यमुना सिटी कॉलोनी से लौट रहे प्रसिद्ध भागवत आचार्य मृदुल कांत शास्त्री और उनके ड्राइवर पर वृंदावन बस स्टैंड के पास कार सवार दबंगों ने जानलेवा हमला कर दिया। हमलावरों ने न केवल उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की, बल्कि गले से सोने की चेन और रुद्राक्ष की माला भी लूट ली। घटना के संबंध में कथावाचक ने कोतवाली प्रभारी को तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। घटना शनिवार दोपहर करीब 2 बजे की है। पत्थरपुरा निवासी भागवत आचार्य मृदुल कांत शास्त्री (पुत्र श्री विष्णुकांत शर्मा) अपनी गाड़ी से यमुना सिटी कॉलोनी से वापस आ रहे थे। वृंदावन बस स्टैंड के पास दिल्ली नंबर की एक कार ने ओवरटेक करने के प्रयास में उनकी गाड़ी में सामने से जोरदार टक्कर मार दी, जिससे गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई। तहरीर के अनुसार जब ड्राइवर भगवान सिंह ने टक्कर का विरोध किया, तो विपक्षी कार से सुरेंद्र सिंह नामक व्यक्ति अपने पांच अन्य साथियों (जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं) के साथ नीचे उतरा। आरोप है कि इन लोगों ने उतरते ही गाली-गलौज शुरू कर दी और मृदुल कांत शास्त्री के साथ बुरी तरह मारपीट की। हमलावरों ने उनके कपड़े फाड़ दिए और गले से सोने की चेन व रुद्राक्ष की माला तोड़कर गायब कर दी। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि हमलावरों ने उन पर जान से मारने की नीयत से हमला किया था। शोर सुनकर मौके पर पहुंचे गोपाल दास और सोनू वर्मा ने बीच-बचाव कर शास्त्री जी और उनके ड्राइवर को बचाया। भागवत आचार्य मृदुल कांत शास्त्री ने कोतवाली वृंदावन में लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए पुलिस से मांग की है कि उनका व ड्राइवर का मेडिकल कराकर दोषियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जाए और उचित कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए। पुलिस अब इस मामले की जांच में जुट गई है।