आगरा की महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाह ने शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए धक्के खा रही जनता की गंभीर समस्या को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा। उन्होंने कहा कि वर्तमान नियम के अनुसार जन्म या मृत्यु के 21 दिन की अवधि बीतने के बाद प्रमाणपत्र की जांच का अधिकार एसडीएम के पास है। कार्यभार अधिक होने के कारण लोगों को 4-4 महीने तक भटकना पड़ रहा है। महापौर ने सुझाव दिया कि नगर निगम में तैनात पीसीएस अधिकारी को एक वर्ष तक के मामलों के निस्तारण का अधिकार दिया जाए। उन्होंने ऑनलाइन पोर्टल की धीमी गति की समस्या से भी अवगत कराया, जिससे आवेदकों को भारी परेशानी हो रही है।