सूफी संत ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर मंदिर होने के दावे पर सपा के राष्ट्रीय महासचिव एवं सांसद राज्यसभा रामजीलाल सुमन ने अपनी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि देश में दरगाहें हिंदू मुस्लिम एकता का प्रतीक हैं। सिरफिरे माहौल बिगाड़ रहे हैं। उन्होंने कहा अजमेर दरगाह ग्यारहवीं शताब्दी की है और 1236 ईसवीं में ख्वाजा गरीब नवाज का इंतकाल हुआ। मुगल हमारे देश में 1500वीं सदी में आए थे। भारत सरकार की किताबों में और देश के इतिहास में यह सच्चाई दर्ज है।