वनांचल क्षेत्र में दर्जनों जलप्रपात झरने और, दरी आसपास सहित दूर दराज के पर्यटकों को अपनी ओर बरबस ही खींच लाते हैं। जहां बरसात के मौसम में पहुंचने के लिए लोग बेताब रहते हैं। समय मिलते ही जंगलों की तरफ अपना रुख कर देते हैं।राजदरी-देवदरी जलप्रपात पर पहुंचने वाले पर्यटकों को शुल्क देने के बाद ही अंदर प्रवेश करने की अनुमति मिलती है। पर्यटक अंदर पहुंच कर खाना पीना बनाने के साथ ही चोरी छुपे मादक पदार्थ ले जाकर उसका भी सेवन करते हैं।हालांकि फिलहाल भी पुराना ही निर्धारित शुल्क पर्यटकों से जमा कराया जाता है। इसमें कोई नया निर्धारण नहीं किया गया है। कभी-कभार बिना टिकट लिए ही अंदर जाने की चाह रखने वाले लोग वनकर्मियों से भी उलझ जाते हैं। ऐसे में वनकर्मियों को काफी परेशानियां झेलनी पड़ती है। हालांकि राजदरी देवदरी जलप्रपात पर पहुंचने के लिए निर्धारित किए गए शुल्क और परिसर में मादक पदार्थ तथा गैस सिलेंडर और खाद्य सामग्रियों को ले जाने पर पूरी तरह से रोक लगाने को लेकर वर्ष 2021 में तत्कालीन जिलाधिकारी संजीव सिंह ने कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक कर अधिकारियों को दिशा निर्देश जारी किया था। वहीं उन्होंने निर्देशित किया था कि निर्धारित समय के बाद जलप्रपात स्थल परिसर में रुकने पर पर्यटकों को दोबारा टिकट लेना होगा। गलत जगह वहां खड़ा करने पर जुर्माना भी लिया जाएगा।