भाजपा जहां युवाओं की मांग पूरी कर रही है। वहीं, अलीगढ़ में अपने वोट बैंक को भी मजबूत कर रही है। 2022 के विधानसभा चुनाव में इस विकास के मुद्दे के तौर पर शामिल किया जाएगा।
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पांच साल बाद बिना बाईपास के पूरा होगा अलीगढ़ पलवल हाईवे

आशीष निगम
किसी भी शहर या जिले का विकास उसके आधारभूत ढांचे से आंका जाता है। वहां कितना विकास है, इसकी रफ्तार कितनी तेज है। इसमें सड़कों का सर्वाधिक महत्व है। जिले में हाईवे का निर्माण लगातार हो रहा है, लेकिन इसकी रफ्तार बहुत सुस्त है। आलम ये है कि पांच साल में 67.5 किमी लंबे अलीगढ़ पलवल हाईवे को पूरा नहीं किया जा सका है। अभी तक इस हाईवे के खैर और जट्टारी बाईपास का निर्माण अधर में है। उस पर भी हद तो ये है कि अभी तक ये तय नहीं हो पाया है कि ये दोनों बाईपास कौन सा विभाग बनवाएगा..? सिस्टम की इतनी सुस्ती उस रोड पर है, जिस पर अलीगढ़ का आगे का विकास टिका है।
खैर में दस किमी लंबा और जट्टारी में 5.50 किमी लंबा बाईपास बनना प्रस्तावित है। इसके लिए शासन ने बीती 22 अक्तूबर 2020 पूरे हाईवे को पीडब्ल्यूडी से लेकर एनएचआई को हस्तांतरित करने की पेशकश में कर दी थी। जवाब में एलएचआई के अधिकारियों ने कहा कि हाईवे का निर्माण कार्य अनुबंध के अनुसार पूरा किया जाए। बाईपास बनवाए जाएं। एक वर्ष तक निर्माण करने वाली फर्म ही इसकी देखरेख करे। उसके बाद ही वह इस हाईवे को अपनी देखरेख में लेंगे। इन शर्तों के साथ एनएचआई ने 28 नंवबर 2020 को इस प्रस्ताव को शासन को वापस कर दिया।
तब से अभी तक इस बाबत कोई फैसला नहीं हुआ है। फैसला नहीं होने के कारण हाईवे की सार्थकता के लिए सर्वाधिक आवश्यक दो बाईपास नहीं बन पा रहे हैं। फिलहाल हाईवे पर नादा पुल और सोफा नहर पर पुल बनाने का काम जारी है। ये पुल इसी महीने में पूरे होने की उम्मीद है। जुलाई में इस हाईवे को बिना बाईपास के ही पूरा कर लिया जाएगा। यही विकास की असल रफ्तार है, जिसमें महज 67.5 किमी लंबे हाईवे को पूरा करने में पांच साल का वक्त लग गया। इस बीच दूसरी सरकार का भी कार्यकाल संपन्न होने को आ रहा है।
शासन स्तर से फैसला होते ही खैर और जट्टारी बाईपास के निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। उम्मीद है कि इसके बारे में जल्द ही कोई ठोस निर्णय हो जाएगा। दोनों बाईपास की संभावित लागत 210 करोड़ रुपये आंकी गई है। फिलहाल बाईपास को छोड़ दें तो हाईवे का काम जुलाई तक पूरा हो जाएगा।
-एके शर्मा, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी नोडल आफिस
अलीगढ़-पलवल हाईवे का महत्व
1-सारसौल चौराहे से 47 किमी दूर लगभग 30 हजार करोड़ रुपये से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निर्माण कार्य 1334 हेक्टेयर में शुरू हो चुका है।
2-जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट को वर्ष 2020 में दुनिया के 100 रणनीतिक ग्लोबल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट में शामिल किया गया है।
3-जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास मैन्युफैक्चरिंग इलेक्ट्रानिक जोन एमईजेड नाम से इलेक्ट्रानिक सिटी बनाई जाएगी। इसमें देश-विदेश की कंपनियां टीवी, मोबाइल, एलईडी सहित अन्य उपकरण बनाएंगी।
4-सारसौल चौराहे से 125 किमी दूर नोएडा के सेक्टर 32-33 में लगभग 50 एकड़ जमीन में 600 करोड़ की लागत से टाय सिटी बसने जा रही है। ये एशिया में पहला और विश्व में दूसरा खिलौने बनाने का बड़ा प्रोजेक्ट है।
5-सारसौल चौराहे से 128 किमी दूर नोएडा के सेक्टर 21 और 22 में फिल्म सिटी बनाने का फैसला हो चुका है। ये 100 एकड़ में बनाई जाएगी।
6-सारसौल चौराहे से 10 किमी दूर लोधा के पास गांव ल्हौसरा में लगभग 39 हेक्टेयर में ट्रांसपोर्ट नगर बसने जा रहा है।
7-सारसौल चौराहे से 13 किमी दूर यूपी डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर अंडला में लगभग 52.77 हेक्टेयर में बसेगा। जमीन स्थानांतरण शुरू।
8-सारसौल चौराहे से 11 किमी दूर स्व. राजा महेंद्र प्रताप राज्य स्तरीय विश्वविद्यालय लोधा में बनना प्रस्तावित है। इसको लेकर जमीन की तलाश पूरी हुई। 100 करोड़ से शुरू होगा काम।
9-अलीगढ़ महायोजना में नई बसावट के वास्ते इस हाईवे का विशेष महत्व रखा जा रहा है। जिससे नई बसावट को पहले से ही आधुनिक सुविधाओं के साथ पर्यावरण को देखते हुए काम किया जाए।
वर्तमान स्थिति
वर्ष 2016 में 552.28 करोड़ रुपये का फोरलेन प्रोजेक्ट मंजूर हुआ
हाईवे की लंबाई 67.5 किमी और चौड़ाई दोनों तरफ लगभग 8.75 मीटर
हाईवे के बीच एक ग्रीन बेल्ट बन रही है, अभी तक कहीं भी टोल नहीं
वर्ष 2021 जुलाई में काम पूरा होगा, लेकिन खैर जट्टारी हाईवे नहीं बने
खैर और जट्टारी बाईपास निर्माण के लिए 180 करोड़ रुपये की जरूरत है
दो बाईपास के लिए ही इस रोड को एनएचआई को देने की पेशकश है
एचएचआई ने रुचि नहीं दिखाई और शासन ने पैसा नहीं दिया तो काम रुका
नादा पुल और सोफा नहर पर काम जारी है, इसको जल्द पूरा किया जाएगा
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एफबी गेमिंग स्ट्रीमर की सूची में बढ़ा स्टारबीस्ट का रैंक, बनाए गए पीडियाट्रिक ब्रेन ट्यूमर फाउंडेशन के एंबेसडर

