सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की संवेदनशीलता पर एक बार फिर बड़ा सवालिया निशान खड़ा हो गया है। स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मझांवन में आज सुबह एक बेहद गैर-जिम्मेदाराना मंजर देखने को मिला। सुबह के 9:30 बजे तक अस्पताल के मुख्य द्वारों पर अभी भी ताला लटका रहा। हैरानी की बात यह है कि अस्पताल परिसर में न तो कोई डॉक्टर मौजूद है और न ही इमरजेंसी स्टाफ का कोई अता-पता है।