वाराणसी में काशी वंदन सांस्कृतिक संध्या में उपशास्त्रीय गायन का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान युवा कलाकार मास्टर वेदांग अग्रवाल ने शानदार प्रस्तुति दी। उन्होंने सबसे पहले राग खमाज में एक छोटा खयाल, 'श्याम सुंदर कैसी बांसुरी बजाई है' का गायन कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद राग पीलू में एक बनारसी दादरा,' सांवरिया प्यारा रे मोर गाकर वहां बैठे श्रोताओं से खूब तालियां बजवाई और वाह -वाही लूटी उसके बाद 'सांसों की माला में' तथा अंत में 'आईगिरी नंदिनी' गाकर कार्यक्रम को समाप्त किया। तबला पर जय मिश्रा तथा हार्मोनियम पर गौरव मिश्रा ने कुशल संगत किया।