डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली फिर सवालों के घेरे में आ गई है। छात्र-छात्राओं को जारी प्रवेशपत्र में कई विसंगतियां सामने आई हैं। कुछ प्रवेशपत्र में रोल नंबर ही नहीं है तो कुछ में विषय नहीं दिख रहा है। यही नहीं प्रशासन ने 19 जून तक की परीक्षा का संशोधित कार्यक्रम जारी किया है जबकि प्रवेशपत्रों में 23 जून तक का ब्योरा है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने शुक्रवार को एलएलबी और बीएएलएलबी का संशोधित परीक्षा कार्यक्रम जारी किया है। इसके अनुसार परीक्षाएं 25 मई से 19 जून तक आयोजित होंगी। हालांकि छात्रों के प्रवेशपत्रों में परीक्षा तिथि 23 जून तक दर्शाई गई है। प्रवेशपत्रों में कहीं रोल नंबर तो कहीं विषय का जिक्र न होने से छात्र-छात्राओं में भ्रम की स्थिति बनी हुई है। उन्हें डर है कि ऐसी लचर व्यवस्था कहीं उन पर ही भारी न पड़ जाए। परीक्षाओं से ठीक पहले सामने आई इन खामियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परीक्षा नियंत्रक डॉ. ओमप्रकाश ने बताया कि इसकी जांच की जाएगी। तकनीकी खामी है तो उसको सही किया जाएगा और अगर लापरवाही है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई होगी। साथ ही, छात्र अपना प्रवेशपत्र दोबारा डाउनलोड कर लें हो सकता है अपडेट न हो पाया हो। बीते महीने घोषित हुए विधि के परिणाम में भी अनियमितताएं सामने आई थीं। करीब 80 प्रतिशत छात्र विधि की परीक्षा में फेल कर दिए गए थे। बाद में जब छात्रों की ओर से विरोध किया गया और ओएमआर शीट खुलवाने की मांग की गई तो विश्वविद्यालय ने ओएमआर शीट खोलने का निर्णय लिया। मिलान करने पर उनमें से ही कई छात्र पास हो गए। अब प्रवेशपत्र में अनियमितता मिलने पर विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।