उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) के चेयरमैन आशीष कुमार गोयल की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये हुई समीक्षा बैठक में आगरा जोन का फतेहाबाद डिवीजन चर्चा का केंद्र रहा। प्रदेश में बिजली संकट पर मंथन के लिए बुलाई गई इस बैठक में चेयरमैन ने नए वित्त वर्ष के कार्यों पर सभी अधिकारियों को सतर्कता बरतने की हिदायत दी। चेयरमैन ने डीवीवीएनएल के फतेहाबाद डिवीजन में टेंडर घोटाले का उदाहरण देते हुए सभी अधीक्षण अभियंताओं (एसई) को सचेत किया। उन्होंने कहा कि टेंडर प्रक्रिया के दौरान लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बता दें, कि फतेहाबाद विद्युत वितरण मंडल कार्यालय में वित्तीय वर्ष 2023-24 से लेकर 2025-26 के बीच करीब 30 करोड़ रुपये का टेंडर घोटाला सामने आया था। जांच में पता चला कि नियमों को ताक पर रखकर 54 टेंडर विभागीय पोर्टल पर अपलोड किए बिना ही पसंदीदा फर्मों को आवंटित कर दिए गए। इसके अलावा 74 अन्य टेंडरों में भी गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। इस तरह कुल 128 टेंडरों में हेराफेरी की गई। हद तो तब हो गई जब घोटाले के साक्ष्य मिटाने के लिए 123 सरकारी पत्रावलियां (फाइलें) तक जला दी गईं। आंतरिक जांच में आरोप सही पाए जाने पर दो एसई सहित नौ अधिकारियों-कर्मचारियों और 13 ठेकेदारों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जा चुकी है, जिसकी जांच फिलहाल पुलिस कर रही है।