माघी पूर्णिमा का स्नान बुधवार को आश्लेषा नक्षत्र और आयुष्मान व सौभाग्य योग में होगा। इस दिन गंगा में पांच डुबकी लगाने का विशेष महत्व है। इसका संबंध पंच तत्वों से है। गंगा में पांच डुबकी लगाने से पुण्य फलदायी की प्राप्ति होती है। इस बार माघी पूर्णिमा पर भद्राकाल भी है जो सुबह 6:35 बजे तक रहेगा। इस दौरान शुभ कार्य नहीं करना चाहिए।