बदायूं में कांग्रेस पदाधिकारियों ने बुधवार को ईडी की कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन किया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष अजीत यादव ने कहा कि नेशनल हेराल्ड मामले में पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ ईडी की चार्जशीट पूरी तरह बदले की राजनीति है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा विपक्षी नेताओं को डराने के लिए सरकारी एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है। अजीत यादव ने नेशनल हेराल्ड की संपत्तियों को जब्त करने की कार्रवाई को तानाशाही और बदले की राजनीति बताया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य बफाती मियां और महिला कांग्रेस की प्रदेश महासचिव सुनीता सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह विपक्षी नेताओं को डराने के लिए सरकारी एजेंसियों का इस्तेमाल कर रहे हैं। कांग्रेसियों ने जिलाधिकारी कार्यालय से पहले सड़क पर सिटी मजिस्ट्रेट ने आकर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन लिया। ज्ञापन में ईडी के राजनीतिक दुरुपयोग पर रोक लगाने, कांग्रेस नेतृत्व पर दायर चार्जशीट रद्द करने और नेशनल हेराल्ड की संपत्ति को वापस करने की मांग की गई। अल्पसंख्यक कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष हाजी नुसरत अली व कांग्रेस विधि विभाग के प्रदेश सचिव दीपक मिश्रा व एडवोकेट हाजी रहीस अहमद ने कहा कि नेशनल हेराल्ड की संपत्ति जब्त करना राज्य प्रायोजित अपराध है। कांग्रेस नेता साजिद ठेकेदार, शहजादा रिजवान और अल्पसंख्यक कांग्रेस ककराला नगर अध्यक्ष फैजियाब खान ने कहा कि ईडी की कार्रवाई लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता राजीव पटेल, पुत्तन यादव व जाविर जैदी ने कहा कि ईडी की कार्रवाई सिर्फ एक कानूनी प्रक्रिया नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक विपक्ष को चुप कराने के लिए सरकार की तरफ से की गई एक संगठित साजिश है।