फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Supreme Court Constitutes Five-Member Panel to Probe Excessive Force Against Jantar Mantar Protesters

जंतर-मंतर प्रदर्शन: सुप्रीम कोर्ट ने बनाई 5 सदस्यीय समिति, प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग के आरोपों की होगी जांच

Thu, 20 Aug 2026 04:55 PM IST
शिवम गर्ग न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवम गर्ग Updated Thu, 20 Aug 2026 04:55 PM IST
सार

सुप्रीम कोर्ट ने जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान पुलिस, अर्धसैनिक बलों और अन्य सुरक्षा कर्मियों पर लगे कथित अत्यधिक बल प्रयोग के आरोपों की जांच के लिए पांच सदस्यीय हाई-पावर्ड कमेटी गठित की है। जस्टिस आर. सुभाष रेड्डी की अध्यक्षता वाली समिति पैलेट गन, लाठीचार्ज, आंसू गैस, महिला प्रदर्शनकारियों से कथित हिंसा, पुलिस निगरानी, मेडिकल सहायता और मुआवजे समेत कई पहलुओं की जांच करेगी।

विज्ञापन
Supreme Court Constitutes Five-Member Panel to Probe Excessive Force Against Jantar Mantar Protesters
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस, अर्धसैनिक बलों और अन्य सुरक्षा कर्मियों की ओर से कथित तौर पर किए गए अत्यधिक बल प्रयोग के आरोपों की जांच के लिए पांच सदस्यीय हाई-पावर्ड इंक्वायरी कमेटी (HPEC) का गठन किया है। समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस आर. सुभाष रेड्डी करेंगे।

विज्ञापन

समिति में कौन-कौन शामिल हैं?

इस पांच सदस्यीय समिति में जस्टिस आर. सुभाष रेड्डी के अलावा पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश रवि शंकर झा और दिल्ली हाईकोर्ट की पूर्व न्यायाधीश जस्टिस शालिंदर कौर शामिल हैं। इसके अलावा पूर्व सीबीआई निदेशक ऋषि कुमार शुक्ला और मेघालय के सेवानिवृत्त पुलिस महानिदेशक डॉ. एलआर बिश्नोई भी समिति के सदस्य हैं।

विज्ञापन

प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग के किन आरोपों की होगी जांच?

समिति प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पैलेट गन, इलेक्ट्रिक बैटन, लाठीचार्ज और आंसू गैस के कथित अत्यधिक इस्तेमाल से जुड़े आरोपों की जांच करेगी। इसके साथ ही महिला प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित हिंसा और पुलिस निगरानी से जुड़े आरोप भी समिति के दायरे में होंगे। समिति यह भी देखेगी कि प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा बलों की ओर से उठाए गए कदम स्थिति के अनुपात में थे या नहीं। इसके अलावा घायलों को दी गई चिकित्सीय सहायता और पीड़ितों को मुआवजे से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

पुलिस और सार्वजनिक संपत्ति से जुड़े आरोपों का क्या होगा?

समिति केवल प्रदर्शनकारियों की शिकायतों तक सीमित नहीं रहेगी। अधिकारियों की ओर से पुलिस कर्मियों के खिलाफ हुई हिंसा और सार्वजनिक संपत्ति को हुए नुकसान से जुड़े आरोपों पर भी विचार किया जाएगा। इस तरह समिति प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा बलों की कार्रवाई और अधिकारियों की ओर से उठाए गए संबंधित आरोपों, दोनों पहलुओं की जांच करेगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed