मैनपुरी के घिरोर में श्री स्वामी ओंकार गिरि वेदांत आश्रम में भागवत गीता जयंती का आयोजन हुआ। स्वामी अनंतानंद गिरी ने विधि विधान से हवन किया। उन्होंने बताया कि यह दिन उस पल की याद दिलाता है, जब भगवान श्री कृष्ण ने पांच हजार वर्ष से भी पहले कुरुक्षेत्र के रण में अर्जुन को गीता का कालजयी उपदेश दिया था। गीता जयंती सिर्फ धार्मिक अनुष्ठान का दिन नहीं है। बल्कि यह भगवान कृष्ण द्वारा दिए गए सार्वभौमिक ज्ञान की याद दिलाता है। जो लाखों लोगों को उनके आध्यात्मिक और दैनिक जीवन में मार्गदर्शन प्रदान करता है। स्वामी नारायणा नंद सरस्वती महाराज ने कहा कि गीता की शिक्षा समय से परे हैं। जीवन, कर्तव्य और अस्तित्व की प्रकृति के बारे में सबसे मूलभूत प्रश्नों का उत्तर भी हैं। दिनेश चंद्र, प्रकाशचंद्र, भूपेंद्र यादव, ब्रह्मचारी, अमित शास्त्री, अशर्फीलाल, अजय यादव मौजूद रहे।