मथुरा के पुष्टिमार्गीय संप्रदाय के प्रसिद्ध ठाकुर द्वारिकाधीश मंदिर में राजाधिराज प्रभु ने लहरिया घटा में विराजमान होकर श्रद्धालुओं को दर्शन दिए। इस अवसर पर मंदिर परिसर को सतरंगी लहरिया वस्त्रों, रंग-बिरंगी रोशनी और विभिन्न प्रकार के फूलों से आकर्षक ढंग से सजाया गया। सजावट के बीच मंदिर में लगाए गए नौ हिंडोले श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। मंदिर के मीडिया प्रभारी राकेश तिवारी एडवोकेट ने बताया कि मंगलवार को ठाकुर जी महाराज को लहरिया घटा में विराजमान कराया गया। पुष्टिमार्गीय परंपरा में ठाकुर जी को लाड़ लड़ाने के भाव से विभिन्न घटाओं और हिंडोलों में विराजमान कराया जाता है। लहरिया घटा के अवसर पर मंदिर को सतरंगी लहरिया कपड़ों से सजाया गया। इसके साथ ही फूलों और आकर्षक विद्युत सजावट से मंदिर की छटा देखते ही बन रही थी। दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालु इस मनोहारी स्वरूप को देखकर भावविभोर नजर आए। राकेश तिवारी ने बताया कि घटा का तात्पर्य ठाकुर जी को बाहर के मौसम की अनुभूति करवाना है। पुष्टिमार्गीय सेवा परंपरा में मौसम के अनुरूप ठाकुर जी का श्रृंगार और सेवा की जाती है। सावन मास में घटा और हिंडोला उत्सव का विशेष महत्व है। इसी क्रम में पूरे सावन मास विभिन्न प्रकार की घटाओं और हिंडोलों में ठाकुर जी महाराज भक्तों को दर्शन देंगे। उन्होंने बताया कि कल शाम 5:10 से 5:40 बजे तक ठाकुर जी महाराज गुलाबी मखमल के हिंडोले में विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देंगे। इस दौरान मंदिर में विशेष श्रृंगार और सजावट की जाएगी। ठाकुर जी के मनोहारी हिंडोला दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।