आगरा। आईसीयू में टूटती सांसों के बीच मरीजों को पौष्टिक आहार न मिलने से जान का खतरा अधिक होता है। इसके लिए इंडियन सोसाइटी ऑफ क्रिटिकल केयर मेडिसिन की ओर से एसएन मेडिकल कॉलेज में कार्यशाला आयोजित कर चिकित्सकों को प्रशिक्षण दिया गया। सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ. रणवीर त्यागी ने बताया कि आईसीयू में भर्ती मरीजों के एंटीबायोटिक दवाओं समेत अन्य इलाज पर ही चिकित्सक का ज्यादा ध्यान रहता है। ऐसे में पौष्टिक आहार नहीं मिलने से मरीज कुपोषण का शिकार होने लगता है। शारीरिक क्षमता भी प्रभावित होती है। जैसे कि सिर की चोट का मरीज है तो उसका पाचन तंत्र बेहतर कार्य करता है। ऐसे अन्य मरीजों को नाक में नली के जरिये तरल पौष्टिक भोजन पहुंचाने पर जोर दिया गया। इससे मरीज को आहार मिलता रहेगा और कुपोषण से बचाव होगा।