यमुनापार के महेवा में स्थित गंगोत्रीनगर की रहने वाली दीक्षा वैश्य रोजना 15 किलोमीटर की दूरी तय कर महेवा से तेलियरगंज आती हैं और निशाना साधती हैं। दीक्षा बताती हैं कि वे एक बार मेले में गुब्बारे पर निशाना लगाने वाली दुकान पर पहुंचीं। 20 में से 18 गोली से गुब्बारे फोड़ दिए। इस पर दुकान वाले ने कहा कि निशाना इतना अच्छा है तो निशानेबाज क्यों नहीं बन जाती। इसी एक शब्द ने उन्हें निशानेबाजी के क्षेत्र में जाने के लिए प्रेरित कर दिया।