गोंडा में सिस्टम की खामियों से लोगों को इलाज नहीं मिल पा रहा है। इटियाथोक के कुकुरिहा निवासी सरवरा बानों को एक साल से पेट में दर्द हो रहा है। वह आयुष्मान भारत योजना के तहत मुफ्त उपचार के लिए चयनित हैं, लेकिन सिस्टम की खामियों के कारण उन्हें उपचार नहीं मिल रहा है। पीएम की ओर से मिली चिट्ठी में उनकी उम्र 125 वर्ष अंकित है। जबकि, आधार कार्ड में सरवरा की उम्र मात्र 40 वर्ष है। इससे गोल्डन कार्ड का सत्यापन नहीं हो सका। महिला दर्द के साथ ब्लॉक से लेकर सीएमओ कार्यालय के चक्कर काट रही हैं। इसी प्रकार बड़ी संख्या में लाभार्थियों के दर्द में आयुष्मान का मरहम नाकाम साबित हो रहा है। इसी तरह शहर के पटेलनगर निवासी शाहिद अली को आंख का ऑपरेशन कराना है, आयुष्मान भारत योजना के तहत गोल्डन कार्ड भी बना है। एक निजी अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती होने के बाद गोल्डन कार्ड अप्रूब नहीं हुआ। आधारकार्ड व गोल्डन कार्ड के नाम में एक अक्षर का अंतर है। मरीज का ऑपरेशन टल गया। मुख्यालय के पास एक गांव के रहने वाले नंद किशोर कैंसर से पीड़ित हैं। इन्हें लखनऊ मेडिकल कॉलेज में उपचार कराना है लेकिन, इनके एप्रूबल का स्टेटस भी लंबित दिखा रहा है। आयुष्मान भारत योजना के जिला शिकायत निवारण प्रबंधक शिवांशु मिश्र के अनुसार प्रतिदिन आठ से दस शिकायतें आ रही हैं, जिसमें गोल्डन कार्ड व आधार कार्ड में अंतर होने के कारण अप्रूब नहीं हो पा रहा है। सूचना उच्च अधिकारियों को भेजी गई है। जिला कार्यक्रम प्रबधंक डॉ. संदीप तिवारी ने बताया कि लाभार्थी सूची में त्रृटि के कारण परेशानी हो रही है। एसीएमओ डॉ. सीके वर्मा ने बताया कि सीएमओ कार्यालय पर जितने भी शिकायत दर्ज हो रहे हैं, उन्हें स्टेट को भेज दिया जाता है। जिले में संशोधन का कोई विकल्प नहीं है। जिन लाभार्थियों के राशन कार्ड व आधार कार्ड में त्रुटि होती है। उन्हें संबंधित विभाग से संशोधन कराने का सुझाव दिया जाता है।