मुरादाबाद में हजरत शाह इस्हाक मियां सालाना उर्स के आखिरी दिन जायरीन हाजिरी लगाने पहुंचे। दरगाह पर चादरपोशी कर मन्नतें मांगी। वहीं कव्वाल रईस अनीस साबरी और जावेद अजीम ने कलाम पेशकर समां बांध दिया। सज्जादानशीन इकबाल इस्हाकी ने बताया कि जोहर की नमाज के बाद कुरानख्वानी हुई। मगरीब की नमाज के बाद कुल शरीफ का आयोजन किया गया।