बदायूं में कांग्रेस के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर कांग्रेसियों का उत्पीड़न करने का आरोप लगाकर विरोध प्रदर्शन किया। उझानी की मेंथा फैक्टरी में हुई घटना पर भी सवाल उठाए। जिला कांग्रेस कमेटी ने बुधवार को जिलाधिकारी कार्यालय स्थित आंबेडकर पार्क में धरना-प्रदर्शन कर जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष ओमकार सिंह ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बिना किसी ठोस कारण के कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को नजरबंद किया जा रहा है और लॉकअप में बंद किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पुलिसिया उत्पीड़न नहीं रुका तो कांग्रेस सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन करने को विवश होगी। जितेंद्र कश्यप ने आरोप लगाया कि आए दिन कांग्रेस नेताओं के घरों पर पुलिस तैनात कर उन्हें बाहर निकलने से रोका जाता है। उनकी राजनीतिक गतिविधियों को बाधित किया जा रहा है। वहीं मुन्ना लाल सागर व सुरेश राठौर ने संयुक्त रूप से कहा कि कई बार रात 11–12 बजे कांग्रेस नेताओं को घरों से जगाकर अनावश्यक रूप से परेशान किया जाता है, जो न केवल मानसिक उत्पीड़न है बल्कि लोकतांत्रिक मर्यादाओं के भी खिलाफ है। असरार अहमद ने उझानी मेंथा फैक्टरी में तीन गार्डों की संदेहास्पद मौत पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि पहले भी इस फैक्टरी में मजदूरों की मौत हो चुकी है और यह फैक्टरी वैधानिक रूप से संचालित भी नहीं हो रही थी। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को सजा देने तथा कर्मकार क्षतिपूर्ति अधिनियम के अंतर्गत मृतक परिवारों को 25-25 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की। ज्ञापन में 11 जनवरी को मनरेगा को लेकर बीएचयू से मार्च निकाल रहे एनएसयूआई कार्यकर्ताओं पर पुलिस कार्रवाई का भी उल्लेख किया गया। धरना-प्रदर्शन में शफी अहमद, अरबाज़ रज़ी, बाबू चौधरी, डॉ. राज यादव, बन्ने खां, नदीम खान, राम प्रसाद, प्रेमपाल, धर्म सिंह, फाजिल चौधरी, समीर मंसूरी आदि मौजूद रहे।