निजामाबाद कस्बा स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा चरण पादुका साहिब में चल रहे तीन दिवसीय महान गुरमत समागम (जोड़ मेला) का रविवार को समापन हो गया। अंतिम दिन गुरुद्वारे में सिख संगतों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। गुरुद्वारा परिसर को सजाया गया था। वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतेह के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। देश के विभिन्न हिस्सों से हजारों की संख्या में संगतें पहुंचीं। मेले में चार्ट-फुलकी, जलेबी, मिठाई सहित अन्य खाद्य सामग्री की दुकानों पर दिनभर भीड़ रही। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों ने खरीदारी का भरपूर आनंद लिया। इसके साथ ही ब्लैक पॉटरी, मिट्टी के बर्तन, खिलौने और धार्मिक साहित्य की दुकानों ने भी लोगों का ध्यान आकर्षित किया। आगरा से आए संत बाबा प्रीतम सिंह की देखरेख में कस्बा में रंजीत अखाड़ा के विद्यार्थियों ने भ्रमण कर शस्त्र कला का प्रदर्शन किया। इसके बाद गुरुद्वारे के दीवान हाल में शबद कीर्तन का आयोजन हुआ, जिसमें रागी जत्थों ने गुरुवाणी का गायन कर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम में आए अतिथियों को अंगवस्त्र, सरोपा और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। बाबा सतनाम सिंह ने बताया कि लंगर हाल में आयोजित सामूहिक लंगर में करीब चार हजार श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। श्रद्धालुओं ने दरबार साहिब में मत्था टेककर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे और जगह-जगह पुलिस बल तैनात रहा।