खेतों में लगे सबमर्सिबलों से निकल रहे पीले और दूषित पानी का सेंपल लिए बिना ही टीम वापस लौट गई। किसानों के पूछने पर टीम ने यह नहीं बताया कि वह किस विभाग से थी। उसने किसानों से कोई वार्ता भी नहीं की। इससे किसानों में रोष है। बसैली, शहवाजपुर डोर व फाजलपुर के किसानों ने आवाज उठाई कि एक औद्योगिक इकाई द्वारा उनके खेतों के आस पास बोरिंग से प्रदूषित जल को नीचे पहुंचा दिया। जिससे उनके खेतों में लगे सबमर्सिबलों से पीला व दूषित पानी निकल रहा है। उनके समर्थन में भाकियू संयुक्त मोर्चा ने भी आवाज उठाई। जिला प्रशासन से प्रदूषित पानी पर रोक लगाने की मांग उठाई। बुधवार को टीम बसैली व शहवाजपुर डोर में गई। यहां से हैंडपंपों के सेंपल लिए। फाजलपुर से भी सेंपल लिए। ग्रामीणों का आरोप है कि टीम ने खेतों में जाकर किसी भी सबमर्सिबल से प्रदूषित पानी का सेंपल नहीं लिया। पीड़ित किसानों से बात तक नहीं की। टीम खेतों में लगे सबमर्सिबलों के पानी का सेंपल लिए बिना ही लौट गई। इससे किसानों में रोष है। उन्होंने डीएम से मांग की है कि खेतों के निकट छोड़े जा रहे प्रदूषित पानी पर रोक लगाई जाए।