गोंड समाज के युवाओं ने जाति प्रमाण पत्र जारी करने की मांग को लेकर जिलाधिकारी अपना-अपना आवेदन पत्र सौंपा। इस दौरान कार्यालय से आवास पर जा रहे जिलाधिकारी ने युवाओं की समस्याओं को सुना और उसके निस्तारण का भरोसा दिलाया।गोंड समाज के युवाओं का कहना है कि उप्र लेखपाल भर्ती में 160 सीटें तथा पुलिस भर्ती में 647 सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है। इन आरक्षित सीटों पर आवेदन करने के लिए अनुसूचित जनजाति प्रमाण-पत्र अतिआवश्यक है। गोंड अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र के लिए तहसील का कई महीनों से चक्कर लगा रहे हैं। तहसीलदार कार्यालय में ऑफलाइन आवेदन जमा है लेकिन ऑनलाइन आवेदन करने पर आवेदन बार-बार अस्वीकृत कर दिया जा रहा है। जबकि पूर्व में दादा, पिता व भाई का गोंड अनुसूचित जनजाति का प्रमाण-पत्र तहसील से जारी हुआ है। इस दौरान जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने कहा कि जिनके परिवार में पूर्व में दादा, पिता, भाई, बहन का गोंड जाति प्रमाण पत्र बना है उसके आधार पर गोंड जनजाति प्रमाण पत्र जारी होगा। उन्होंने गोंड जाति का दर्जनों आवेदन एकत्रित कराए और अपने कार्यालय में जमा कराए। छात्र-छात्राओं का कहना है कि सदर तहसील से गोंड जनजाति प्रमाण पत्र जारी हुआ है। उसी तरह हम सभी का भी जारी किया जाए, यदि समय रहते हम लोगों का गोंड अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र जारी नहीं किया जाता है तो बाध्य होकर धरना प्रदर्शन और आमरण अनशन भूख हड़ताल करने के लिए भी बाध्य होंगे। जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी जिला और तहसील प्रशासन की होगी। इस मौके पर दिशु गोंड, निधि कुमारी, बिट्टू गोंड, सुमन गोंड, सतीश गोंड, सोनू कुमार, अंजेश गोंड, विशाल गोंड, गोलू गोंड, निलेश कुमार, मुकेश गोंड, राहुल गोंड आदि रहे।