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अंजुमनों ने निकाला अमारी ताबूत दुलदुल और अलम का जुलूस, VIDEO

Aman Vishwakarma Updated Sat, 22 Aug 2026 06:20 PM IST

घोसी नगर के बड़ागांव में शनिवार को कर्बला में शहीद होने के बाद इमाम हुसैन के काफिले के बचे लोगो को यजीद के चंगुल से आजाद होने के बाद मदीना पहुचने की याद अय्यामे अज़ा के आखरी दिन के अवसर पर अमारी ताबूत दुलदुल और अलम का जुलूस निकाला गया। इस अवसर पर अंजुमनों ने नौहा पेश किया। नौहा सुनकर लोगों की आंखें नम हो जा रही थी।बड़ागांव के पूरब मोहल्ला मस्जिदे ज़हरा से पैग़ंबर मुहम्मद साहब के नवासे इमाम हुसैन जो 28 रजब स: 61 हिजरी को जो काफिला कर्बला शांति का संदेश देने गया था और वहां 10 मोहर्रम को उनके परिवार और उनके साथियो के लोगो को बेदर्दी के साथ कत्ल कर दिया गया था। साथ ही उन के परिवार और काफिले के बचे लोगो को यजीद द्वारा कैद कर एक साल तक शाम के कैद खाना में रखा गया, जहां पर लोगो के विरोध के बाद इमाम हुसैन की बहन ज़ैनब के साथ उनके परिवार के सभी लोगो को छोड़ा गया। लोग आज ही के दिन मदीना मुहम्मद साहब के कब्र के पास पहुंचे। इस घटना की याद में मस्जिदे ज़हरा से अलम व ताबूत व अमारी का जुलुस धार्मिक रीति-रिवाज के साथ निकल कर अपने परंपरागत रास्तों से होते हुए छोटे फाटक, मदरसा हुसैनिया, नीमतले, बड़े फाटक हुते हुए देर शाम राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित शिया सदर इमामबाड़ा पर पहुंच कर समाप्त हुआ। सभी अंजुमनों ने 'बड़े खुलूस में फर्श-ए-अजा बिछाता है, हुसैन आपको हिंदुस्तान बुलाता है '... नौहा पेश किया। नौहा सुनकर लोगों की आंखें नम हो जा रही थी।

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