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VIDEO : रायबरेली में बदहाली से जूझता हॉकी ग्राउंड, बजट की दरकार

भूपेन्द्र सिंह Updated Sat, 21 Dec 2024 06:01 PM IST

रायबरेली का इकलौता एस्ट्रोटर्फ ग्राउंड अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। इसे हॉकी खिलाड़ियों के लिए तैयार किया गया था। मोतीलाल नेहरू स्टेडियम परिसर में बने एस्ट्रोटर्फ हॉकी ग्राउंड को तैयार करने में काफी बड़ी रकम खर्च हुई थी, लेकिन देखरेख के अभाव और बजट की कमी के कारण समय-समय पर मरम्मत कार्य न होने से बदहाल हो गया है। इसे सुधारने के लिए बजट की जरूरत है। करीब एक दशक पहले हॉकी ग्राउंड को तैयार करने के लिए काफी महंगी एस्ट्रोटर्फ लगाई गई थी, जो खराब होती जा रही है। इसमें पानी छिड़काव के लिए लगे स्प्रिंकलर ठप हैं। बाहरी पंप से पानी छिड़काने का प्रबंध होता है, लेकिन इस पानी के साथ मिट्टी और बालू एस्ट्रोटर्फ पर जम गई है। इससे फिसलने का खतरा रहता है। एस्ट्रोटर्फ ग्राउंड के चारों ओर जालियां लगाई गई हैं, जो पूरी तरह खराब हो चुकी हैं। पेयजल के लिए बने वाटर बूथ की टोटियां बंद हैं। सुविधाओं का अभाव है, जिससे खिलाड़ी जूझते रहते हैं। सुबह और शाम को अभ्यास के लिए औसतन 40 खिलाड़ी हर आयु वर्ग के पहुंचते हैं। हॉकी ग्राउंड के तीन तरफ सीमेंटेड सीढ़ियां बनी हैं, जबकि चौथी चरण मुख्य भवन है। सीमेंटेड सीढ़ियों के आसपास बड़ी-बड़ी घास और झाड़ियां उगी हैं, जहां जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा रहता है। मुख्य भवन के ऊपर भी दर्शक दीर्घा बनी है, जहां लगाई गई सारी कुर्सियां टूट चुकी हैं और कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। इस दर्शक दीर्घा की रेलिंग खराब हो चुकी हैं। यही वजह है कि इस दर्शक दीर्घा की तरफ कोई जाना पसंद नहीं करता है। जिला क्रीड़ा अधिकारी धीरेंद्र कुमार पुरुषोत्तम ने बताया कि एस्ट्रोटर्फ हॉकी ग्राउंड का नए सिरे से सुधार कार्य कराने की जरूरत है। पूरे ग्राउंड में कराए जाने वाले कार्यों का आकलन करा लिया गया है। प्रस्ताव तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजा गया है और बजट की डिमांड की गई है। बजट मिलते ही काम शुरू कराएंगे, जिससे यह हॉकी ग्राउंड बिलकुल नया दिखने लगेगा और सुविधाएं भी बढ़ जाएंगी।

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