गेमिंग की दुनिया दिन प्रतिदिन एक नया रूप ले रही है, और जहां पहले केवल यह  मनोरंजन का माध्यम होता था अब यह एक पेशा भी बन गया है। ऐसे ही एक गेमर्स हैं स्टारबीस्ट, जिन्होंने फेसबुक गेमिंग स्ट्रीमर के रैंकिंग में तेजी से वृद्धि की है। और आज के समय में उनकी स्ट्रीम में ढेरों दर्शक रहते हैं। आइए जानते हैं कौन है स्टारबीस्ट?

स्टारबीस्ट का रियल नाम माइकल व्लाइकू है। उन्होंने बताया कि वह बचपन से ही वीडियो गेम दीवाने थे। उनकी इसी दीवानगी को देखते हुए उनके पिता ने उन्हें एक एमएस-डॉस कंप्यूटर दिला दिया। माइकल ने C++ प्रोग्रामिंग भाषा पर ध्यान केंद्रित किया और फिर टाइपिंग की कला पर ध्यान देना शुरू किया। आज, वह 130+ शब्द प्रति मिनट और 99 फीसदी सटीकता के साथ टाइपिंग करने में सक्षम हैं। 
माइकल ने अपने स्ट्रगल और मुश्किलों के बारे में बात करते हुए कहा, “शुरुआती दिन कठिन थे, मुझे हर चीज के लिए पीसना पड़ता था। मैं इस क्षेत्र में किसी को नहीं जानता था, मेरे सभी पिछले सहयोगी चले गए थे, मैं वह बूढ़ा आदमी था जो अपने लिए जगह ढूंढ रहा था। ” कठिनाइयों के बावजूद, माइकल ने हार नहीं मानी और उन्होंने ट्विच पर कुछ सबसे बड़े चैरिटी की मेजबानी करते हुए स्ट्रीम करना जारी रखा। “मुझे एक स्ट्रीम में केवल 20 से 50  दर्शक मिलते थे लेकिन मैं फिर भी यह करना चाहता था। एक इंसान होने के नाते चैरिटी करनी होगी और अपने हजारों रुपये दान करने होंगे।" उन्होंने यूनाइटेड वे, साल्वेशन आर्मी के साथ काम किया है और हाल ही में पीडियाट्रिक ब्रेन ट्यूमर फाउंडेशन के लिए ग्लोबल एंबेसडर बने हैं। 

