प्रकृति के रंग निराले हैं और कभी-कभी वह ऐसे दृश्य पेश कर देती है जो विज्ञान और सामान्य समझ के परे लगते हैं। भीतरगांव-बिरहर मार्ग पर स्थित चिलहटा गांव के पास एक आम के पेड़ ने लोगों को अचंभे में डाल दिया है। इस पेड़ का एक हिस्सा पूरी तरह से सुनहरे बौर से लदा हुआ है, जबकि दूसरा आधा हिस्सा पूरी तरह से खाली और बेजान खड़ा है।