शासन स्तर से स्वास्थ्य सेवाओं पर खूब फोकस किया जा रहा है, लेकिन जिला अस्पताल महज 10 डॉक्टरों के भरोसे चल रहा है। ऐसे में अस्पताल में काम चलाऊ व्यवस्था में काम किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि यहां डॉक्टरों के 20 पद स्वीकृत हैं, 10 पद खाली हैं। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में रोजाना 100 के करीब मरीज पहुंचते हैं। इसमें हादसे में घायल से लेकर अन्य गंभीर मरीज पहुंचते हैं। इमरजेंसी में विशेषज्ञ डॉक्टर के तौर पर चार ईएमओ (इमरजेंसी मेडिकल ऑफीसर) पद स्वीकृत हैं, जोकि सालों से रिक्त हैं। ऐसे में ओपीडी में मरीजों को देखने वाले विशेषज्ञ डॉक्टर चार शिफ्टों में इमरजेंसी की बागडोर संभाल रहे हैं। ऐसे में ओपीडी भी प्रभावित हो रही है। जबकि जिला अस्पताल की ओपीडी इन दिनों 600 के पार जा रही है।