ज्येष्ठ अमावस्या पर गीता वाटिका मंदिर परिसर में वट सावित्री व्रत की धूम रही। सुबह से ही सुहागिन महिलाएं पारंपरिक परिधानों में वट वृक्ष की पूजा के लिए मंदिर पहुंचीं। महिलाओं ने वट वृक्ष के चारों ओर कच्चा सूत लपेटकर परिक्रमा की और पति की लंबी आयु की कामना की। पूजन में फल, मिठाई, रोली, अक्षत और भीगे चने का भोग लगाया गया। कई महिलाओं ने सावित्री-सत्यवान की कथा का श्रवण भी किया। मंदिर परिसर में भक्ति और आस्था का माहौल रहा। पूजन के बाद महिलाओं ने एक-दूसरे को व्रत की बधाई दी और प्रसाद वितरित किया।