आज, आप स्टारबीस्ट को फेसबुक गेमिंग पर देख सकते हैं, जहां वह विशेष रूप से प्लेटफॉर्म के सबसे बड़े भागीदारों में से एक के रूप में स्ट्रीम करते हैं। उनके कॉल ऑफ ड्यूटी मोबाइल गेमप्ले ने अपनी आक्रामक लेकिन बुद्धिमान शैली के साथ सीमाओं को आगे बढ़ाते हुए, दृश्य में क्रांतिकारी बदलाव जारी रखा है। उनका मुख्य ध्यान गति, और अवसरवादी जुड़ाव पर है और उनके समुदाय, गेमिंग परिवार में अब हजारों सदस्य और प्रशंसक हैं। "सीओडी मोबाइल मेरा अब तक का सबसे पसंदीदा खेल है, यह भविष्य है - यह आपको पीसी, टैबलेट और फोन पर खेलने की अनुमति देता है।" 

इस बात में दो राय नहीं है कि अगर आप गेमिंग के दीवाने हैं, तो आप उनकी स्ट्रीम में जाना चाहेंगे और शो के रोमांच का अनुभव करेंगे। 
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मेरठ से आई 3700 कोवासिक्न की डोज

वार्षिक नहीं, अर्द्धवार्षिक परीक्षा से होगा सीबीएसई 11वीं में दाखिला

कोरोना संक्रमण के कारण उत्पन्न हुई परिस्थितियों को देखते हुए अब स्कूल प्रबंधनों ने भी स्मार्ट निर्णय लिया है। सीबीएसई ने अभी दसवीं का परीक्षा परिणाम जारी नहीं किया है, लेकिन यह स्पष्ट हो गया है कि सभी बच्चों को प्रमोट किया जा रहा है। ऐसे में सीबीएसई मान्यता वाले स्कूलों में कक्षा 11वीं के प्रवेश शुरू हो गए हैं। यह प्रवेश दसवीं की वार्षिक परीक्षा नहीं, बल्कि कक्षा नौ और कक्षा दसवीं की अर्द्धवार्षिक परीक्षा परिणाम के आधार पर होंगे। हालांकि कुछ स्कूलों में एक टेस्ट भी रखा गया है।
बता दें कि सीबीएसई द्वारा कक्षा दसवीं और कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों को बिना परीक्षा प्रमोट करने की घोषणा हो गई है। ऐसे में आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर परिणाम तैयार किया जा रहा है। चूंकि अप्रैल से नया सत्र प्रारंभ किया जाता है, लेकिन इस बार कोरोना के प्रकोप के चलते अप्रैल से नया सत्र शुरू नहीं हो पाया। इसके बाद प्रमोट करने की घोषणा हुई। ऐसे में स्कूल प्रबंधनों ने दसवीं के बच्चों को प्रमोट मानते हुए कक्षा 11वीं की पढ़ाई शुरू करा दी है। वहीं, कई स्कूलों ने कक्षा 11वीं में प्रवेश लेना भी प्रारंभ कर दिया है। दसवीं का परिणाम जारी न होने की स्थिति में स्कूलों ने कक्षा दसवीं और कक्षा नौ की अर्द्धवार्षिक परीक्षा परिणाम को आधार मानना शुरू कर दिया है। साथ ही कुछ स्कूलों में दाखिला से पहले एक टेस्ट भी रखा गया है। इस प्रक्रिया के तहत बच्चों को दाखिला देना प्रारंभ कर दिया गया है। जबकि टेस्ट के माध्यम से विद्यार्थी को स्ट्रीम देने में सहूलियत बताई जा रही है।
परिणाम भले ही जारी नहीं हुआ हो, लेकिन यह साफ हो गया है कि सभी बच्चों को आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर प्रमोट किया जाएगा। यह आंतरिक मूल्यांकन पिछले तीन वर्षों में आए परिणाम में से सबसे अच्छा परिणाम देखते हुए लिया जा रहा है। चूंकि 2020 में बच्चों कि कक्षा नौ में वार्षिक परीक्षा नहीं हुई थी और अब 2021 सत्र में दसवीं में भी प्रमोट कर दिया गया है। ऐसे में कक्षा नौ व दस की अर्द्धवार्षिक परीक्षा परिणाम के आधार पर 11वीं में प्रवेश देना कई स्कूलों ने प्रारंभ कर दिया है। जबकि हमने अपने कृष्णा इंटरनेशनल स्कूल में एक टेस्ट भी रखा है। इसका मकसद मेधावियों को शत प्रतिशत से लेकर 25 प्रतिशत तक स्कॉलरशिप देना है। साथ ही विद्यार्थियों की काबिलियत का पता चल जाता है।
-प्रवीन अग्रवाल, अध्यक्ष पब्लिक स्कूल डेवलेपमेंट सोसाइटी।
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डीटीसीए ने वॉरियर क्रिकेट एकेडमी को हराया

