विश्वविद्यालय अनुदान आयोग 2026 को लेकर देश भर में घमासान मचा हुआ है। लोग सोशल मीडिया के माध्यम से यूजीसी पर अपनी आपत्तियां दर्ज करा रहे हैं। कई संगठन इसके विरोध में ज्ञापन दे रहे हैं। कानून को और बेहतर व समावेशी बनाना चाहिए अंबेडकरनगर के पूर्व सांसद रितेश पांडेय ने बताया कि सामान्य वर्ग की चिंता रूल के ड्रॉफ्ट में पहले और बाद में हुए बदलाव पर है। अप्रत्यक्ष रूप से होने वाले प्रभाव को परिभाषित न करने से लोग चिंतित हैं। इन बातों को संज्ञान में लेते हुए कानून को और बेहतर व समावेशी बनाना चाहिए, ताकि कानून का उद्देश्य पूरा हो सके। सामान्य वर्ग को भयभीत होने की जरूरत नहीं है। देश में कई कानूनों का दुरुपयोग होने पर परिवर्तन किया गया है। यूजीसी को जनभावनाओं को संज्ञान में लेते हुए कानून को और पारदर्शी बनाना चाहिए।