बरेली में गुड फ्राइडे पर शहर के शहर के गिरजाघरों में विशेष प्रार्थना सभाएं आयोजित की गईं। इस दौरान प्रभु यीशु के सात वचनों पर प्रकाश डाला गया। साथ ही बाइबिल पाठ और गीत गाए गए। क्राइस्ट मैथोडिस्ट चर्च में प्रार्थना सभा का प्रारंभ पादरी सुनील मसीह ने किया। पादरी प्रमोद नंदा ने बाइबिल का पाठ किया। चर्च क्कायर, नीलिमा बेली, दयानिधि दिल्लू, एंजलीना स्मार्ट, रमनीक मैसी, राजेश लाल, विनय जोसफ ने डॉ. सलिल बलदेव के निर्देशन में गीत गाए गए। लिली के फूलों, कांटों के ताज और क्रूस पर लाल वस्त्र सजाकर कुमकुम चंद ने चर्च को भावपूर्ण रूप दिया। डॉ. डोनल्ड बी लाल, आरपी राम, डॉ. ईएस चार्ल्स, डॉ. प्रियंका मसीह और दिल्ली से आए अतिथि वक्ता डॉ. विसेंट बेंजामिन ने अपने विचार प्रस्तुत किए। आलोकनगर स्थित इंटरडिपेंडेंट बैप्टिस्ट चर्च में इवेंजलिस्ट राज कुमार सिंह, सिस्टर ललिता सैमुअल, लवीना सैमुअल, मनीषा सिंह, इवेंजलिस्ट सारांश सैमुअल, सिस्टर अंशिका सैमुअल और सीनियर पास्टर रेव्ह. डॉ. विलियम सैमुअल ने अलग-अलग विषयों पर प्रकाश डाला। अराधना का संचालन प्रभारी पुरोहित रेव्ह. विशाल अरपन सैमुअल ने किया। बाइबिल पाठ पास्टर राजू भारती ने किया और सारांश सैमुअल ने चर्च क्वायर के साथ मिलकर स्तुति कराई। इसी तरह शहर के सभी चर्चों में अराधना की गई। सेंट अल्फोंसस महागिरजाघर में पूर्ण शुक्रवार (गुड फ्राईडे) पर सुबह से ही श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया था। यहां दोपहर तक चली प्रार्थना के बाद ‘क्रूस रास्ता’ (वे ऑफ द क्रॉस) का आयोजन जुलूस के रूप में किया गया। जुलूस में झांकी के तौर पर उस दृश्य को प्रस्तुत किया गया, जब प्रभु यीशु के दुश्मनों ने उन्हें सलीब पर चढ़ा गया था। देर शाम तक प्रभु के दुखभोग का भावपूर्वक पाठ व मनन किया गया। गुड फ्राईडे के पूजन विधि का संचालन धर्माध्यक्ष इग्नेशियस डिसूजा, फादर स्टैनी व अन्य कई पुरोहितों ने संयुक्त रूप से किया गया।