देश को राष्ट्रीय एकता के सूत्र में पिरोती, भारत की अर्थव्यवस्था और समृद्धि का आधार मां गंगा के अवतरण दिवस 'गंगा दशहरा' के अवसर पर सोमवार को नमामि गंगे ने श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के गंगा द्वार पर मानव श्रृंखला बनाकर गंगा का आभार जताया । हाथ से हाथ जोड़कर गंगा के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की गई। भारत में कृषि की प्राणवायु , सिंचाई का स्रोत मां गंगा के संरक्षण के लिए सभी से जुड़ने की अपील की गई । सनातनी संस्कृति की संवाहिका मां गंगा की स्वच्छता के लिए सभी को शपथ दिलाई गई। नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक व नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला ने इस अवसर पर कहा कि मां गंगा केवल एक नदी नहीं, बल्कि भारत की अनंत आस्था, सांस्कृतिक चेतना और विशाल अर्थव्यवस्था की जीवन रेखा हैं। यह पवित्र धारा भारत की लगभग 40% से अधिक आबादी और कृषि क्षेत्र को जल, खाद्य एवं आर्थिक सुरक्षा प्रदान कर रही है। गंगा हमारी अर्थव्यवस्था और कृषि की रीढ़ हैं। गंगा के किनारे बसे तीर्थ स्थल भारत के पर्यटन उद्योग की रीढ़ हैं, जो करोड़ों श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित करते हैं । गंगा भारत की जीवनरेखा और हमारी सबसे पवित्र धरोहर है इसके संरक्षण के लिए केवल सरकारी प्रयास पर्याप्त नहीं हैं । यह हम सभी का नैतिक दायित्व है कि हम एकजुट होकर इसे स्वच्छ और अविरल बनाए रखने में अपना योगदान दें। आयोजन में शिवानी कश्यप, सीमा भारद्वाज, आकांक्षा चंद्रमूर्ति, सीतारमण, रामेश्वरी सहित बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे।