पराली प्रबंधन को लेकर कृषि विभाग के तमाम दावें हवा--हवाई हो गए है। बृहस्पतिवार को जिला मुख्यालय से 500 मीटर दूर और कृषि विभाग कार्यालय के बगल के बिछियां कला गांव के खेतों में पराली जलाई गई। बीते एक सप्ताह में दो से तीन मामले सामने आ चुके है लेकिन विभाग की ओर से एक भी कार्रवाई नहीं की गई। जिला प्रशासन की ओर से अपर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में तहसील स्तर पर उप जिलाधिकारी की अध्यक्षता में सचल दस्ता गठित किया गया है, जो पराली जलाने की घटनाओं का निगरानी करेंगें। न्याय पंचायत स्तर पर कृषि विभाग के कर्मचारी एवं राजस्व विभाग के लेखपालों को भी निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिले में 5000 वेस्ट डीकंपोजर का वितरण किया गया। बावजूद इसके जिला प्रशासन के नाक के नीचे पराली जलाई गई। वायू प्रदूषण नियंत्रण के लिए राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) का सख्त आदेश है कि पराली जलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। जिले में दो एकड़ से कम क्षेत्र में पराली जलाने पर पांच हजार, दो से पांच एकड क्षेत्र के लिए दस और पांच एकड़ से अधिक के लिए 30 हजार रुपये वसूली का आदेश है।