आगरा के कैलाश में रामलाल वृद्धाश्रम के पास स्थित प्राचीन सती स्थल का सिकरवार समाज ने जीर्णोद्धार करने का बीड़ा उठाया है। रविवार को समाज के लोगों ने एकजुट होकर श्रमदान करते हुए साफ-सफाई की। यहां भविष्य में सती माता का मंदिर बनाया जाएगा। वजीरपुरा पीली कोठी के कुंवर दिनेश प्रताप सिंह ने बताया कि सती स्थल 150 साल पहले स्वामी गांव का हिस्सा था। गांव काफी बड़ा था। पति की मृत्यु पर सती होने वाली माता का स्थल बनाया गया। यहां पर ग्रामीण शुभ कार्य से पहले पूजा-अर्चना के लिए आते थे। मगर, स्वामी गांव से 15 से अधिक गांव बंट गए। इनमें नगला छीतरिया, अकबरा, मांगराैल, रुनकता, मंगूरा, रायभा, नगला लालदास, कुकथला, गोपऊ, बरारा शामिल हैं। यमुना किनारे है मोटे महादेव का मंदिर : नाहर सिंह ने बताया कि यमुना किनारे पर स्वामी गांव का घाट था। यहां पर प्राचीन शिवजी का मंदिर है। इन्हें मोटे महादेव के नाम से जाना जाता है। मथुरा की तरफ से नदी पार करके आने और जाने वाले लोग मंदिर में मत्था टेकते थे। मंदिर का रास्ता अब भी कच्चा ही है। इसके बावजूद लोगों का दर्शन के लिए आना कम नहीं हुआ।