मथुरा के कोसीकलां में राजमार्ग पर स्थित अग्रसेन वाटिका में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ रविवार को भव्य कलश यात्रा के साथ किया गया। कलश यात्रा पंचशील कॉलोनी से शुरू होकर पुरानी जीटी रोड, अग्रसेन मार्ग, भगवती रोड होते हुए भगवती मंदिर पर संपन्न हुई। इस दौरान पूरा क्षेत्र राधे-राधे और हरे कृष्णा के जयघोष से गुंजायमान हो उठा। कलश यात्रा में 151 महिलाएं और युवतियां पीले और लाल रंग के पारंपरिक परिधानों में सिर पर मंगल कलश धारण कर चल रही थीं। रास्ते में पुष्पवर्षा कर श्रद्धालुओं का स्वागत किया गया। इससे पूर्व कथा स्थल पर मुख्य यज्ञमान जगदीश शर्मा सुपानिया, रामकिशन कौशिक, रामनारायण, रामकुमार शर्मा आदि ने हवन पूजन किया गया। कथा का शुभारंभ करते हुए कथावाचक अनुराग कृष्ण शास्त्री महाराज ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा, ऐसी कथा है, जो जीवन के उद्देश्य एवं दिशा को दर्शाती है। इसलिए जहां भी भागवत कथा होती है, इसे सुनने मात्र से वहां का संपूर्ण क्षेत्र दुष्ट प्रवृत्तियों से खत्म होकर सकारात्मक उर्जा से सशक्त हो जाता है। उन्होंने कहा कि कथा की सार्थकता तभी सिद्ध होती है, जब इसे हम अपने जीवन और व्यवहार में धारण करें। श्रीमद्भागवत कथा के श्रावण से जन्म जन्मांतर के विकार नष्ट होकर प्राणी मात्र का लौकिक व आध्यात्मिक विकास होता है। सुभाष शर्मा, जेपी शर्मा, पदम शर्मा, पिंटू उपाध्याय आदि साथ चल रहे थे।