ओजोन सिटी के मैदान पर डीटीसीए ने वॉरियर क्रिकेट एकेडमी को 72 रन से हरा दिया। निर्धारित 20 ओवर में डीटीसीए की टीम ने चार विकेट पर 207 रन बनाए। हिमांशु ने 66 रन, योगेंद्र कुमार ने 55 रन, मोहम्मद कादिर ने 26 रन व मोहसिन ने 25 रन की पारी खेली।
वॉरियर क्रिकेट एकेडमी के रिंकू दीक्षित ने दो विकेट झटके। जवाब में उतरी वॉरियर क्रिकेट एकेडमी के बल्लेबाजों ने डीटीसीए के गेंदबाजों के आगे घुटने टेक दिए। पूरी टीम 135 रन ही बना सकी। विशाल गुप्ता ने 50 रन, अर्चित वार्ष्णेय ने 22 रन बनाए। डीटीसीए के गेंदबाज अनुज शर्मा ने तीन विकेट, राहुल कुमार ने दो विकेट झटके। इस मौके पर यश वार्ष्णेय, मेघराज सिंह, गौरव कुमार राजपूत, राहुल कुमार, मोहम्मद आसिफ, कादिर, योगेंद्र, मोहसिन मौजूद रहे ।
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जहरीली शराब कांड में बड़ा खुलासा: इनामी कालिया भी देता था शराब सिंडिकेट को केमिकल, पुलिस ने किया गिरफ्तार

अलीगढ़ जहरीली शराब कांड में नकली शराब सिंडिकेट की एक और महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में 25 हजार का इनामी मदन गोपाल उर्फ कालिया दबोच लिया गया है। हरियाणा के फरीदाबाद का रहने वाला यह शराब व केमिकल तस्कर अनिल चौधरी व ऋषि शर्मा के सिंडिकेट को पिछले दो दशक से अवैध शराब व नकली शराब बनाने के लिए केमिकल की सप्लाई देता था। 

इस दौरान उसने जिले में भी पांव जमाते हुए अपने कुछ रिश्तेदारों को ठेके दिलवाए और यहां अवैध भंडारण के ठिकाने तैयार किए। साथ में अवैध शराब फैक्टरी संचालन में भी साझीदार हुआ। उससे पूछताछ के आधार पर पिसावा में एक शराब फैक्टरी पकड़ते हुए पुलिस ने वहां से भी दो लोगों को दबोचा है। पकड़े गए मदनगोपाल पर हरियाणा में भी मुकदमे दर्ज हैं।

जहरीली शराब कांड में अकराबाद के अधौन की शराब फैक्टरी का खुलासा होने पर उसके मालिक 50 हजार के इनामी हाथरस के हसायन निवासी शिवकुमार को पुलिस ने पकड़ा था। शिवकुमार ने मडराक के बढ़ौली फतेह खां से अवैध शराब भंडारण का एक ठिकाना पकड़वाया था। वह ठिकाना मदनगोपाल उर्फ कालिया पुत्र किशनलाल निवासी गांधी कॉलोनी एनआईटी फरीदाबाद हरियाणा हाल निवासी 5-एल 62 एनआईटी फरीदाबाद का ही था। 

कालिया का नाम उजागर होने पर उस पर 25 हजार का इनाम घोषित किया गया। तीन दिन पहले रिमांड पर लिए गए शराब माफिया ऋषि ने कालिया के विषय में सटीक इनपुट पुलिस को दिया था। इसी इनपुट के आधार पर रात पुलिस ने कालिया को दबोच लिया।
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