गायत्री परिवार ने स्काउट कुटीर परिसर से कलश यात्रा निकाली, जिसका मुख्य उद्देश्य आचार्य श्रीराम शर्मा व माता भगवती देवी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाना था, साथ ही समाज में नवजागरण लाना और बुरी आदतों को छोड़ने व नशा मुक्ति का संदेश देना भी था। यात्रा में महिलाओं व बालिकाओं ने सिर पर कलश धारण किए हुए थे, जो विभिन्न स्थानों से होते हुए गुजरती है और वहां के ग्रामीण देवता की पूजा करते हुए स्वागत करते हैं।