मऊ जिले में ब्राह्मण विकास परिषद की बैठक सोमवार को चंद्रभानपुर स्थित संगठन के कार्यालय में हुई। इसमें 29 मार्च को उपनयन संस्कार को सकुशल संपन्न कराने के लिए चर्चा की गई। इस मौके पर परिषद के संरक्षक डॉ. एससी तिवारी ने कहा कि संस्कार के माध्यम से ही सामाजिक परिवर्तन लाया जा सकता है और कुरीतियों को दूर किया जा सकता है। रामजी उपाध्याय में कहा कि आजमगढ़ मऊ और बलिया से अधिक से अधिक संख्या में संस्कार में 251 वटुक का संस्कार कराने का लक्ष्य है।संगठन के अध्यक्ष ऋषिकेश पांडेय ने कहा कि 16 संस्कारों में दसवां संस्कार यज्ञोपवीत का होता है, जिसके कराने से ही द्रिज कहलाते हैं अर्थात दूसरा जन्म माना जाता है। जिससे बालक के बौद्धिक आध्यात्मिक और शारीरिक विकास आप प्रतीक माना जाता है और गुरु के सानिध्य में जाकर गायत्री मंत्र और अनुशासन प्राप्त करता है। आज समितियां का भी गठन कर लिया गया जो जनेऊ संस्कार और भंडारा में सहयोग करेंगे। परिषद के महामंत्री संजय कुमार त्रिपाठी ने बताया कि तीनों ऋणों से मुक्ति पाने के लिए ब्रह्मचर्य जीवन में प्रवेश करता है। आज इसके साथ ही उत्तर प्रदेश शासन द्वारा न नगर पंचायत/ टाउन एरिया में नामित सभासद यशवंत उपाध्याय, प्रेम भूषण पांडेय को परिषद द्वारा सम्मानित किया गया। बैठक में जय नारायण द्विवेदी, अवधेश तिवारी, विजय शंकर पांडेय, ओम प्रकाश शुक्ला, रमाकांत तिवारी, डॉक्टर पंकज उपाध्याय आदि शामिल थे।