लखनऊ विश्वविद्यालय में फीस वृद्धि के विरोध में प्रदर्शन करने वाले तीन छात्रों के निष्कासन के खिलाफ छात्र आंदोलन तेज हो गया है। लगातार चौथे दिन भी छात्रों ने परिसर में धरना देकर विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि फीस वृद्धि का विरोध करना उनका लोकतांत्रिक अधिकार है और आंदोलन में शामिल छात्रों के निष्कासन का फैसला वापस लिया जाना चाहिए। छात्रों ने निष्कासित साथियों की बहाली और फीस वृद्धि संबंधी निर्णय पर पुनर्विचार की मांग की। धरने के दौरान छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। उनका कहना है कि जब तक निष्कासन आदेश वापस नहीं लिया जाता, आंदोलन जारी रहेगा। वहीं, विश्वविद्यालय परिसर में स्थिति पर प्रशासन की नजर बनी हुई है। छात्रों ने चेतावनी दी है कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।