रंगभरी एकादशी के पावन अवसर पर इस बार खास व्यवस्था की गई है। काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में काशीवासियों को अपने महादेव की चल प्रतिमा के साथ अबीर, गुलाल और रंगों की होली खेलने के लिए आमंत्रित किया गया है। वर्षों से चली आ रही परंपरा के अनुसार बाबा की प्रतिमा बाहर से लाई जा रही है, लेकिन यह क्षेत्र अत्यंत संकरी गलियों वाला है। पुलिस और महंत परिवार की बैठक के बाद यह निर्णय लिया गया है कि प्रतिमा के साथ आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 64 तक ही सीमित रहे, जिससे अनावश्यक भीड़ न बढ़े और सुव्यवस्था बनी रहे।