लापरवाही जनित हत्या व अन्य आरोपों के मामले में विवेचक ने हादसे के बाद घटना स्थल का निरीक्षण नहीं किया। स्वतंत्र गवाह भी नहीं मिला। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट-1 विनीता सिंह ने साक्ष्य के अभाव में जगदीशपुरा थाना क्षेत्र के शीला कुंज निवासी ऑटो चालक आरोपी भीकम सिंह को बरी करने के आदेश दे दिए। थाना जगदीशपुरा में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार संजय कुमार ने तहरीर देकर आरोप लगाया कि उनका 19 वर्षीय भाई राजू जूता कारीगर था। 10 दिसंबर, 2012 की सुबह 9 बजे वह अपनी साइकिल से जूता कारखाने में काम करने जा रहा था। रास्ते में बोदला-लोहामंडी रोड स्थित वासन फैक्टरी के पास तेज रफ्तार में आ रहे लोडिंग ऑटो ने पीछे से टक्कर मार दी। हादसे में भाई राजू गंभीर रूप से घायल हो गया। चालक भीकम सिंह घटना के बाद फरार हो गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने इलाज के लिए भाई को एसएन इमरजेंसी में भर्ती कराया। जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद 13 साल मुकदमा अदालत में लंबित रहा। इसके बाद भी अभियोजन पक्ष उक्त मामले में मात्र वादी मुकदमा संजय और विवेचक यशपाल सिंह को ही गवाही के लिए अदालत में पेश कर सका।