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संयुक्त चिकित्सालय में 35 पद, कागज में 13 की तैनाती; VIDEO

Aman Vishwakarma Updated Thu, 09 Apr 2026 06:15 PM IST

जिला मुख्यालय से 40 किमी दूर सोनबरसा में मरीजों के बेहतर इलाज मिले इसके लिए 29.10 करोड़ की लागत में 100 बेड का संयुक्त राजकीय चिकित्सालय शुरू हो गया है। इसमें 35 चिकित्सकों के पद सृजित है। शासन द्वारा दो वर्ष पूर्व 15 चिकित्सक की तैनाती की गई थी, लेकिन भवन हैंड ओवर न होने के नाम पर सात चिकित्सकों को दूसरे स्वास्थ्य केंद्र से अटैच कर दिया गया और दो ज्वाइन नहीं किया। सीएचसी मिलाकर कुल नौ चिकित्सक तैनात हैं। संयुक्त राजकीय चिकित्सालय में 35 की जगह सिर्फ नौ चिकित्सक डयूटी पर है। इमरजेंसी में डयूटी करने वाले चिकित्सक को दूसरे दिन डयूटी आफ रहती है। सर्जन डॉ. रोहन गुप्ता पुलिस की कार्रवाई के कारण डयूटी पर नहीं आ रहे हैं। रोजाना सिर्फ चार या पांच चिकित्सक ही ओपीडी में मरीजों का इलाज करते हैं। बृहस्पतिवार को पांच ओपीडी में फिजिशिन डॉ. अभिषेक कुमार, डॉ. अभिषेक सिंह, दंत चिकित्सक डा. कृष्णदेव, डा. शाल्टी कसेरा मरीजों का इलाज करती मिली। सीएमएस डॉ विमल कार्यालय का काम निपटा रहे थे। दो चिकित्सक छुट्टी पर थे। आर्थो सर्जन मेडिकल बोर्ड में गए थे। कुल करीब 480 मरीज इलाज कराने पहुंचे। मौसम के बदलाव से वायरल संक्रमण, गले में खराश, सांस के मरीज ज्यादा रहे। ओपीडी में बच्चों की भी संख्या अधिक रही। मरीजों को चिकितसक से दिखलाने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। नया भवन अभी सिर्फ शोपीस बना हुआ है। वार्डों में बेड न लगने के कारण मरीजों को सीएचसी में भर्ती किया जाता है। चिकित्सक की कमी के कारण जिला अस्पताल में सबसे ज्यादा रेफर मरीज बैरिया से आते हैं, संसाधन रहने के बावजूद मेन पावर की कमी से तहसील क्षेत्र के करीब चार लाख की आबादी बेहतर इलाज को बलिया जिला अस्पताल या छपरा पटना जाने को मजबूर होती है। अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ, सर्जन, ईएनटी सर्जन की लंबे समय से मांग चल रही है। मजबूरन मरीज एमबीबीएस चिकित्सक से इलाज कराते हैं।

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