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एमएसएमई को देरी से भुगतान पर टैक्स प्रावधानों की हो समीक्षा

Shikha Pandey Updated Thu, 26 Feb 2026 08:30 PM IST

कानपुर इनकम टैक्स बार एसोसिएशन की ओर से बुधवार को सिविल लाइंस स्थित सभागार में पोस्ट-बजट मेमोरेंडम पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। वक्ताओं ने एमएसएमई को देरी से भुगतान पर टैक्स प्रावधानों की समीक्षा करने की बात रखी। मुख्य वक्ता सीए धर्मेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि केंद्र सरकार को सुझाव भेजे गए हैं। इसमें लघु एवं सूक्ष्म उद्योगों को राहत उेने के लिए कहा गया है। एमएसएमई को देरी से भुगतान पर टैक्स के प्रावधानों की समीक्षा की जाए। वर्तमान व्यवस्था से एमएसएमई क्षेत्र पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। व्यापारिक व्यवहार में अनावश्यक बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं। साल 2025 में लागू सरलीकृत कर स्लैब संरचना को डिफॉल्ट व्यवस्था के रूप में जारी रखा जाए। निवासी व्यक्तियों के लिए मूल कर-मुक्त सीमा 5 लाख निर्धारित की जाए। कटौतियों का सरलीकरण हो। सीए दीप कुमार मिश्र ने कहा कि उद्योगों, व्यापारियों और करदाताओं को वास्तविक राहत दी जाए। इस मौके पर प्रदीप कुमार द्विवेदी, शरद सिंघल, मनीष श्रीवास्तव, अमिताभ सिंह, राजीव कुमार गुप्ता, अरविंद नाथ सिंह, दिलीप तिवारी, अवधेश मिश्र आदि मौजूद रहे।

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