भीतरगांव ब्लाक के तिवारीपुर गांव में लाखों रुपये की लागत से बनाया गया पार्क शाम ढलते ही शराबियों का अड्डा बन जाता है। दिसम्बर की ठंड में भी देर रात तक पार्क के अंदर शराबियों की महफिल सजी रहती है। शराब पीने वाले गेट खोलकर पार्क के अंदर पड़ी सीमेंट बेंच में बैठते हैं और नमकीन के रैपर, गिलास बोतल पानी सब वहीं पर फेंक कर चले जाते हैं।